Shivesh Kumar Karn

Shivesh Kumar Karn Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Shivesh Kumar Karn, Digital creator, VILL/KUMAI , P. O./NARI, Darbhanga.

नमस्कार दोस्तों फेसबुक पेज फेसबुक एकाउंट प्रोफाइल इंस्टाग्राम को अधिक से अधिक फॉलो लाइक कॉमेंट शेयर करने के लिए धन्यवाद और स्वागत है।जय मिथिला जय मैथिल जय मैथिली जय माँ जनक नंदनी 🙏
भारतीय रेलवे क्षेत्र पूर्व मध्य रेलवे
समस्तीपुर सोनपुर मंडल
दरभंगा
बरौनी

आदरणीय आपसभी व्यस्क लड़का लड़की पति यानी हस्बैंड पत्नी यानी वाइफ माता पिता और अभिभावकगण से अनुरोध है कि इस मोटीवेशनल स्ट...
06/06/2026

आदरणीय आपसभी व्यस्क लड़का लड़की पति यानी हस्बैंड पत्नी यानी वाइफ माता पिता और अभिभावकगण से अनुरोध है कि इस मोटीवेशनल स्टोरी को कृप्या ध्यान से पढ़ें और समझें यदि अच्छा लगे हों तो हमें आपसभी भाई या बेटा समझकर आशीर्वाद देंगे और किन्हीं को बुरा लगे हों तो हमें अपना साथी यानी मित्र समझकर माफ भी करेंगे।मैं आपसभी के बीच समाज और परिवार में आजकल विवाह यानी शादी से पहले और शादी के बाद का जीवन हमारे माता पिता और अभिभावकों के द्वारा दिए गए संस्कार और व्यवहार पर ही निर्भर करते हैं।शादी से पहले और शादी के बाद किसी अन्य विवाहित या अविवाहित से प्रेम करना यह हमारे समाज और परिवार को गलत दिशा की ओर बढ़ावा देकर एक खुशहाल परिवार को तोड़कर अपने जीवन को खुश करने की बजाय नर्क में धकेलने के बराबर होते हैं।जीवन में एक बात हमेशा याद रखें कि शादी एक पवित्र बंधन है और शुभ विवाह भी जीवन में एक ही बार होते हैं और इसके अलावा या बाद जितनी भी विवाह होती हैं वह अशुभ विवाह ही है।इसलिए शादी की परंपरा को हमसभी किसी भी तरह से कलंकित नहीं होने दें और इसे हर हाल में पवित्र रखने का प्रयास करें।यदि हम खुद अभिभावक होकर भ्रस्ट और अपवित्र हो जाएं तो हमारा बच्चा भी अपने जीवन की दैनिक जीवन में वह भी मर्यादा को खो देंगे और अनुशासन की जगह अनुशासनहीनता ही केवल उनमें दिखाई देंगे।कोई भी पति पत्नी खुशहाल दांपत्य जीवन में ही केवल बच्चों को जन्म दें अन्यथा कभी नहीं जन्म दें क्योंकि आप दोनों की जिंदगी यदि स्वर्ग हुई तो बहुत ही अच्छा है या नर्क हो गई तो बच्चों को भी आप से ज्यादा नर्क देखने को मिलेंगे।शादी जब भी करें तो माता पिता और अभिभावकों के द्वारा तय किए गए रिश्तों को ही खुशीपुर्वक स्वीकार कर उन्हें दिल से धन्यवाद प्रकट करें।मैं आपसभी अभिभावकों से विनम्र विनती करूँगा कि अपने बच्चों को होने वाले वर या वधु के बारे में पूरी तरह से जानकारी जैसे उच्च शिक्षा उम्र व्यवसाय यानी पेशा सरकारी या प्राइवेट नौकरी एकल या संयुक्त परिवार ग्रामीण या शहरी परिवेश रहन सहन आदि अवश्य दें ताकि शादी के बाद दांपत्य जीवन में किसी भी तरह की समस्या जल्दी में नहीं आ पाए और यदि आए तो रिश्ता को तोड़ने की बजाय जोड़ने का भरसक प्रयास करें।प्रेम विवाह हमारे समझ से कदापि नहीं करें क्योंकि माता पिता अभिभावक के भी अपने सपने होते हैं।यदि प्रेम विवाह ही करना है तो अपने ही धर्म और जाती में माता पिता अभिभावक की सहमति से करें अन्यथा कदापि नहीं करें।पति पत्नी का प्यार भरा पवित्र रिश्ता सात जन्मों तक के लिए होता है।हमारे देश की संवैधानिक कानून से माता पिता अभिभावक पति या पत्नी के साथ रहने का अधिकार मिलेगा लेकिन दिल में जगह नहीं बन पाएगा।इसलिए शादी के बाद न्याय के लिए कोर्ट यानी न्यायालय जाने से हमेशा बचें और अपनी बुद्धि विवेक से परिवार को बिखड़ने से बचाने का भरसक प्रयास करें।एक परिवार को टूटने से बचाने में दोनों ही पक्षों के माता पिता अभिभावक रिश्तेदार और समाज की काफी अहम भूमिका होती हैं।धर्म भी कहता है कि किसी की घर परिवार बस जाए मगर कभी उजड़े नहीं जो कि बहुत ही अच्छा पुण्य का काम भी है।न्यायालय तभी जाए जब आपकी समस्या का हल न हो लेकिन यदि केवल किसी के घर को बर्बाद करने की कसम खाकर जाएंगे तो घर बर्बाद होगा ही और इसके साथ साथ आपका भी घर परिवार किसी न किसी रूप में सर्वनाश हो जाएंगे।इसलिए शादी के बाद पति और पत्नी का मैटर जिस दिन न्यायालय में पहुंच गया उस दिन पति हो या पत्नी उन्हें उनका अधिकार तो मिल सकता है लेकिन इज्जत नहीं वापस मिल पाएगा।इसलिए घर के मैटर को घर में ही खत्म करें वरना कोर्ट हो या थाना या संविधान आपको अपना अधिकार तो दिला सकता है परंतु जबरदस्ती किसी के दिल में जगह नहीं दिला पाएगा।पर्सनल रिश्तों में आप जितना झुकेंगे आपकी इज्जत मान सम्मान उतनी ही बढ़ जाएगी।आपसभी पति पत्नी की दांपत्य जीवन ईश्वर की अशीम कृपा से बच्चों को उज्वल भविष्य देने के साथ ही खुशहाल व्यतीत हों।धन्यवाद✍️🕉🪔🛕🚩🍼🧁🤝⚖️⌚💰👫❤💔😥😭🪞📚🇮🇳🏠🌏🙏

