08/07/2026
खजियार को मिनी स्विट्जरलैंड का दर्जा मिलने के 34 वर्ष पूरे होने पर भविष्य का खाका तैयार....
नेकसिंह ठाकुर
(साहो वैली न्यूज)
चंबा....
खजियार दिवस पर उमड़ा उत्साह, पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासनिक अफसरों व हितधारकों ने मिलाया हाथ....
सात जुलाई 1992 को मिला था मिनी स्विट्जरलैंड का आधिकारिक दर्जा, यादों को संजोने जुटे देश-विदेश के सैलानी और स्थानीय लोग
जिला पर्यटन विकास अधिकारी सहित नाट आन मैप, मिस्टिक विलेज, पर्यटन, मंदिर, टैक्सी, होटल और पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने तय की साझी जवाबदेही
स्वच्छ, हरित एवं सतत खजियार की थीम पर स्वच्छता अभियान चलाकर लिया प्रकृति और विरासत को बचाने का संकल्प।
चंबा जिला के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजियार के लिए सात जुलाई का दिन एक बार फिर ऐतिहासिक गौरव के रूप में जीवंत हो उठा। इस दिन से ठीक 34 वर्ष पूर्व (7 जुलाई 1992) खजियार को आधिकारिक रूप से वैश्विक मानचित्र पर मिनी स्विट्जरलैंड का दर्जा मिला था। इस ऐतिहासिक स्मृति को सहेजने और खजियार को विश्व स्तरीय, स्वच्छ व जिम्मेदार पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को खजियार दिवस 2026 का भव्य आयोजन किया गया। स्वच्छ, हरित एवं सतत खजियार की ओर एक कदम के मुख्य संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के तमाम हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर पर्यटन से जुड़े विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। कार्यक्रम में नाट आन मैप के प्रतिनिधि मनुज शर्मा, मिस्टिक विलेज खजियार, खज्जीनाग सेवा समिति, खज्जीनाग मंदिर कमेटी, पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन, टैक्सी एसोसिएशन और होटल एसोसिएशन खजियार तथा चलो चंबा अभियान से जुड़े लोग सहित जिला पर्यटन विकास अधिकारी चंबा राजीव मिश्रा, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारकों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में खजियार को अधिक पर्यटक-अनुकूल बनाने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई। इस दौरान सामूहिक निर्णय लिया गया कि सामुदायिक एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर कमेटी का गठन किया जाएगा। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ भी तालमेल बिठाया जाएगा। इस दौरान जय खाज्जीनाग महाराज और जय खजियार के जयघोष और व्यापक स्वच्छता अभियान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सभी सदस्यों ने अंत में संकल्प लिया कि प्रशासन, स्थानीय संस्थाओं और पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों से खजियार को देश-विश्व के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर नाट आन मैप की ओर से राजेश, ज्योति, सिद्धार्थ, क्षितिज, सुरेंद्र ठाकुर, अनिल व अंकिता मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
-बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपग्रेड करना
-कूड़ा प्रबंधन के लिए कड़े नियम और डस्टबिन की उचित व्यवस्था।
-पीक सीजन में लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए नए पार्किंग स्थल चिन्हित करना।
-पैराग्लाइडिंग सहित अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स को सुरक्षित और सुचारू बनाना।
-खजियार मैदान और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करना।
-पर्यटन से होने वाली आय और रोजगार में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- देवदार व चीड़ के घने जंगलों और केंद्र में स्थित तश्तरीनुमा झील को प्रदूषण मुक्त रखना।
पांच इंद्रियां और पर्यटन थीम पर हुआ सामूहिक विचार-विमर्श
समारोह के दौरान खजियार और पर्यटन के पांच अनुभव विषय पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सैलानियों के लिए पांचों इंद्रियों के स्तर पर अनुभव बेहतर होना चाहिए। देखना यानी, खजियार की प्राकृतिक सुंदरता का मूल रूप। सुनना यानी यहां की शांति और स्थानीय अनूठी संस्कृति व लोक संगीत, सूंघना यानी देवदार के जंगलों की शुद्ध और ताजा हवा, स्वाद यानी पारंपरिक चंबयाली व्यंजनों (चंबयाली धाम व चख) को पहचान दिलाना तथा
महसूस करना यानी पहाड़ों की पारंपरिक मेहमान नवाजी का अहसास कराना शामिल रहा।
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6,194 किलोमीटर दूर बर्न से जुड़ा है खजियार का रिश्ता
सात जुलाई 1992 को स्विट्जरलैंड सरकार के तत्कालीन महानिदेशक वाल्टर ल्यू खजियार की सुंदरता से इस कदर मंत्रमुग्ध हुए थे कि उन्होंने इसे आधिकारिक तौर पर मिनी स्विट्जरलैंड का नाम दिया था। खजियार दुनिया के उन चुनिंदा 160 स्थानों में शामिल है, जिन्हें मिनी स्विट्जरलैंड का दर्जा प्राप्त है। यहां लगा पीला स्विस हाइकिंग साइनपोस्ट आज भी स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न से इसकी सटीक दूरी 6,194 किलोमीटर दर्शाता है।
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खजियार चंबा ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का गौरव है। 34 वर्ष पूर्व मिले इस वैश्विक दर्जे की गरिमा को बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा मुख्य ध्यान अब खजियार को केवल एक टूरिस्ट स्पाट के रूप में ही नहीं, बल्कि इको-टूरिज्म और सस्टेनेबल टूरिज्म के एक आदर्श माडल के रूप में विकसित करना है।प्रशासन स्थानीय युवाओं और हितधारकों के साथ मिलकर खजियार की प्राकृतिक सुंदरता को अक्षुण्ण रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजीव मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी चंबा।
यह जानकारी नाट आन मैप सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने दी उन्होंने कहा कि
खजियार की असली ताकत यहां की प्राकृतिक विरासत और स्थानीय संस्कृति है। वैश्विक स्तर पर आज का सैलानी केवल घूमना नहीं चाहता, बल्कि वह एक जिम्मेदार और गहरा अनुभव चाहता है। नाट आन मैप हमेशा से सामुदायिक पर्यटन को लेकर कार्य कर रहा है। खजियार दिवस के इस मौके पर स्थानीय समुदायों, युवाओं और होमस्टे संचालकों को सशक्त बनाने पर जोर दे रहे हैं।