12/06/2026
फौजी की गाढ़ी कमाई हड़पी, परवल निवासी नौशाद एवं आशीष ने जमीन के नाम पर 6.80 लाख की धोखाधड़ी
देहरादून के ईस्ट होप टाउन में दिखाई फर्जी जमीन, 5 साल से जांच में उलझा मामला, मुकदमा दर्ज
देहरादून। देश की सरहदों की रक्षा में तैनात एक फौजी की जमा-पूंजी पर भूमाफियाओं ने डाका डाल दिया। प्रेमनगर के ईस्ट होप टाउन में सेना के जवान और उनकी पत्नी को झांसा देकर जालसाजों ने एक ऐसी जमीन का बैनामा कर दिया, जिसका मालिकाना हक उनके पास था ही नहीं। दाखिल-खारिज न होने पर जब पीड़ित परिवार ने पड़ताल की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पिछले पांच साल से पुलिस महकमे के चक्कर काट रही पीड़ित महिला ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मूल रूप से खालीसँण (गैरसैंण, चमोली) की रहने वाली श्रीमती कमला देवी पत्नी चंद्र सिंह ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति चंद्र सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में भटिंडा में तैनात हैं। वर्ष 2015 में देहरादून के अम्बीवाला (प्रेमनगर) निवासी आशीष रावत पुत्र मदन सिंह रावत ने उन्हें मौजा ईस्ट होप टाउन में 3 बिस्वा का एक भूखंड दिखाया था। आशीष ने दावा किया था कि यह जमीन परवल निवासी नौशाद खान पुत्र सुलेमान के नाम पर है।
टालमटोल करते रहे आरोपी, बाद में नंबर किया ब्लॉक पीड़िता का आरोप है कि बैनामे के बाद जब उन्होंने दाखिल-खारिज के लिए कहा, तो आरोपी दो-दो महीने का समय मांगकर टालमटोल करने लगे। शक होने पर जब फौजी ने अपने वकील से खतौनी और सरकारी दस्तावेजों की जांच कराई, तो पता चला कि बैनामे में दर्ज खाता और खसरा नंबर पर नौशाद खान के नाम कोई भूमि है ही नहीं। ठगी का अहसास होने पर जब फौजी ने नौशाद को फोन किया, तो उसने पल्ला झाड़ते हुए आशीष से बात करने को कहा और फौजी का नंबर ब्लॉक कर दिया।
वकील का हवाला देकर जीता भरोसा, कुल ₹6.80 लाख हड़पे
पीड़िता के मुताबिक, कुल 6 लाख 30 हजार रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने झांसा दिया कि उनके वकील ने सारे कागजात जांच लिए हैं, इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनकी बातों पर भरोसा कर 5 जुलाई 2016 को बैनामा करा दिया गया। आरोपियों ने चालाकी से कहा कि 'अभी यहां निर्माण मत करना, हम जमीन की नाप करवा रहे हैं।' इस बीच फौजी का ट्रांसफर दूसरी जगह हो गया। जालसाजों ने एडवांस, बैनामा राशि और नकद मिलाकर ₹6,30,000 और रजिस्ट्री के खर्च के 50,000 सहित कुल 6,80,000 हड़प लिए।
किराए के मकान में कट रही फौजी के परिवार की जिंदगी
पीड़िता कमला देवी वर्तमान में देहरादून में ही बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने एसएसपी को बताया कि पिछले 5 वर्षों से पुलिस महकमे द्वारा विभिन्न स्तरों पर इस मामले की जांच की जा रही है, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला और न ही मुकदमा दर्ज हुआ। उन्होंने आरोपियों को भूमाफिया बताते हुए जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।