आज हम सभी माता पिता की सम्मान और परिवार को मजबूत बनाने के साथ ही बच्चों को पालन पोषण करने में अहम भूमिका की याद दिलाने क...
03/06/2026

आज हम सभी माता पिता की सम्मान और परिवार को मजबूत बनाने के साथ ही बच्चों को पालन पोषण करने में अहम भूमिका की याद दिलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 01 जून को 2012 ईस्वी से वैश्विक माता पिता दिवस यानी वैश्विक अभिभावक दिवस अर्थात ग्लोबल डे ऑफ पैरेंट्स मनाते हुए आ रहे हैं।जब लड़का और लड़की शादी करते हैं तो इनका मुख्य उद्देश्य संतान की प्राप्ति और वृद्ध होने पर बेसहारा की जगह सहारा की जरूरत होते हैं।दुनिया की हर माँ अपनी गर्भ यानी कोख से ही बच्चों को जन्म देती हैं तो इस बच्चे पर केवल माँ की ही हक नहीं होती पिता का भी हक होता है क्योंकि ईश्वर ने माँ को कोख दी है और वंही पिता को जन्म देने की शुक्राणु दिए हैं।बच्चों के माता पिता यानी पैरेंट्स तब बनते हैं जब आप दोनों का लाड़ प्यार एक साथ मिलता हों।किसी कारणवश माता पिता के बीच तलाक हो जाए या अन्य किसी कारण से माता या पिता का साया सड़ से हट जाए तो यह बच्चे की दुर्भाग्य ही कहिए कि केवल किसी एक माता या पिता का प्यार मिला।जब पति और पत्नी की दांपत्य जीवन खुशहाल व्यतीत नहीं हो रहे हैं तो बच्चों को जन्म देने से बचने का भरसक प्रयास करें क्योंकि बच्चा दोनों ही माता पिता की कलहों के बीच बलि का बकरा बनेगा जो कि बच्चे की जीवन पर बहुत ही बुरा असर पर सकता है।बच्चों को उज्जवल भविष्य बनाने में दोनों ही माता पिता का योगदान काफी अहम होते हैं।लड़की की शादी के बाद ससुराल ही अपनी घर होती है और माईका पराई घर हो जाती है लेकिन प्रेम के ऊपर माईका भी अल्प समय के लिए और ससुराल हमेशा दीर्घ काल के लिए ही होती हैं।लड़कों का घर जन्मभूमि से ही होते हैं।आप सभी दैनिक जीवन में एक कहावत सुने होंगे कि हे बौआ आपको भी बौआ होगा अर्थात आप अपने माता पिता के साथ जैसा व्यवहार करेंगे ठीक वैसा ही आपके बच्चे भी आपके साथ उससे भी ज्यादा वही व्यवहार करेंगे।अपने माता पिता की सेवा हमेशा तन मन धन से करें।आप माता पिता और सास ससुर की बेटा या बेटी और दमाद या बहु भी हैं।इसलिए अपने सास ससुर को माता पिता समझकर दमाद या बहु की जगह बेटा या बेटी मानते हुए सेवा और देखभाल दिल से करने का प्रयास करें।माता पिता के लिए पोता पोती और नाती नातिन से भरा पड़ा घर परिवार होना बहुत ही जरूरी है।आप सभी माता पिता दैनिक जीवन में स्वस्थ रहें और अपने बच्चों से सेवा कराने का ईश्वर से सौभाग्य प्राप्त करें।आप सभी माता पिता के लिए यही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि आप दोनों की आयु बहुत ही लंबी हों।आप सभी माता पिता को मेरा सादर प्रणाम है।आप सभी माता पिता से अनुरोध है कि हमसे हुई किसी भी तरह की गलती को क्षमा करने की कृपा करेंगे।इसके लिए मैं आप सभी माता पिता से क्षमा प्रार्थी भी हूँ।आज आप सभी माता पिता के लिए वैश्विक माता पिता दिवस अर्थात ग्लोबल डे ऑफ पैरेंट्स पर ढेर सारी बधाई एवम् हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।आप सभी माता पिता का दिन शुभ और मंगलमय हों।धन्यवाद🕉🚩🪔🛕🌞🎂🌹🥰🌺💐🌼🎁👫🏠🌏💞🌸🎉👌🙏

आज दिनांक 24 मई 2026 दिन रविवार को इस भाई दिवस के शुभ अवसर पर आपसभी भाईयों का परिवार में एक साथ बनाए रखने की ढेर सारी बध...
26/05/2026

