08/08/2026
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 08 अगस्त 2026
*कुलपति महोदय! संगठन की मान्यता छात्रों के दिल में है, आपके प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं — सोमवार तक कार्यालय आइए या चिकित्सा अवकाश लेकर प्रभार सौंपिए: आर एस ए*
छपरा। आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को आर एस ए की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संगठन के नेता आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र बाजपेई के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
आशीष यादव ने कहा कि कुलपति महोदय ने एक अखबार में बयान दिया है कि “कुलपति खोजो अभियान” चलाने वाले संगठन की कोई मान्यता नहीं है। कुलपति को यह जानकारी शायद नहीं है कि आर एस ए पिछले 17 वर्षों से लगातार छात्रहित में संघर्षरत संगठन है। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में अब तक तीन बार छात्र संघ चुनाव हुए हैं और तीनों चुनावों में आर एस ए की मजबूत सहभागिता रही है। कुलपति महोदय विश्वविद्यालय के उन चुनावों के परिणामों को उठाकर देख लें, उन्हें संगठन की वास्तविक स्थिति स्वयं समझ में आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि “मान्यता” देने की एजेंसी कुलपति हैं या छात्र? किसी छात्र संगठन की ताकत किसी अधिकारी के प्रमाणपत्र से तय नहीं होती, बल्कि छात्रों के बीच उसके संघर्ष, सहभागिता और विश्वास से तय होती है। आर एस ए की मान्यता विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच है और किसी के बयान से इसे समाप्त नहीं किया जा सकता।
आशीष यादव ने कहा कि कुलपति महोदय के ऐसे ऊल-जुलूल बयानों से विश्वविद्यालय में उनके कार्यकाल के दौरान कुकर्म छिपने वाले नहीं हैं। बेहतर होगा कि बयानबाजी के बजाय वे विश्वविद्यालय की समस्याओं और लंबित छात्रहित के कार्यों पर ध्यान दें।
*“डॉक्टर ने आराम की सलाह दी है तो चिकित्सा अवकाश लीजिए”*
कुलपति के उस बयान पर भी आर एस ए ने सवाल उठाया है जिसमें उन्होंने कहा है कि वे डॉक्टर की सलाह पर आराम कर रहे हैं।
आशीष यादव ने कहा कि “कुलपति महोदय, अगर वास्तव में चिकित्सकों ने आपको आराम करने की सलाह दी है तो चिकित्सा अवकाश लेने का प्रावधान है। आप विधिवत चिकित्सा अवकाश पर चले जाइए और विश्वविद्यालय का प्रभार किसी सक्षम अधिकारी को सौंप दीजिए, ताकि छात्र-छात्राओं के लंबित कार्य बाधित न हों।”
उन्होंने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि सामाजिक मंचों पर भाषण देने और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कुलपति महोदय पूरी तरह सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन जैसे ही विश्वविद्यालय कार्यालय आकर छात्र-छात्राओं की समस्याओं और लंबित कार्यों का निष्पादन करने की बात आती है, उनकी तबीयत खराब हो जाती है।
आर एस ए ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों का काम किसी व्यक्ति की सुविधा के कारण अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता।
*सोमवार तक कार्यालय नहीं आए तो पूरे शहर में होगा “कुलपति खोजो अभियान”*
आशीष यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार तक कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र बाजपेई अपने कार्यालय में उपस्थित होकर विश्वविद्यालय के लंबित कार्यों का निष्पादन शुरू नहीं करते हैं, तो आर एस ए द्वारा पूरे शहर में “कुलपति लापता” के पोस्टर एवं आम सूचना जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में जिस तरह “कुलपति खोजो अभियान” के माध्यम से सवाल उठाए गए हैं, उसी क्रम को अब पूरे शहर तक ले जाया जाएगा।
“कुलपति महोदय के सामने अब दो ही रास्ते हैं—या तो वे चिकित्सा अवकाश लेकर विधिवत अपना प्रभार किसी सक्षम अधिकारी को सौंप दें, ताकि विश्वविद्यालय का कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे; अथवा सोमवार को स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं के लंबित कार्यों का निष्पादन करें।”
आर एस ए ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी एक व्यक्ति की निजी सुविधा से नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हित में नियम और व्यवस्था के अनुसार चलना चाहिए।
आर एस ए ने घोषणा की कि यदि सोमवार तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा “कुलपति खोजो अभियान” को विश्वविद्यालय परिसर से निकालकर पूरे शहर तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर सह संयोजक विशाल सिंह बॉक्सर, छात्र नेता प्रिन्स यादव, रमेस मांझी आदि थे।
जारीकर्ता:
आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव
नेता, RSA
जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा