11/08/2026
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में सरकारी धान की अधिप्राप्ति के बाद चावल (सीएमआर) की निर्धारित समय-सीमा में आपूर्ति नहीं करने के मामले में सारण जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के दो पैक्स के खिलाफ धान गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दरअसल, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में सारण जिले की 271 समितियों, पैक्स एवं व्यापार मंडलों द्वारा कुल 94,591.84 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई थी। अधिप्राप्त धान के बदले तैयार चावल (सीएमआर) की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम, छपरा को 31 जुलाई 2026 तक करनी थी।
जिला प्रशासन के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा के भीतर 262 समितियों ने शत-प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति कर दी। वहीं, 9 समितियां निर्धारित समय तक शत-प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति नहीं कर सकीं।
इसके बाद विभागीय निर्देश के तहत संबंधित समितियों और राइस मिलों में उपलब्ध अवशेष धान का भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान बरेजा पैक्स, मांझी के गोदाम में रिकॉर्ड के अनुसार 2,249 क्विंटल अवशेष धान होना दर्ज था, लेकिन मौके पर धान उपलब्ध नहीं पाया गया।
इसी तरह मदारपुर पैक्स, मसरख के गोदाम में रिकॉर्ड के अनुसार 1,017.08 क्विंटल अवशेष धान दर्ज था, लेकिन भौतिक सत्यापन में वहां भी धान उपलब्ध नहीं मिला।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी, सारण के आदेश पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, मांझी ने बरेजा पैक्स के खिलाफ थाना दाउदपुर में, जबकि सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, मसरख ने मदारपुर पैक्स के खिलाफ थाना मसरख में धान गबन के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है।