आज दिनांक 24 मई 2026 दिन रविवार को इस भाई दिवस के शुभ अवसर पर आपसभी भाईयों का परिवार में एक साथ बनाए रखने की ढेर सारी बधाई एवम हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।भाई सिर्फ भाई ही नहीं ओ घर की हिम्मत और चेहरे की मुस्कान भी होते हैं।भाई लड़ते और झगते भी हैं एवं एक दूसरे के बिना कभी रह भी नहीं पाते हैं।जिन्हें मेरी परेशानी में पहली फिक्र हो ओ मेरे भाई ही हैं।हर रिश्तों की अपनी एक खास पहचान होती है जिसमें भाई रिश्ता ही नहीं जज्बा भी हैं।भाई का रिश्ता जीवन के सबसे मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों में से गिने जाते हैं।भाई सिर्फ खून का रिश्ता ही नहीं होता है बल्कि ये वो साथ होती है जो हर मुश्किलों में ढाल बनकर खड़े रहते हैं।जब सब कोई दुनिया में साथ छोड़ देते हैं तब असली भाई ही सबसे पहले हाथ पकड़ते हैं।ना कोई दिखावा और ना ही कोई स्वार्थ है बस दिल से दिल तक भाई का रिश्ता होता है।हमसभी वो भाई हैं जो साथ हों तो दुनिया झुक जाती है।भाई है तो हिम्मत है और भाई है तो जिंदगी भी हैं।भाई सिर्फ एक रिश्ता ही नहीं है बल्कि हर सुख दुःख में साथ निभाने वाले सबसे मजबूत सहारा होते हैं।जब दुनिया साथ छोड़ दें तब भाई ही कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं।भाई से रिश्ते की अहमियत केवल पैसों से नहीं प्यार से होती है।भाई का प्यार अनमोल होता है जिसमें हमेशा अपनापन विश्वास और सच्चा साथ छुपा रहता है।खुश नसीब होती है वो सभी बहन जिनके पास भाई होते हैं क्योंकि वही भाई हमेशा अपनी बहन के साथ मुश्किलों में ढाल बनकर खड़े होते हैं।भाई का प्रेम रामायण में वर्णित चारों सहोदर भाईयों से सीखें जो कि भरत राजसिंहासन को छोड़कर एक प्रजा की तरह रहकर अपने सबसे बड़े भाई राम के वनवास से लौटने पर उनके राज्याभिषेक करवाए।राम को सुख और दुःख में कदम से कदम मिलाकर चलने वाले लक्ष्मण सदैव साथ खड़े रहे।शत्रुध्न भी भरत को एक वफादार भाई की तरह साथ दिए।कर्म प्रधान विश्व रचि राखा जो जस करहि सो तस फल चाखा।इसका मतलब यह है कि जो भाई या मनुष्य जैसा करेंगे वैसा ही भरेंगे अर्थात यदि आप गाली देंगे तो आपको गाली ही मिलेंगे और प्रेम करेंगे तो आपको प्रेम ही प्रेम मिलेंगे।पांचों अंगुलियाँ एक जैसा नहीं हैं फिर भी एक परिवार को खुशहाल बनाए रखने में सम्पन्न भाई को आगे आकर अपने कमजोर भाई पर ध्यान भी देना चाहिए ताकि उन्हें भी दो वक्त की भोजन मिल सकें।बड़े भाई परिवार में पिता के जैसे देखभाल और दिन दुनिया से परिचित भी करवाते हैं।शादी होने के बाद भी किसी की बहकावे में आकर इस भाई जैसी अनमोल रिश्तों को खराब नहीं होने दें।सभी भाई के साथ मिलने से परिवार में मजबूती आती है।अलग थलग होने से परिवार कमजोर हो जाती है।अपने जीवन में कभी भी धन बल पर अहंकार नहीं करें।आपसभी को भाईयों की रिश्तों में ईश्वर हमेशा प्रेम सम्मान और खुशियाँ बनाए रखें।इसी अनमोल रिश्तों को सम्मान देने और उनके महत्त्व को महसूस करने के लिये हर वर्ष 24 मई को भाई दिवस मनाया जाता है।दुनिया के आपसभी भाइयों का भाई भाई में अटूट प्रेम निरंतर इस भाई दिवस पर बनी हुई रहें।आपसभी बड़े भाईयों को दिल से चरण स्पर्श यानी सादर प्रणाम करता हूँ एवं छोटे भाईयों को स्नेह से भरा ढेर सारी प्यार और आशीर्वाद भी देता हूँ।धन्यवाद✍️🕉🌞🪔🛕🌹💐🌸💙💖💕🧿🔥🎉🤝✊👍💪🏠👯‍♂️🙏

मैं आपसभी मातृ शक्ति को अखंड सौभाग्य के प्रतीक वट सावित्री पूजन की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।भारतीय संस्कृति में विवाह...
24/05/2026

