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*अंबेडकर जयंती पर बक्सवाहा में निकली भव्य शोभा यात्रा**बक्सवाहा*। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर नगर म...
15/04/2026

*अंबेडकर जयंती पर बक्सवाहा में निकली भव्य शोभा यात्रा*

*बक्सवाहा*। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर नगर में हर्षोल्लास के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर स्थानीय समाजजन संत रविदास मंदिर में एकत्रित हुए और पूरे उत्साह के साथ अंबेडकर जयंती मनाई।
रविदास मंदिर से डीजे, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों के साथ प्रारंभ हुई शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे नगर में उत्सव का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
शोभा यात्रा में आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, वहीं युवाओं ने डीजे की धुन पर नृत्य कर माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।
इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, उनके विचारों एवं समाज सुधार के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। शोभा यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

जिला अस्पताल में डॉ. रवि कुमार सोनी ने रचा इतिहास500 से अधिक बच्चों को दी नई जिंदगीक्लब फुट जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे...
15/04/2026

जिला अस्पताल में डॉ. रवि कुमार सोनी ने रचा इतिहास

500 से अधिक बच्चों को दी नई जिंदगी

क्लब फुट जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मासूमों को मिला नया भविष्य, बुंदेलखंड से देशभर में गूंजा नाम

छतरपुर। बुंदेलखंड के छतरपुर जिला अस्पताल में शनिवार का दिन स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार सोनी ने 500 से अधिक बच्चों को जन्मजात टेढ़े पैरों (क्लब फुट) की समस्या से मुक्त कर एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों और खुशियों का प्रतीक है, जो कभी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निराशा में डूबे हुए थे। डॉ. सोनी और उनकी टीम के अथक प्रयासों ने इन बच्चों को न केवल चलने-फिरने की क्षमता दी, बल्कि उनके जीवन में नई रोशनी भी भर दी है।

मानवता की मिसाल बना उपचार अभियान

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. रवि कुमार सोनी पिछले तीन वर्षों से लगातार क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का निःस्वार्थ भाव से इलाज कर रहे हैं। शनिवार को तीन और सफल ऑपरेशन के साथ यह संख्या 500 के पार पहुंच गई। यह अभियान केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प के रूप में सामने आया है, जिसमें गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता देकर उन्हें बेहतर जीवन देने का प्रयास किया जा रहा है।

माता-पिता के चेहरों पर लौटी मुस्कान

जिन परिवारों के बच्चे जन्म से ही टेढ़े पैरों की समस्या से जूझ रहे थे, उनके लिए यह उपचार किसी चमत्कार से कम नहीं है। ऑपरेशन के बाद जब बच्चे सामान्य रूप से चलने लगते हैं, तो माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते हैं। वर्षों की चिंता और पीड़ा के बाद मिली यह राहत उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।

पूरे देश में बढ़ा छतरपुर का मान

डॉ. सोनी की इस उपलब्धि ने न केवल बुंदेलखंड, बल्कि पूरे देश में छतरपुर जिला अस्पताल का नाम रोशन किया है। अब अन्य जिलों और राज्यों से भी मरीज यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। यह साबित करता है कि समर्पण और सेवा भावना के साथ सरकारी अस्पताल भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन सकते हैं।

दो महीने में मिलती है नई जिंदगी

डॉ. रवि कुमार सोनी के अनुसार क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का उपचार लगभग दो महीने की प्रक्रिया में पूरा होता है। सही समय पर इलाज मिलने से बच्चा पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है। उनका कहना है कि यदि समाज और प्रशासन का सहयोग इसी तरह मिलता रहा, तो भविष्य में और भी अधिक बच्चों को इस बीमारी से मुक्त किया जा सकेगा।

केन-बेतवा लिंक परियोजना ठप ढोडन बांध का काम दसवें दिन भी बंद, करोड़ों का नुकसानजल सत्याग्रह तेज, प्रशासन–आंदोलनकारियों क...
15/04/2026

