18/09/2026
बिहार में UCC पर सियासत: RJD और JDU के रुख में कितना अंतर?
बिहार की राजनीति में इन दिनों Uniform Civil Code यानी UCC को लेकर बहस तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में कहा है कि 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। इसके बाद बिहार में राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी शुरू हो गई है।
लेकिन आखिर UCC है क्या?
UCC यानी समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और दूसरे व्यक्तिगत मामलों में नागरिकों के लिए समान कानूनी नियम लागू करना है। संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने की बात कही गई है। हालांकि अनुच्छेद 44 मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है।
बिहार में विरोध क्यों?
UCC का विरोध करने वाले दलों की मुख्य चिंता धार्मिक और सामाजिक विविधता से जुड़ी है। उनका कहना है कि अलग-अलग समुदायों की अपनी धार्मिक और पारंपरिक व्यवस्थाएँ हैं और किसी समान कानून को लागू करने से इन पर असर पड़ सकता है।
RJD ने बिहार में UCC लागू करने का स्पष्ट विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि ऐसा कानून मुस्लिम समुदाय के हितों को प्रभावित कर सकता है।
JDU का रुख क्या है?
JDU का रुख RJD से थोड़ा अलग है। पार्टी के कुछ नेताओं ने बिहार में UCC लागू करने का विरोध किया है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि अभी कानून का पूरा प्रस्ताव सामने नहीं आया है। JDU पहले इसके प्रावधानों का अध्ययन करेगी और फिर NDA के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद फैसला करेगी।
यानी फिलहाल RJD का रुख स्पष्ट विरोध का है, जबकि JDU का आधिकारिक रुख सावधानी और प्रस्ताव की समीक्षा करने वाला है।
फिर दोनों एक जैसे क्यों दिखाई दे रहे हैं?
इसका एक कारण यह है कि दोनों दल बिहार में UCC को लेकर जल्दबाजी के पक्ष में नहीं हैं और धार्मिक तथा सामाजिक विविधता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। लेकिन राजनीतिक रूप से दोनों अलग-अलग गठबंधनों में हैं—RJD विपक्ष में है, जबकि JDU बिहार में NDA का हिस्सा है। इसलिए UCC पर समान बयान आने का मतलब यह नहीं है कि दोनों दलों की पूरी राजनीतिक स्थिति समान हो गई है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अगर UCC का प्रस्ताव बिहार में आता है, तो उसकी वास्तविक धाराएँ क्या होंगी और उनका अलग-अलग समुदायों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इसी आधार पर आगे की राजनीतिक बहस और निर्णय को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल बिहार में UCC को लेकर तस्वीर यही है—RJD का स्पष्ट विरोध, जबकि JDU का कहना है कि पहले प्रस्ताव को पढ़ेंगे, चर्चा करेंगे और उसके बाद अंतिम रुख तय करेंगे।
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✍️ रवि प्रकाश
मुख्य संपादक, बिहार क्रांति न्यूज़