मैं आपसभी मातृ शक्ति को अखंड सौभाग्य के प्रतीक वट सावित्री पूजन की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं की पावन पर्व वट सावित्री व्रत सौभाग्य प्रेम और अटूट समर्पण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।वट सावित्री व्रत सिर्फ एक पूजा ही नहीं है और न ही यह व्रत केवल पति की लंबी आयु के लिए होती है बल्कि पति पत्नी के बीच अटूट प्रेम विश्वास धैर्य सत्य समर्पण एवं साथ रहने का प्रतीक भी है।जैसे सावित्री ने अपनी अखंड प्रेम एवं समर्पण से अपने पति की साथ निभाई है वैसे ही हर दंपति की रिश्ता हमेशा प्रेम और सम्मान के साथ बनी हुई रहें।हिंदू पौराणिक वट सावित्री व्रत कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपनी तप बुद्धि और अटूट प्रेम से अपने पति सत्यवान की प्राण यमदूत यमराज से वापस प्राप्त की थी।उनकी अडिग निष्ठा और साहस के कारण ही यह व्रत सच्ची प्रेम एवं अखंड सौभाग्य की प्रतीक भी मानी जाती है।इस वट यानी बरगद वृक्ष का महत्व दांपत्य जीवन में पति की दीर्घायु स्थिरता और रक्षा शक्ति के लिए ही है।ऐसी मान्यता है कि इसमें ब्रह्मा विष्णु और महेश तीनों देवताओं के निवास स्थान होते हैं।पत्नी इस व्रत के दौरान सुबह में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करती है।इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर उसके चारों ओर धागा बांधकर परिकर्मा करती हैं।सुहागिन महिलाएं सावित्री सत्यवान की कथा सुनकर जरूरतमंद लोगों को दान भी करती है।वट सावित्री व्रत का पूजन मंत्र 🕉 नमः शिवाय या वट वृक्षाय नमः है।इस व्रत का संदेश यह है कि सच्चा प्रेम केवल शब्दों में नहीं है बल्कि विश्वास त्याग और साथ निभाने में होती हैं।माता सावित्री हमें सिखाती हैं कि दैनिक जीवन में धैर्य और सच्ची निष्ठा से हर कठिनाई को जीती जा सकती है।पति की लंबी आयु व्रत करने के साथ ही आपसभी सुहागिन महिलाओं को अपनी मिठास बोली मधुर व्यवहार शुद्ध विचार थके हारे पति की सेवा सच्ची देखभाल हर सुख दुःख में धैर्य के साथ खड़ी रहने और आर्थिक स्थिति की दयनीय होने पर सहायता करने से होती है।पति और पत्नी के बीच किसी भी तरह की प्रैवेसी की बात दांपत्य जीवन में कभी नहीं करें क्योंकि वैवाहिक जीवन सफल होने के लिए सत्यम शिवम सुंदरम की बात को हमेशा याद रखें।बच्चों को जन्म देने से पहले अपनी पवित्र रिश्तों को काफी मजबूत करें।वट सावित्री की यह पावन पर्व आपकी अपनी घर परिवार में हमेशा प्रेम सम्मान सुख शांति समृद्धि अखंड सौभाग्य और स्वस्थ जीवन लेकर आए।माता सावित्री तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आपसभी सुहागिनों के दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास हमेशा बनी रहे एवं परिवार में खुशियों की मिठास यूँ ही खिलती रहें।आपसभी माताओं और बहनों को वट सावित्री व्रत करने के लिए ढेर सारी बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।धन्यवाद✍️🌸🌿💐✨💫💞💛❤️🌺🌳🕉🪔🌞🛕🚩🌏🏠👯‍♂️🙏

आज मैं अपनी बात आपसभी के बीच इस अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस यानी इंटरनेशनल फैमिली डे पर परिवार की भूमिका और उनके महत्व के...
18/05/2026

