08/04/2026
झारखंड का एक बच्चा ‘मिशन समंदर’ को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रहा है। रांची का सात साल का इशांक नया इतिहास रचने की तैयारी में है। वह भारत से श्रीलंका के बीच की दूरी तैरकर पार करने के मिशन पर जुटा है। उसका लक्ष्य इस कठिन समुद्री रास्ते को पार करना और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना है। कम उम्र में ही उसके हौसले लोगों को हैरान कर रहे हैं और वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए घंटों पानी में अभ्यास कर रहा है।
रांची के इशांक का यह अभियान 29 अप्रैल को तमिलनाडु के रामेश्वरम से शुरू होगा। वह 22 अप्रैल को रामेश्वरम के लिए रवाना होगा। इसके बाद 30 अप्रैल को परिवार और स्विमिंग टीम समुद्री रास्ते से श्रीलंका के तलैमन्नार पहुंचेगी और वहीं से इशांक अपना अभियान शुरू करेगा। वह करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय कर भारत के अंतिम छोर धनुषकोडी तक तैरकर पहुंचेगा। उसकी मां मनीषा के अनुसार, तैराकी इशांक की पहली पसंद है और वह ढाई साल की उम्र से ही इसका अभ्यास कर रहा है, जबकि उसके पिता सुनील उसके मार्गदर्शक हैं।
22 अप्रैल को रामेश्वरम के लिए रवाना होगा
30 अप्रैल को तलैमन्नार से अभियान शुरू करेगा इशांक
30 किमी की दूरी तय कर भारत के अंतिम छोर धनुषकोडी पर तैरकर पहुंचेगा
ढाई साल की उम्र से तैराकी का ले रहा प्रशिक्षण
इशांक धुर्वा डैम (रांची) में रोज चार-पांच घंटे प्रैक्टिस कर रहा है। 15 से 20 किमी की तैराकी कर रहा है। उसकी मां मनीषा ने बताया कि इसके अलावा वो सप्ताह में एक बार आठ घंटे अभ्यास करता है। इस दौरान उसके साथ तैराकी की पूरी टीम होती है। इशांक के कोच अमन कुमार जायसवाल उसे व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके अलावा बजरंग कुमार भी उसे प्रशिक्षित कर रहे हैं।
11 अप्रैल को इशांक कोच्चि जा रहा है। जहां वो पेरियार नदी में ओपेन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। इसमें उम्र निर्धारित नहीं है और कोई भी हिस्सा ले सकता है। प्रतिभा का धनी इशांक कई अन्य राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं में अपना लोहा मनवा चुका है। इशांक ने 22 फरवरी को गेटवे ऑफ इंडिया इवेंट में तीसरा स्थान पाया था। वहां उसने अरेबियन समुद्र में एक किमी की तैराकी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया था। जिलास्तरीय प्रतियोगिता में भी इशांक का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पढ़ाई में भी बेहतर कर रहा है।