04/06/2026
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा ज्ञान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
ब्यूरो रिपोर्ट हिन्द टीवी 24
दरभंगा–विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, दरभंगा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा महारानी कल्याणी कॉलेज, लहेरियासराय, दरभंगा में ज्ञान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर विधिवत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना। ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, दरभंगा श्री फारूक इमाम की उपस्थिति एवं महारानी कल्याणी कॉलेज, दरभंगा के प्राचार्य डॉ० मो० रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस ज्ञान प्रतियोगिता में दरभंगा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी (Quiz), कहानी वाचन (Story Telling), चित्रकला (Painting) एवं निबंध लेखन (Essay Writing) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कुल 75 से अधिक प्रतिभागियों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पर्यावरणीय विषयों पर अपनी समझ, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी में 22 प्रतिभागियों, चित्रकला में 21 प्रतिभागियों, निबंध लेखन में 26 प्रतिभागियों तथा कहानी वाचन प्रतियोगिता में 7 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरणीय चुनौतियों, उनके समाधान तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी गहरी समझ का परिचय दिया। प्रतियोगिताओं के विषय वर्तमान समय की पर्यावरणीय चुनौतियों एवं उनके समाधान को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किए गए थे। कहानी वाचन प्रतियोगिता का विषय “जैव विविधता का संरक्षण” रखा गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने पृथ्वी पर विद्यमान विविध जीव-जंतुओं, वनस्पतियों एवं पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।चित्रकला प्रतियोगिता का विषय “पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका” था, जिसमें प्रतिभागियों ने रंगों एवं रचनात्मक चित्रों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में युवा शक्ति की भूमिका को दर्शाया। वहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय “पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली” निर्धारित किया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले ऐसे व्यवहारों एवं आदतों पर प्रकाश डाला, जो पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।इस अवसर पर जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, दरभंगा श्री फारूक इमाम ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें व्यवहार में उतारने का अवसर है। आज विश्व जलवायु परिवर्तन,जैव विविधता ह्रास, जल प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का समाधान तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवा पीढ़ी, पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं, किंतु स्थायी सफलता तभी प्राप्त होगी जब जनसहभागिता सुनिश्चित हो।आज के प्रतिभागी कल के नीति-निर्माता, शिक्षक, वैज्ञानिक एवं सामाजिक नेतृत्वकर्ता हैं। यदि वे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनते हैं, तो निश्चित रूप से एक स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य का निर्माण संभव होगा। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित जागरूकता और रचनात्मकता अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेताओं का चयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रतिभागी में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महारानी कल्याणी कॉलेज, दरभंगा के प्राचार्य डॉ० मो० रहमतुल्लाह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक एवं पर्यावरणीय चेतना का विकास करना भी है। आज विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से जिस गंभीरता, संवेदनशीलता एवं रचनात्मकता का परिचय दिया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से संबंधित इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें समाज एवं प्रकृति के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग, जागरूक एवं प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की एन०एस०एस० कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ० रीता कुमारी द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के मूल्यांकन हेतु गठित निर्णायक मंडल में डॉ० सचिदानंद मिश्रा, डॉ० रंजीत कुमार, डॉ० संजय कुमार एवं डॉ० ममता कुमारी शामिल थे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा पर्यावरणीय दृष्टिकोण के आधार पर किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत विचारों एवं कलात्मक अभिव्यक्तियों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में पर्यावरणीय चेतना का स्तर निरंतर बढ़ रहा है, जो एक सकारात्मक संकेत है।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान किया गया। सभी विजेता प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी सहभागी प्रतिभागियों को मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रकृति एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नमामि गंगे के स्पीयरहेड टीम सदस्य संजीव कुमार, पूजा कुमारी एवं संगीता कुमारी, महारानी कल्याणी कॉलेज प्रशासन, एन०एस०एस० इकाई, निर्णायक मंडल, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, निर्णायकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं नदी संरक्षण से संबंधित जनजागरूकता कार्यक्रमों को भविष्य में भी निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।