12/09/2026
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِــــــــــــعون
كُلُّ نَفْسٍ ذَائِقَةُ الْمَوْتِ
बहुत ही दुःखद एवं हृदयविदारक खबर!
निहायत अफसोस के साथ यह खबर दी जा रही है कि अमौर-बैसा की सरज़मीन के गांधी, सीमांचल के इतिहास पुरुष और वरिष्ठ राजनेता, अल्हाज अब्दुल जलील मस्तान साहब अब हमारे बीच नहीं रहे।
उनके इंतकाल से क्षेत्र ने एक अनुभवी, लोकप्रिय और कद्दावर जननेता को खो दिया है। यह अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई मुश्किल है।
तमाम अहले-खानदान, चाहने वालों और क्षेत्रवासियों से दुआ-ए-मगफिरत की गुज़ारिश है।
अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से मुनव्वर करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन।
इंशाअल्लाह, जनाज़े की नमाज़ कल अदा की जाएगी।