केन-बेतवा लिंक परियोजना ठप

ढोडन बांध का काम दसवें दिन भी बंद, करोड़ों का नुकसान

जल सत्याग्रह तेज, प्रशासन–आंदोलनकारियों के बीच संवादहीनता बनी बड़ी बाधा

छतरपुर। जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत ढोडन बांध का निर्माण कार्य लगातार दसवें दिन भी पूरी तरह ठप रहा, जिससे निर्माण कर रही एनसीसी कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर, विस्थापन और अधिकारों को लेकर आंदोलनरत आदिवासियों ने अब संघर्ष को और तेज करते हुए केन नदी में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को सुनने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रहा है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। वहीं, कलेक्टर और एसडीएम स्तर पर संवाद की कमी के कारण समाधान की संभावनाएं लगातार दूर होती जा रही हैं। यदि जल्द ही बातचीत का रास्ता नहीं निकला, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

जल सत्याग्रह से बढ़ा आंदोलन का दबाव

ढोडन बांध के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दसवें दिन आंदोलनकारियों ने केन नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जल सत्याग्रह के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

प्रशासन पर दमनकारी रवैये का आरोप

आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने की रणनीति अपना रहा है। उनका कहना है कि यदि कलेक्टर और एसडीएम मौके पर आकर सीधे संवाद करें, तो 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान तुरंत निकल सकता है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और आंदोलनकारियों से मिलने से बच रहे हैं, जिससे असंतोष और गहराता जा रहा है।

महिलाएं और बच्चे झेल रहे सबसे अधिक परेशानी

इस आंदोलन में आदिवासी महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं दो माह तक के शिशुओं को गोद में लेकर तेज धूप में दिनभर धरना दे रही हैं। आंदोलन स्थल पर छाया और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे सबसे अधिक परेशानी बच्चों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। यह स्थिति आंदोलन की मानवीय पीड़ा को भी उजागर कर रही है।

करोड़ों का नुकसान, समाधान की जरूरत

निर्माण कार्य ठप होने से एनसीसी कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। परियोजना की समयसीमा पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन अपनी जिद छोड़कर आंदोलनकारियों से बातचीत का रास्ता अपनाए, ताकि जल्द समाधान निकल सके और ढोडन बांध का कार्य फिर से शुरू हो सके। संवाद ही इस गतिरोध को खत्म करने का एकमात्र रास्ता नजर आ रहा है।

खेतों की नरवाई जलाने वालों पर लगाई गई पेनाल्टीकलेक्टर के निर्देश पर घुवारा तहसील में 6 लोगों पर 15 हजार का लगाया जुर्मान...
15/04/2026

खेतों की नरवाई जलाने वालों पर लगाई गई पेनाल्टी

कलेक्टर के निर्देश पर घुवारा तहसील में 6 लोगों पर 15 हजार का लगाया जुर्माना

बिसवां और कुड़ेला गांव अंतर्गत हुई कार्रवाई
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छतरपुर। जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के स्पष्ट निर्देशों के बाद, बड़ामलहरा एसडीएम आयुष जैन द्वारा घुवारा तहसील अंतर्गत खेतों में नरवाई जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले 6 लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। इन सभी पर 2500-2500 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।
राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि बिसवां गांव के 3 लोग और कुड़ेला गांव के 3 लोगों को नरवाई नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कुल 15 हजार रुपये की पेनल्टी अधिरोपित की है।

कलेक्टर की अपील- नरवाई न जलाएं, खेतों की नरवाई जलाने पर होगी कार्यवाही

कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे फसल कटाई के बाद अवशेषों में आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाना कानूनन अपराध है और इससे मित्र कीट भी मर जाते हैं। किसान नरवाई को जलाने के बजाय उसका उपयोग भूसा बनाने या गौशालाओं में चारे के रूप में दान करने के लिए कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सैटेलाइट इमेजिंग और मैदानी अमले के माध्यम से नरवाई जलाने की घटनाओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। भविष्य में भी यदि कहीं आगजनी की घटना पाई जाती है, तो संबंधित भू-स्वामी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

जल गंगा संवर्धन अभियान बलरामपुर और रामपुर में ग्राम सभा आयोजित, जमुपुरा नल-जल योजना का हुआ हैंडओवरकलेक्टर के निर्देशन मे...
15/04/2026

