Jaitsisar Ki Nai Soch

Jaitsisar Ki Nai Soch (JSC )
हर कहानी की शुरुआत शोर से नहीं होती,
कुछ इतिहास ख़ामोशी से लिखे जाते हैं।📜

17/08/2026

🙏 सभी दोस्तों को राम-राम सा 🙏

आज बात करता हूँ अपने गाँव जैतसीसर की और गाँव के खेल मैदान की।

हमारे गाँव के युवा साथियों और खिलाड़ियों ने खेल मैदान के लिए बहुत कोशिश की है। कई बार मांग उठाई गई, उम्मीद लगाई गई, लेकिन आज तक हमारे गाँव में एक ऐसा खेल मैदान नहीं बन पाया, जहाँ हमारे युवा खिलाड़ी अच्छे से अभ्यास कर सकें और अपनी प्रतिभा को आगे ले जा सकें।

चुनाव के समय वादे किए जाते हैं—“खेल मैदान बनवा देंगे।”
लेकिन चुनाव के बाद वही बात कहीं दिखाई नहीं देती।

यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं है।
यह गाँव के युवाओं और खिलाड़ियों की सामूहिक मांग है।

हमें यह नहीं देखना कि आने वाला सरपंच किस पार्टी का है, हमें यह देखना है कि वह गाँव के लिए क्या काम करता है।

इतने बड़े गाँव में एक अच्छा खेल मैदान होना कोई बहुत बड़ी मांग नहीं है। बल्कि ऐसा खेल मैदान होना चाहिए जो आसपास के गाँवों के लिए भी एक उदाहरण बने। हमारे युवा वहाँ खेलें, अभ्यास करें और आगे बढ़ें—यही हमारी मांग है।

WhatsApp ग्रुप में सरपंच बनना आसान है, लेकिन जमीन पर काम करके दिखाना ही असली नेतृत्व है।

इसलिए आने वाले समय में सरपंच चुनते समय केवल माला पहनाने, बड़े-बड़े वादे करने या मीठी बातें करने पर भरोसा मत करना।
ऐसे व्यक्ति को चुनना जो गाँव के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए वास्तव में काम करे।

और एक बात स्पष्ट है—

अबकी बार खेल मैदान नहीं बना, तो इस मुद्दे पर गाँव की पूरी पोल खोलकर सवाल पूछे जाएंगे।
किससे मांग की गई, क्या वादे किए गए और क्या काम हुआ—इन सभी बातों को समय आने पर गाँव के सामने रखा जाएगा।

यह किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं है।
यह सिर्फ गाँव के हक और हमारे खिलाड़ियों के भविष्य की आवाज है।

🙏 जैतसीसर के सभी युवा साथियों और खिलाड़ियों से अपील है—अपनी इस जायज मांग के लिए एकजुट रहें।

खेल मैदान चाहिए — वादा नहीं, काम चाहिए।
युवाओं के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा।

अबकी बार सवाल बड़ा है…
खेल मैदान कब बनेगा?

🙏 जैतसीसर की जनता जवाब चाहती है। 🙏

15/08/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳

आओ आज उन वीर शहीदों को नमन करें,
जिनके बलिदान से हमारा तिरंगा शान से लहराता है। ❤️

जय हिंद 🇮🇳
वंदे मातरम् 🇮🇳

08/08/2026

सरदारशहर में होने वाले बड़े आंदोलन को शहर के सभी राजनीतिक दलों के नेता इतना हल्के में कैसे ले रहे हैं?

इसका साफ मतलब यही निकलता है कि शायद ये रेहड़ी वालों के वोटों के चक्कर में लगे हुए हैं। इन्हें यह भी पता होना चाहिए कि वोट बस वालों के भी हैं और उन बसों में सफर करने वाली सवारियों के भी हैं।

अगर इस बार रेहड़ियों और आवारा पशुओं को बस स्टैंड से नहीं हटाया गया और समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन सिर्फ बस ड्राइवर और कंडक्टर तक सीमित नहीं रहेगा। यह 210 गांवों और हर उस यात्री का आंदोलन बन सकता है, जो इन बसों में सफर करता है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। वरना यह आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।

बस यूनियन जिंदाबाद ✊
जनता की आवाज़—जनता का आंदोलन!

📍 हमारा गाँव – जैतसीसरदेख लीजिए हमारे सरपंच जी का "विकास"! 👏बरसात के बाद सड़कें नहीं, तालाब बन गए हैं। गाँव के लोग न ठीक...
04/08/2026

📍 हमारा गाँव – जैतसीसर

देख लीजिए हमारे सरपंच जी का "विकास"! 👏

बरसात के बाद सड़कें नहीं, तालाब बन गए हैं। गाँव के लोग न ठीक से घर से बाहर निकल पा रहे हैं, न आसानी से वापस घर जा पा रहे हैं।

क्या यही विकास है? जनता को कीचड़, गंदगी और जलभराव मिला है।

हमारी ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासन से मांग है कि इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

गाँव को वादों की नहीं, ज़मीन पर दिखने वाले विकास की ज़रूरत है।

📸 तस्वीर खुद सब कुछ बयां कर रही है।

🙏 सभी दोस्तों को राम-राम।👇यह हमारे गाँव जैतसीसर की मुख्य चौपाल की धर्मशाला है।कई बार वादे हुए, लेकिन आज तक कोई बदलाव नज़...
02/08/2026

🙏 सभी दोस्तों को राम-राम।👇

यह हमारे गाँव जैतसीसर की मुख्य चौपाल की धर्मशाला है।

कई बार वादे हुए, लेकिन आज तक कोई बदलाव नज़र नहीं आया। हालत आप खुद इस तस्वीर में देख सकते हैं। यह सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि गाँव की पहचान और वर्षों की यादों की निशानी है। उम्मीद है कि एक दिन यह फिर से अपनी पुरानी शान हासिल करेगी।

आपके गाँव में भी ऐसी कोई पुरानी धर्मशाला या चौपाल है?
कमेंट में अपने गाँव का नाम ज़रूर बताइए। 👇

वादों की उम्र छोटी निकली,
लेकिन यह टूटी हुई चौपाल आज भी खड़ी है।
बदलाव की बातें बहुत हुईं,
पर तस्वीर अब भी वही पड़ी है।

ईंटें टूट गईं, दीवारें झुक गईं,
पर उम्मीद आज भी बाकी है।
जिस चौपाल पर गाँव की पहचान थी,
वो आज भी किसी बदलाव की आस में खड़ी है।

लगता है इस धर्मशाला ने भी सोचा होगा—
"वादे तो हर साल आते हैं,
मरम्मत कब आएगी?" 😄

#जैतसीसर #मुख्य_चौपाल #धर्मशाला #गाँव_की_पहचान #पुरानी_धरोहर #राजस्थान

02/08/2026

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