02/10/2025
☘️पापांकुशा एकादशी ☘️ {03 अक्टूबर 2025 शुक्रवार}
🔸पापांकुशा एकादशी-:
आश्विन माह, शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी नाम से जाना जाता है और इस दिन विधि विधान से एकादशी के व्रत किए जाते हैं। इस बार यह व्रत 03 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा।
🔸व्रत का पारण समय-:
व्रत का पारण अगले दिन 04 अक्टूबर, शनिवार को प्रातः 06:10 बजे से सुबह 09:00 तक किया जाएगा।
🔸एकादशी व्रत सामान्य नियम-:
एकादशी व्रत में सुबह जल्दी स्नान के बाद भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा उपासना की जाती है/
एकादशी व्रत में किसी भी तरह का अन्न (अनाज) का सेवन नहीं किया जाता। एकादशी तिथि पर प्याज- लहसुन- चावल इत्यादि खाना भी वर्जित है।
एकादशी व्रत में आवश्यक होने पर फल, मेवा, दूध व दूध से निर्मित वस्तुएं ग्रहण की जा सकती है। इन वस्तुओं का सबसे पहले तुलसी दल अर्पित करके भगवान को भोग लगाएं उसके उपरांत ग्रहण कर सकते हैं।
एकादशी व्रत में भगवत गीता, श्री रामचरितमानस के पाठ, श्री राम कथा, श्री विष्णु सहस्त्रनाम, गोपाल सहस्त्रनाम इत्यादि का पाठ करना और सुनना मंगलकारी होता है।
इस दिन ज्यादा से ज्यादा हरि कीर्तन, नाम जप मंत्र जाप इत्यादि करते रहना चाहिए ।।
शास्त्र मान्यताओं के अनुसार पापांकुशा एकादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है ।।
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
भागवान् विष्णु मंगल हैं, गरुड़ वाहन वाले मंगल हैं,
कमल के समान नेत्र वाले मंगल हैं, हरि मंगल के भंडार हैं.
(मंगल अर्थात् जो मंगलमय हैं, शुभ हैं, कल्याणप्रद हैं)
#एकादशी