जल गंगा संवर्धन अभियान

बलरामपुर और रामपुर में ग्राम सभा आयोजित, जमुपुरा नल-जल योजना का हुआ हैंडओवर

कलेक्टर के निर्देशन में पीएचई विभाग ने ग्रामीणों को दिलाई जल शपथ
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छतरपुर। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के कुशल निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्रों में जल जागरूकता और योजनाओं के हस्तांतरण का कार्य किया गया। इसी क्रम में मंगलवार को पीएचई (PHE) विभाग द्वारा जनपद पंचायत गौरीहार एवं लवकुशनगर के विभिन्न ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।

*जमुपुरा ब्लॉक लवकुशनगर में सरपंच ने ली जिम्मेदारी

अभियान की एक बड़ी सफलता के रूप में, लवकुशनगर ब्लॉक के ग्राम जमुपुरा की नल-जल योजना को विधिवत रूप से ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया है। पीएचई विभाग ने इसे सामुदायिक सहभागिता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।उक्त कार्य PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री अनिल लगरखा के निर्देशन मे किया जा रहा है।
गौरीहार जनपद की ग्राम पंचायत बलरामपुर एवं रामपुर में आयोजित सभाओं में "सिंगल विलेज स्कीम" (SVS) के हैंडओवर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। विभाग की ओर से डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्री ओ.पी. शुक्ला ने पानी समिति के सदस्यों को जल कर की वसूली, लेखा संधारण और रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के महत्व पर जोर दिया। ब्लॉक कॉर्डिनेटर सुनील अहिरवार ने नल-जल योजना के तकनीकी पहलुओं और भविष्य में होने वाली मरम्मत की जानकारी साझा की। बलरामपुर पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सरपंच देववती सिंह एवं महिला सचिव खुशबू पांडेय ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर उपस्थित समस्त ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए "जल शपथ" दिलाई गई।

बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर छतरपुर में जिला स्तरीय समागमनारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक क...
15/04/2026

बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर छतरपुर में जिला स्तरीय समागम

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: विधायक श्रीमती यादव

कलेक्टर पार्थ जैसवाल बोले-अंबेडकर जयंती और नारी शक्ति अभियान का समागम है आज का दिन

हितग्राहियों को हुआ लाखों के हितलाभ का वितरण; संबल योजना के तहत स्वीकृत हुई सहायता राशि
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छतरपुर। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जन्मजयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर के ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री एवं नपा अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया।

"नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा नेतृत्व का अधिकार"

मुख्य अतिथि छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव ने बाबा साहेब को नमन करते हुए उनके संघर्ष और शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करेगा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने लाड़ली बहना और मातृ वंदना जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संकल्पित है।

"शिक्षा और समानता ही समाज को बदलने की सबसे बड़ी ताकत"

विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री ने बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता और न्याय दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वहीं, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया ने बाबा साहेब को सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों का अग्रदूत बताया। दोनों ही वक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह को बाबा साहेब के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया।

"आंगनवाड़ियों में शत-प्रतिशत बच्चों का होगा चिन्हांकन"

कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन दो महत्वपूर्ण आयोजनों—आंबेडकर जयंती और नारी शक्ति अभियान पखवाड़ा—का अद्भुत समागम है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस पखवाड़े में महिला एवं बाल विकास विभाग सुनिश्चित करे कि 6 वर्ष तक का कोई भी बच्चा आंगनवाड़ी की सेवाओं से वंचित न रहे। सभी विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की बात कही।

प्रदर्शनी और हितलाभ वितरण: संबल योजना में 13 लाख की सहायता स्वीकृत

इस अवसर पर डॉ. अंबेडकर के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायक प्रदर्शनी लगाई गई। जिसका जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जिसमें संबल योजना में 6 दिवंगत हितग्राहियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये एवं एक स्थाई दिव्यांग हितग्राही को 1 लाख रुपये (कुल 13 लाख) के स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए।
लाड़ली लक्ष्मी योजना में 14 बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण पत्र वितरित किए गए एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 22 हितग्राहियों को वृद्धावस्था एवं नि:शक्तजन पेंशन के स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया, छतरपुर एसडीएम श्री प्रशांत अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनाएं, बालिकाएं और नागरिक उपस्थित रहे।

राजनगर में विकास की नई इबारत—हर मोर्चे पर आगे बढ़ती विधानसभाविधायक अरविंद पटैरिया के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क...
15/04/2026