आज मैं अपनी बात आपसभी के बीच इस अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस यानी इंटरनेशनल फैमिली डे पर परिवार की भूमिका और उनके महत्व के बारे में रख रहा हूँ।परिवार मुख्य रूप से एकल और संयुक्त रूप में बंटा हुआ है।जिसमें माता पिता उनके बच्चे हो एकल और जिसमें दादा दादी चाचा चाची उनके सभी बच्चे भी हों संयुक्त परिवार कहलाता है।विवाह का मुख्य उद्देश्य संतान की प्राप्ति और बुढ़ापे में सेवा देखभाल है।स्त्री से ही परिवार बनी है और परिवार को बनाए रखना हमसभी का कर्तव्य है।परिवार में किलकारी की आगमन से एक अलग ही उत्साह जीवन में आती है।जन्म लिए हुए संतान की शादी के बाद हुई बच्चे पर हमें दादा दादी और कहीं चाचा चाची आदि बनने का हक भी दिलाते हैं।लड़की की शादी के बाद ससुराल ही उनका अपना परिवार और घर दोनों होती हैं।लड़की की ससुराल में ससुर पिता सास माँ भैंसुर बड़े भाई देवर छोटे भाई ननद बहन जेठानी बड़ी बहन देवरानी छोटी बहन आदि उनकी अपनी व्यवहार से ही बनती हैं।शादी के बाद माईका भी मेरा परिवार ही है।माईका और ससुराल दोनों ही परिवार हमेशा खुश रहे।परिवार में सुख दुःख ऊंच नीच उतार चढ़ाव आदि होने पर भी एक साथ रहने की खुशी अलग ही होती है।एकल परिवार में बच्चों की देखभाल सही से नहीं हो पाते हैं और बच्चे को दादा दादी चाचा चाची का लाड़ प्यार भी नहीं मिल पाता है।संयुक्त परिवार में बच्चे सहित सदस्य भी किसी तरह की गलती करने से डरते हैं क्योंकि परिवार में हमेशा कोई न कोई सदस्य घर पर मौजूद रहते ही हैं।रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई के आदर्शों के लिए प्रसिद्ध यह वंश सत्य धर्म कर्म और पराक्रम का प्रतीक रहा है।इस प्रकार हमसभी का परिवार प्यार और विश्वास की नींव पर आधारित होता है।माँ निःस्वार्थ प्यार और अटुट प्रेम की प्रतिक होती है।पिता हमेशा सुरक्षा की अटूट ढाल बने हुए रहते हैं।भाई हर मुश्किल की घड़ी में साथ देने वाले होते हैं।बहन भी खुशियों की अनमोल साथी होती है।जीवनसाथी दाम्पत्य जीवन में साथी हमदम और हमसफर बनकर मरते दम तक एक दूसरे का साथ निभाते रहते हैं।इसलिए परिवार के साथ रहने पर हर मुश्किल काम आसान हो जाता है।परिवार का महत्व किसी भी प्रकार की संपत्ति से अधिक ही होती है।हमारे देश में कई ऐसे लोग भी हैं जिनके पास असीमित धन है परन्तु परिवार का साथ नहीं है।इसलिए परिवार में होने वाली हर छोटी मोटी बातों को लेकर विवाद होने और करने से बचना और बचाना ही उचित कदम हैं।आप अपने परिवार को नहीं तो खो देंगे जो कि सबसे अनमोल धन है।अपने परिवार को सुचारु रूप से चलाने के लिए ताकत नहीं केवल समझ और प्यार चाहिए क्योंकि माली ही जानता है कि किस पौधों को कितनी धूप और जल की आवश्यकता है।आज इस अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर आपसभी परिवार वालों को ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।आपसभी का दिन ईश्वर की असीम कृपा से शुभ और मंगलमय हो।धन्यवाद ✍️🪔🛕🕉🤝🥰❤💔😢⚖️⌚🍼👫👯‍♂️🪙🧁💰🙏👏

1 year later 🗓⏳👣 मैं आपसभी माताओं को मातृ दिवस की ढेर सारी बधाई एवम हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।आपसभी माताओं को जनक नंदन...
15/05/2026

