03/06/2026
राजस्व मंत्री ने राज्यपाल से की मुलाकात, जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ वन भूमि आवंटन को मंजूरी देने का किया आग्रह
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री Jagat Singh Negi जगत सिंह नेगी ने सोमवार सायं लोक भवन में राज्यपाल Kavinder Gupta कविंद्र गुप्ता से भेंट कर जनजातीय क्षेत्रों के पात्र निवासियों को नौतोड़ वन भूमि आवंटन को मंजूरी देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में सरकार के गठन के तुरंत बाद राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ भूमि आवंटन के लिए वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के प्रावधानों से छूट प्रदान करने का अनुरोध किया था।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत नौतोड़ वन भूमि को मंजूरी देने का अधिकार राज्यपाल के पास है। उन्होंने आग्रह किया कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत लागू प्रतिबंधों को हटाया जाए, ताकि जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों के पात्र युवाओं एवं परिवारों को भूमि आवंटन का लाभ मिल सके।
मंत्री ने कहा कि राज्यपाल जनजातीय हितों के संरक्षक हैं और उनका सहयोग जनजातीय समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने राज्यपाल को अवगत कराया कि वर्ष 2014, 2016 और 2018 में भी वन संरक्षण अधिनियम से इसी प्रकार की छूट प्रदान की गई थी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला था।
श्री नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सीमित भूमि स्वामित्व के कारण बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में नौतोड़ भूमि उपलब्ध कराना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पलायन रोकने के लिए आवश्यक है। नौतोड़ भूमि नीति के तहत पात्र परिवारों को अधिकतम 20 बीघा भूमि आवंटित की जा सकती है।
राज्यपाल ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की और आश्वासन दिया कि इस संबंध में शीघ्र उचित निर्णय लिया जाएगा।