राजनगर में विकास की नई इबारत—हर मोर्चे पर आगे बढ़ती विधानसभा

विधायक अरविंद पटैरिया के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और नगरीय विकास को मिली नई गति

छतरपुर।
जिले की राजनगर विधानसभा इन दिनों विकास की नई गाथा लिखती नजर आ रही है। जनप्रतिनिधि के रूप में अरविंद पटैरिया ने “सेवा ही संपर्क” और संपूर्ण विधानसभा मेरा परिवार के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए हर वर्ग तक विकास की किरण पहुंचाने का प्रयास किया है। गांव से लेकर शहर तक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण ने राजनगर को विकास के मानचित्र पर तेजी से उभारा है।

शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत नींव

राजनगर, चन्द्रनगर, खजुराहो, लवकुशनगर और रगोली में सीएम राइज स्कूलों की स्थापना से ग्रामीण अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया अवसर मिला है। लवकुशनगर कॉलेज का निर्माण और टहनगा, पठा, राजनगर, कर्री एवं घूरा में हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण से शिक्षा व्यवस्था को स्थायित्व और मजबूती मिली है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

लवकुशनगर में सिविल अस्पताल की स्थापना और पहरा, उदयपुरा, तिलौहां, बेनीगंज, पीरा व इमलहा में उप स्वास्थ्य केंद्रों की शुरुआत ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया है। अब लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।

बिजली और ग्रामीण विकास को मिली रफ्तार

इमलहा, पठा और गढ़ा में पावर हाउस स्थापित कर विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाया गया है। वहीं 40 ग्राम पंचायतों में विवाह वाटिकाएं, 9 पंचायत भवन और जनपद पंचायत लवकुशनगर में 5.25 करोड़ रुपए की लागत से भवन निर्माण ने ग्रामीण ढांचे को नई मजबूती दी है। राजनगर और लवकुशनगर में प्रशासनिक कार्यालयों की स्थापना से स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता भी बढ़ी है।

नगरीय विकास से बदली शहरों की तस्वीर

लवकुशनगर में डिवाइडर और स्टेडियम निर्माण, खजुराहो में बमीठा से खजुराहो मार्ग का सौंदर्यीकरण, तालाबों का विकास और राजनगर में अटल सभागार जैसे कार्यों ने शहरी सौंदर्य और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किया है। इससे क्षेत्र की पहचान और आकर्षण दोनों बढ़े हैं।

सड़क और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार

52 नई सड़कों का निर्माण, जिनमें खजुराहो-खर्रोही-ललगुवां मार्ग, रनेहफॉल-सपौहा-टौरिया मार्ग और बागेश्वरधाम लिंक रोड शामिल हैं, ने आवागमन को सुगम बनाया है। इससे व्यापार, पर्यटन और दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार
राजनगर में 15 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक स्टेडियम का निर्माण युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखरने का बेहतर मंच मिलेगा और क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, विधायक अरविंद पटैरिया के नेतृत्व में राजनगर विधानसभा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और नगरीय विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही है। यह विकास यात्रा न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रही है, बल्कि क्षेत्र के भविष्य को भी नई दिशा दे रही

ढोड़न बांध स्थल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई1 सुबह और 2 शाम को पहुंचे ...
14/04/2026

ढोड़न बांध स्थल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई

1 सुबह और 2 शाम को पहुंचे पानी के टैंकर

मेडिकल टीम ने भी मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाकर 60 लोगों को उपचार दिया
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छतरपुर। जिले में जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के निर्देशन में #केन_बेतवा_लिंक_परियोजना अंतर्गत निर्माणाधीन ढोड़न बांध स्थल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल के टैंकर भेजे। एक सुबह और दो शाम को पानी के टैंकर भेजे गए। ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही सीएचओ श्री पुरुषोत्तम धाकड़ ने बताया कि स्वास्थ्य टीम भी लगातार ढोड़न में प्रदर्शन स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगा रही है और सोमवार को भी 60 लोगों को उपचार उपलब्ध कराया। इस दौरान सीएचओ सहित आशा कार्यकर्ता श्रीमती शांति कोंदर उपस्थित रहीं। प्रशासन का पूरा दृष्टिकोण है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर न पड़े। इसके अलावा लोगों को राशन खाद्य सामग्री ले जाने पर भी कोई रोक नहीं है।
Amit Bhatnagar Amit Bhatnagar

