29/04/2026
मन की बात कार्यक्रम मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके है इनकी प्रशंसा
आज की यह प्रेरणादायक कहानी है राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादड़ी तहसील के मोतीपुरा (जलोदा जागीर) गांव के दो मेहनती भाइयों — राम सिंह राणावत और जितेंद्र सिंह राणावत — की है। अपनी लगन, मेहनत और नवाचार के दम पर इन दोनों भाइयों ने राजस्थान की तपती गर्मी में भी लीची की सफल खेती कर एक मिसाल कायम की है।
राम सिंह राणावत, जो राजस्थान सरकार के कृषि विभाग में कृषि पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत हैं, और उनके भाई जितेंद्र सिंह राणावत, जो एक निजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, दोनों ने मिलकर यह साबित किया कि अगर सही तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए, तो खेती की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ा जा सकता है।
उनकी इस उपलब्धि की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 121वें एपिसोड में की। अपने संबोधन में उन्होंने देशभर के उन किसानों का जिक्र किया, जिन्होंने “असंभव को संभव” कर दिखाया है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि अब तक लीची उत्पादन को बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। दक्षिण राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्र में भी लीची की सफल खेती हो रही है, जो एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा: “हम तो सुनते आ रहे थे कि लीची बिहार, पश्चिम बंगाल या झारखंड में ही उगती है, लेकिन अब लीची का उत्पादन दक्षिण राजस्थान में भी हो रहा है। उनसे प्रेरित होकर अन्य किसान भी लीची की खेती करने लगे हैं।”
राम सिंह और जितेंद्र सिंह राणावत की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे कृषि क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा है। यह उदाहरण बताता है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों, उचित देखभाल और नवाचार को अपनाएं, तो वे कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं और बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।
#लीची #लीचीउत्पादन #राजस्थान #किसान #फार्मर #प्रगतिशीलकिसान #मनकीबात #नरेन्द्रमोदी #ग्राम #किसानी