13/07/2026
कॉलेज बंद करने और कक्षाएं समाप्त करने का फैसला विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ : एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जिला चंबा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को एडीएम चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में कॉलेज बंद करने तथा विभिन्न महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम समाप्त करने के निर्णयों का विरोध जताया।
जिला संयोजक अंशु नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णय छात्र हितों के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आकांक्षी जिला चंबा के दूरदराज क्षेत्र स्थित भलेई महाविद्यालय को बंद करने का निर्णय ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। उनका कहना था कि भलेई के विद्यार्थियों के लिए निकटतम तेलका महाविद्यालय में भी बी.कॉम. की कक्षाएं बंद करने का निर्णय लिया गया है, जबकि भरमौर महाविद्यालय में बी.एससी. कक्षाएं समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी।
अंशु नेगी ने कहा कि शिक्षा का विस्तार होना चाहिए, संस्थानों का संकुचन नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंबा जिले के सलूणी, तीसा, बनीखेत और लिलह महाविद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों के अनेक पद रिक्त पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
एबीवीपी ने सरकार से मांग की कि बंद किए गए महाविद्यालयों को पुनः संचालित किया जाए, बी.एससी. और बी.कॉम. की समाप्त की गई कक्षाओं को तत्काल बहाल किया जाए तथा सभी रिक्त शिक्षकों के पद शीघ्र भरे जाएं।
परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
इस दौरान अर्पित जरयाल, कृष राणा, रोहित ठाकुर, विवेक ठाकुर, तुषार मेहता, प्रदीप कुमार और मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।