*कायस्थ समाज किसी भी कायस्थ के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा*छतरपुर। प्रशासन द्वारा अमित भटनागर के परिवार को परेशान और ...
14/04/2026

*कायस्थ समाज किसी भी कायस्थ के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा*

छतरपुर। प्रशासन द्वारा अमित भटनागर के परिवार को परेशान और प्रताड़ित करने की कोशिश बेहद आपत्तिजनक है। छतरपुर कायस्थ समाज किसी भी कायस्थ के साथ किए जाने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा।

ज्ञात हो कि सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ग्रामीण जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासियों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

कायस्थ समाज का कहना है कि प्रशासन को इस आंदोलन का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालना चाहिए। यदि प्रशासन आंदोलन को समाप्त कराने के लिए उनके परिजनों को प्रताड़ित करता है या उनके परिवार की किसी भी संपत्ति को सिर्फ दबाव बनाने के लिए नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है, तो यह पूरी तरह गलत होगा। समाज ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का कायस्थ समाज एकजुट होकर कड़ा विरोध करेगा।

समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। आंदोलनकारियों की माँगों को सुनने के बजाय उनके परिवार पर दबाव बनाना प्रशासनिक निरंकुशता का प्रतीक है, जिसे कायस्थ समाज स्वीकार नहीं करेगा। समाज ने प्रशासन से माँग की है कि वह तत्काल दमनात्मक कार्रवाई रोके और वार्ता के जरिए समाधान निकाले। उक्तशय की जानकारी कायस्थ हितकारणी सभा के बरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रतीक खरे ने दी।
Amit Bhatnagar Amit Bhatnagar

आंदोलन दबाने के लिए परिवार पर दबाव?अमित भटनागर के परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपमकान की नाप कराकर मानसिक प्रताड़ना...
14/04/2026

आंदोलन दबाने के लिए परिवार पर दबाव?

अमित भटनागर के परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मकान की नाप कराकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही,संवाद से निकले समाधान–अंकित भटनागर

छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच अब मामला एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। आंदोलनकारी अमित भटनागर के परिवार ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आंदोलन को समाप्त कराने के लिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। जटाशंकर पैलेस में आयोजित पत्रकारवार्ता में अमित भटनागर के पिता संतोष भटनागर और छोटे भाई अंकित भटनागर ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

आंदोलन खत्म कराने के लिए परिवार पर दबाव

अंकित भटनागर ने बताया कि जिला प्रशासन के कहने पर वे दो-तीन बार अपने बड़े भाई अमित भटनागर से मिलने गए और उनसे आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अंकित का आरोप है कि आंदोलन जारी रहने के कारण अब प्रशासन उनके मकान की नाप कराकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका और उनके परिवार का इस आंदोलन से कोई सीधा संबंध नहीं है, जबकि अमित भटनागर आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

हम निर्दोष, फिर भी क्यों कार्रवाई?

अंकित भटनागर ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो सीधे अमित भटनागर के खिलाफ करे, लेकिन उनके परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अनुचित है बल्कि एक तरह से दबाव बनाने की कोशिश भी है, जिससे आंदोलन को कमजोर किया जा सके।

आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी गंभीरता

पत्रकारवार्ता के दौरान संतोष भटनागर ने भावुक होते हुए कहा कि जिला प्रशासन लगातार उन पर दबाव बना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह दबाव इसी तरह जारी रहा तो वे अपनी पत्नी के साथ आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह बयान मामले को और गंभीर बनाता है और प्रशासनिक रवैये पर बड़े सवाल खड़े करता है।

संवाद से निकले समाधान, दमन से नहीं

भटनागर परिवार ने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित कर बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिनों से आदिवासी क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी में ढोडन गांव में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या का समाधान निकालने के बजाय दबाव की रणनीति अपना रहा है

दलालों के इशारे पर हो रही कार्रवाई

पत्रकारों के सवालों के जवाब में संतोष भटनागर ने आरोप लगाया कि कुछ टुच्चे किस्म के नेता और दलाली में लिप्त लोग प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन्हीं के इशारे पर उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ताकि आंदोलन को खत्म कराया जा सके।

