Royal Jaat

Royal Jaat royal Jaat �����

08/12/2023
25/09/2021

ऑटो सेक्टर का दर्द सबको दिख रहा है किसान का दर्द किसी ने नही देखा

Sonu Sood ने दिया Media के तीखे सवालों के जवाब, Money Fraud मामले में तोड़ी चुप्पी और दिया मुंह तोड़ जवाब .....मुझे अपने न...
21/09/2021

Sonu Sood ने दिया Media के तीखे सवालों के जवाब, Money Fraud मामले में तोड़ी चुप्पी और दिया मुंह तोड़ जवाब .....मुझे अपने नाम खराब होने से कोई फर्क नहीं पड़ता पर मैंने जो नेक काम शुरू किया वो हमेशा चलते रहना चाहिए और नाम खराब होने के बाद भी Sonu के घर के बाहर जारी लोगों की भीड़ बहुत ही प्यार से सुना फिर गरीबों के मसीहा ने सबका दुःख

Jay Bholenath
11/09/2021

Jay Bholenath

कल शाम को मैं नसीरपुर सब्जी मंडी गया था सब्जी लेने। देखा एक घोड़ागाड़ी पर सफेद, लालिमा युक्त और काले रंग के बड़े-बड़े पत...
08/09/2021

कल शाम को मैं नसीरपुर सब्जी मंडी गया था सब्जी लेने। देखा एक घोड़ागाड़ी पर सफेद, लालिमा युक्त और काले रंग के बड़े-बड़े पत्थर लदे हैं और पास ही एक व्यक्ति तराजू लिए खड़ा था। हर कोई उसकी तरफ एकबार देखते फिर बढ़ जाते सब्जी मंडी की तरफ। लेकिन मैं उनके पास गया और पूछा यह क्या है? उन्होंने कहा प्राकृतिक नमक! बस मैं रूक गया उनके पास और जानकारी इकट्ठी करने लगा।
उन्होंने अपना नाम श्री कृष्ण कुमार और धाम सुन्दर विहार, दिल्ली (रेडीसन होटल के पीछे) तथा मोबाइल नंबर 8766375697 बताया। इनका पैतृक गांव नूरनखेड़ा या नूसखेड़ा , तहसील गौहाना, सोनीपत, हरियाणा है।
इनके खानदान के लोग पाकिस्तान से ट्रक द्वारा शुद्ध पहाड़ी नमक का आयात करते हैं और देश के अंदर अमृत बाँटते हैं।
उनकी घोड़ागाड़ी पर #सेंधा_नमक, #काला_नमक, #लाल_फिटकिरी, #सफेद_फिटकिरी इत्यादि लदे थे। इसमे लाल फिटकरी का बड़ा ही औषधीय महत्व है। खैर मेरे वहाँ रूकने और पूछताछ करने से वहाँ भीड़ बढ़ गई और उनकी बिक्री होने लगी। इसप्रकार उनको मुझसे खुशी भी मिली मैंने भी हर नमक और फिटकरी खरीदी जो बाजार से लगभग 40% कम मूल्य पर और माॅल के वनीस्पत 50% कम मूल्य पर मिल रहे थे।
इसका फायदा आपलोग भी उठा सकें इसलिए उनका नम्बर भी साझा कर दिया। इसके बारे मे और जानकारी इस प्रकार है-

सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-
आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock salt) । सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है। पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को ‘सेंधा नमक’ या ‘सैन्धव नमक’, लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है । जिसका मतलब है ‘सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ’। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है । वहाँ से ये नमक आता है। मोटे मोटे टुकड़ो मे होता है आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले। काला नमक ,सेंधा नमक प्रयोग करे, क्यूंकि ये प्रकर्ति का बनाया है ईश्वर का बनाया हुआ है। और सदैव याद रखे इंसान जरूर शैतान हो सकता है लेकिन भगवान कभी शैतान नहीं होता।

भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है , उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है,
हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो (अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ , आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई । और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था । उसकी जगह आओडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।

दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आओडीन युक्त नमक 40 साल पहले ban कर दिया अमेरिका मे नहीं है जर्मनी मे नहीं है फ्रांस मे नहीं ,डेन्मार्क मे नहीं , डेन्मार्क की सरकार ने 1956 मे आओडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों ?? उनकी सरकार ने कहा हमने मे आओडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए ! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया ! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवाओ तो उन्होने बैन लगाया। और शुरू के दिनो मे जब हमारे देश मे ये आओडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक भारत मे बिक नहीं सकता । वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट मे मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया।

आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ।

सेंधा नमक के फ़ायदे:-

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline) क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।

ये नमक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है । और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत मे सब सेंधा नमक ही खाते है। तो आप सोचिए जो समुंदरी नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है ??

सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis) का अटैक आने का सबसे बढ़ा जोखिम होता है सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है।

यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है।

समुद्री नमक के भयंकर नुकसान :-

ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डाल रही है। अब आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है । दूसरा होता है “industrial iodine” ये बहुत ही खतरनाक है। तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल को पूरे देश को बेच रही है। जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है । ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है।

आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है । इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है । जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ्ने से ये सब 48 रोग आते है । ये नमक पानी कभी पूरी तरह नहीं घुलता हीरे (diamond ) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ।

ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है !

रिफाइण्ड नमक में 98% सोडियम क्लोराइड ही है शरीर इसे विजातीय पदार्थ के रुप में रखता है। यह शरीर में घुलता नही है। इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Tricalcium Phosphate, Magnesium Carbonate, Sodium Alumino Silicate जैसे रसायन मिलाये जाते हैं जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल होते है। विज्ञान के अनुसार यह रसायन शरीर में रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाते हैं, जिससे ब्लाक्स बनने की संभावना और आक्सीजन जाने मे परेशानी होती है। जोड़ो का दर्द और गढिया, प्रोस्टेट आदि होती है। आयोडीन नमक से पानी की जरुरत ज्यादा होती है। 1 ग्राम नमक अपने से 23 गुना अधिक पानी खींचता है। यह पानी कोशिकाओ के पानी को कम करता है। इसी कारण हमें प्यास ज्यादा लगती है।

निवेदन :पांच हजार साल पुरानी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी भोजन में सेंधा नमक के ही इस्तेमाल की सलाह दी गई है। भोजन में नमक व मसाले का प्रयोग भारत, नेपाल, चीन, बंगलादेश और पाकिस्तान में अधिक होता है। आजकल बाजार में ज्यादातर समुद्री जल से तैयार नमक ही मिलता है। जबकि 1960 के दशक में देश में लाहौरी नमक मिलता था। यहां तक कि राशन की दुकानों पर भी इसी नमक का वितरण किया जाता था। स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता था। समुद्री नमक के बजाय सेंधा नमक का प्रयोग होना चाहिए।

आप इस अतिरिक्त आओडीन युक्त समुद्री नमक खाना छोड़िए और उसकी जगह सेंधा नमक खाइये !! सिर्फ आयोडीन के चक्कर में समुद्री नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि जैसा हमने ऊपर बताया आओडीन हर नमक मे होता है सेंधा नमक मे भी आओडीन होता है बस फर्क इतना है इस सेंधा नमक मे प्राकृतिक के द्वारा भगवान द्वारा बनाया आओडीन होता है इसके इलावा आओडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।।ॐ।।

ये 21 वर्षीय साबिया, अभी दिल्ली पुलिस डिफेंस की नौकरी करते हुए इन्हें 4 महीने ही हुए थे। 27 अगस्त की शाम साबिया दिल्ली क...
04/09/2021

ये 21 वर्षीय साबिया, अभी दिल्ली पुलिस डिफेंस की नौकरी करते हुए इन्हें 4 महीने ही हुए थे। 27 अगस्त की शाम साबिया दिल्ली के संगम विहार स्थित अपने घर नहीं लौटी तो परेशान हाल घरवालों ने हर जगह ढूंढा। थाने गए, कलेक्टर के यहाँ गए लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली। फिर पता चला साबिया की हत्या हो चुकी है, वो भी बहुत ही बर्बरता के साथ। इतनी बर्बरता की लिखते हुए हाथ कांप जाए। साबिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ,4-4 लोगो ने उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया, तकरीबन 50 जगह चाकू घोंपे गए, स्तन काट दिए गए, हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई लिखते हुए शर्म आ रही है और इस हैवानियत में उसके साथ काम करने वाली एक लड़की भी शामिल थी।

ये सबिया है दामिनी नही कि जिसके लिए पूरा मुल्क सड़को पर आ जाये, सबिया के लिए आवाज़ उठाईये, आपकी भी बहन-बेटी होगी घर मे, आज सबिया के लिए आप चुप रहे तो कल को मालिक ना करें आप मे से किसी की बारी हो...

सरकारें तो खामोश रहेगी भले केंद्र हो या राज्य, लानत हो ऐसी हुकूमत पर जिसमे बहन-बेटियां भी सुरक्षित नही है।

Address

Badhra
Charkhi Dadri

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Royal Jaat posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category