1 year later 🗓⏳👣 मैं आपसभी माताओं को मातृ दिवस की ढेर सारी बधाई एवम हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।आपसभी माताओं को जनक नंदनी माँ सीता की धरती पर अभिनंदन और स्वागत करता हूँ।माँ जन्म दी है पर मां जैसी दिखे सभी माँ ही हैं।आपसभी माताओं ने अपने बच्चों को जन्म दी हैं चाहे लड़का हो या लड़की दर्द दोनों में होती है।सास भी माँ ही हैं क्योंकि एक अपनी कलेजे लाडली गुड़िया को किसी दूसरे लाडला के हाथों सौंप रही है तो दूसरी ने अपना लाडला बेटा को किसी पराई स्त्री के हाथों सौंपी है।एक माँ अपने बेटे को देकर दूसरी माँ यानी सास द्वारा कन्यादान बेटी को साथ लाती है।वह बहु भी बेटी है और बेटी को खुश रखने वाला दामाद भी मेरा बेटा ही है ऐसी सास माँ ही हैं।बेटा बहु और बेटी दामाद के गलती करने पर दोनों को डांटने वाली माँ ही हैं।जब हम सास को माँ समझेंगे तब डांट भी प्यार और सबक लगेगी।एक कहावत है कि माँ मरे मौसी जिए यानी जब माँ मरती है तो मौसी सहारा बनती हैं।इसलिए माँ और मौसी में कोई अंतर नहीं है।मैं आपसभी माताओं से पुनः कहना चाहूँगा कि अपने जीवन में एक बात याद रखें आप बच्चे हैं आपको भी बच्चें होंगे यानी आपका बच्चा भी आप ही से सबकुछ अच्छा बुरा सीखेंगे और आप से भी ज्यादा आपके साथ वही व्यवहार करेंगे।इसलिए मैं आपसभी माताओं से विनती करता हूँ कि संस्कार व्यवहार बाजार से खरीदी नहीं जाती है बल्कि यह गुण अपने ही अंदर अच्छी तरह से विकसित करने वाली एक इच्छा शक्ति हैं जो कि परिवार और समाज के लिए सराहनीय हो।सौतेली माँ को भी दिल से धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने अपनी बच्चों की तरह पाली हों।आपसभी माताओं को दिल से धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने अपने बच्चों के लिए सारी अपनी खुशी त्याग दी हैं।मैं उनसभी माताओं को भी दिल से प्रणाम और धन्यवाद करता हूँ जो कि अपने जीवन में पवित्र हैं और आगे भी पवित्र बनकर रहेगी।मैं उनसभी माताओं को सादर प्रणाम करता हूँ जो कि एक माताएं बनकर दूसरे की माताओं और सास को भी दिल से सेवा देखभाल करती हैं।मैं उनसभी माताओं को आभार व्यक्त करता हूँ और करता रहूँगा जो कि घर परिवार को जोड़ने का काम करती हैं।जो माताएं जीवित हैं उन्हें सादर प्रणाम और जो माताएं स्वर्गलोक पधार चुकी हैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।आपसभी माताओं से मैं विनम्र अनुरोध करता हूँ कि माँ हम से हुई किसी भी प्रकार की गलती को माफ कर देंगी।आपसभी माताओं से कहना चाहूंगा कि आपका बेटा हमेशा आपकी ऋणी रहेगा क्योंकि माँ की दूध का कर्ज किस रूप में चुकाऊं तो भी मुझे कम ही पड़ेगा।आपसभी माताओं को जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं तब भी अपने बच्चों को संस्कार व्यवहार अनुशासन और शिक्षा में कभी कमी नहीं होने दी है उन्हें भी मातृ दिवस की ढेर सारी बधाई एवम हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।धन्यवाद✍️🪔🛕🚩🌞🏵🧁🇮🇳🥰💔😢😭⚖️🍼👫👯‍♂️🏠🤝🙏

हैप्पी मदर्स डे यानी मातृ दिवस की शुभकामनाएं मेरी प्यारी माँ!जब सब कोई साथ छोड़ देते हैं तब भी माँ कभी साथ नहीं छोड़ती ह...
12/05/2026