केन-बेतवा परियोजना को लेकर जारी इस विवाद में अब प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच टकराव और तेज होता दिख रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या समाधान संवाद से निकलेगा या फिर दबाव और कार्रवाई की यह रणनीति हालात को और बिगाड़ेगी?
Amit Bhatnagar Amit Bhatnagar

पंचतत्व की राह पर विस्थापितों का आंदोलन:चिता से मिट्टी और अब जल सत्याग्रह की तैयारीआदिवासी महिलाओं ने संभाला मोर्चा, बढ़...
14/04/2026

पंचतत्व की राह पर विस्थापितों का आंदोलन:

चिता से मिट्टी और अब जल सत्याग्रह की तैयारी

आदिवासी महिलाओं ने संभाला मोर्चा, बढ़ता जा रहा जनआक्रोश

छतरपुर। केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों का आंदोलन अब केवल विरोध का स्वर नहीं, बल्कि अस्तित्व की अंतिम लड़ाई बनता जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने बताया कि आंदोलन के नौवें दिन मैदान में पहले से कई गुना अधिक लोगों की उपस्थिति रही। तपती धूप, सूखते होंठ और थकते कदमों के बीच भी लोगों के हौसले टूटने के बजाय और मजबूत होते दिख रहे हैं। यह आंदोलन अब एक प्रतीक बन चुका है। जल, जंगल, जमीन और अपने वजूद को बचाने की जिद का।

चिता से मिट्टी तक संघर्ष की तीव्र होती श्रृंखला

आंदोलनकारियों ने अपने विरोध को एक अलग ही स्वरूप दिया है। कल चिता आंदोलन के माध्यम से अपनी पीड़ा को आग की तरह प्रज्वलित किया गया, तो आज मिट्टी आंदोलन के जरिए अपनी जड़ों और जमीन से जुड़ाव का संदेश दिया गया। अमित भटनागर के अनुसार अगला कदम जल सत्याग्रह होगा, जिसके बाद वायु सत्याग्रह यानी सांकेतिक फांसी तक की तैयारी है। यह क्रम केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस पीड़ा का प्रतीक है, जिसमें हर तत्व उनके जीवन से जुड़ा हुआ है।

जब पुरुष थके, महिलाएं बनीं आंदोलन की ताकत

इस संघर्ष की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब हालात कठिन हुए और दमन बढ़ा, तब आदिवासी महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। अपने बच्चों को गोद में लिए, सिर पर आंचल और आंखों में आंसू लिए ये महिलाएं अब आंदोलन की अगुवाई कर रही हैं। उनके संकल्प ने पूरे समाज को एकजुट कर दिया है। आज आंदोलन का चेहरा केवल पुरुषों का नहीं, बल्कि उन महिलाओं का है, जो अपने भविष्य और अपने बच्चों के हक के लिए डटी हुई हैं।

दमन के बीच भी अडिग संकल्प

आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा लगातार दमन किया जा रहा है। राशन रोका गया, पानी की आपूर्ति बाधित की गई और जरूरी दवाइयों तक पहुंच को सीमित कर दिया गया। डर और दबाव का माहौल बनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद आंदोलनकारियों का कहना है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। हर गुजरते दिन के साथ आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या बढ़ रही है और उनके भीतर का आक्रोश भी।

जब तक न्याय नहीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा

अमित भटनागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन अब किसी भी कीमत पर रुकने वाला नहीं है। यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि पहचान और सम्मान का प्रश्न बन चुका है। विस्थापितों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा चाहे इसके लिए उन्हें पंचतत्व की हर परीक्षा से क्यों न गुजरना पड़े।

धरती, जल, अग्नि, वायु और आकाश—इन पंचतत्वों को साक्षी मानकर चल रहा यह आंदोलन अब एक चेतावनी भी है और एक पुकार भी कि विकास की कीमत अगर इंसानों के अस्तित्व से चुकाई जाएगी, तो यह लड़ाई यूं ही हर दिन और उग्र होती जाएगी।
Amit Bhatnagar Amit Bhatnagar

13/04/2026

ट्रेन बेतवा परियोजना के आंदोलनकारी अमित भटनागर के द्वारा की जा रही थी कॉन्फ्रेंस

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