हैप्पी मदर्स डे यानी मातृ दिवस की शुभकामनाएं मेरी प्यारी माँ!जब सब कोई साथ छोड़ देते हैं तब भी माँ कभी साथ नहीं छोड़ती है।जब हम गिरते हैं तो सबसे पहले माँ ही संभालती है और जब हम रोते हैं तो सबसे पहले माँ ही आँसू पोंछती है।इतना ही नहीं जब हम खुश होते हैं तो सबसे ज्यादा मुस्कुराने वाली भी माँ ही होती है।क्या हम उसमें निःस्वार्थ भाव से माँ की ममता को प्यार करते हैं जो कि माँ हर दिन हमें निःस्वार्थ प्रेम करती हैं।अपनी माँ से कुछ दिल की बात थोड़ा समय निकालकर जरूर कर लिया कीजिए और उनको गले भी लगाइए।माँ का दिन एक दिन नहीं होकर हर दिन होती हैं क्योंकि यह मौका हर किसी को नहीं मिलता है।वैसे तो सब दिन माँ की ही दिन होती है।मदर्स डे पर बस मैं इतना ही कहना चाहता हूँ कि माँ के लिए कोई एक दिन खास नहीं होती है बल्कि माँ के होने से ही हर दिन खास हो जाती हैं।नौ माह तक अपनी गर्भ के अंदर एक प्राण का सृजन कर उसे पूरे जीवन चक्र हेतु तैयार करनेवाली माँ की वंदना के लिए एक दिन क्या एक आयु भी कम ही हैं।जिनकी माँ होती है वह तो कद्र नहीं करते हैं और जिसकी माँ नहीं होती है वह तो माँ के लिए तरसते भी हैं।माँ से बड़ी योद्धा इस दुनिया में कोई नहीं होता है जो कि अपने बच्चों के लिए हर मुश्किलों का सामना करती हैं और अपनी जान की परवाह भी कभी नहीं करती है।हर माँ की ममता प्यार धैर्य और त्याग ही अनमोल हैं।भगवान हर जगह तो नहीं हो सकते थे इसलिए उन्होंने माँ को बनाए हैं।आपको माँ कहूँ या भगवान एक ही बात है।एक कहावत है कि माँ की कमी को इस दुनिया में कोई पूरी नहीं कर सकती हैं।यह एक सच्चाई है लेकिन माँ जैसा प्यार और स्नेह देने से भाभी भी अपने बच्चों जैसी प्यार दे सकती हैं।बहु और दामाद के लिए दिल से सास भी माँ ही होती हैं क्योंकि बेटा और बेटी देकर बहु और दामाद को अपने घर लाते हैं।माँ की ममता का कोई मूल्य नहीं हैं यानी माँ की ममतामई महान है।माँ से बढ़कर कोई नहीं है।माँ की संवेदना और भावना ही एहसास है।माँ आपकी ही तो जीवन का हर क्षण है।मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि हर माताएं अपने जीवन में सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रहें।मैं दुनिया की हर माँ को दिल से आदर सम्मान करता हूँ।मैं हर माँ की ममता और प्रेम का निःस्वार्थ भाव से बच्चों के लिए समर्पण को कोटी नमन करता हूँ।मैं आपसभी माँ को जिन्होंने मुझे जन्म दी हैं और नहीं भी दी है दिल से सादर प्रणाम करता हूँ।मैं आपसभी माताओं से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि मुझसे जाने और अंजाने में हुई गलती को दिल से क्षमा करने की कृपा करेंगी।मैं इसके लिए आपसभी माताओं का दिल से सदा आभारी बना रहूँगा।उनसभी माताओं की भी श्रधासुमन और श्रधांजलि अर्पित करता हूँ जो कि स्वर्गलोक को पधार चुकी हैं।मैं आपसभी माँ को मदर्स डे की ढेर सारी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।धन्यवाद✍️🕉🪔🛕🚩🥰❤💔😢😭🍼👫🥰🎂🏠🇮🇳🌏⚖️🏵👏

10/05/2026

कितने भी बड़े छल क्यों न हो कुद रत के तराजू एक दिन सब हिसाब बराबर कर देते हैं याद रखें कि उन के न्याय से आज तक कोई बच ना पाए हैं शकुनि के छल से ही उनकी मौत कौरव वंश के अंत भी हो गए

Address

VILL/KUMAI , P. O./NARI
Darbhanga
847103

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shivesh Kumar Karn posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share