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🚨 मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को दिए समयबद्धता और गुणवत्त...
28/05/2026

🚨 मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को दिए समयबद्धता और गुणवत्ता के कड़े निर्देश 🚨

🏗️ Infrastructure Update: संतला देवी में नून नदी पर प्रस्तावित झील निर्माण कार्य में तेजी लाने और बरसात से पहले संवेदनशील मार्गों की मरम्मत के दिए निर्देश।

देहरादून (28 मई 2026): उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे और भविष्य में प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

🌊 संतला देवी में नून नदी पर बनेगी आधुनिक झील

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणा के तहत होने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए:

कागजी कार्रवाई जल्द हो पूरी: मसूरी विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध संतला देवी क्षेत्र में नून नदी पर प्रस्तावित झील निर्माण की सभी प्रशासनिक व कागजी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर धरातल पर कार्य शुरू करने को कहा गया है।

पेयजल और पर्यटन पर ध्यान: मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस झील के निर्माण से जहां क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय निवासियों की पेयजल समस्या का भी स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

🛣️ मोटर मार्गों का सुधारीकरण और नए पुलों का निर्माण

लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों से वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्र के मुख्य कनेक्टिविटी मार्गों के सुधारीकरण, डामरीकरण और नए निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य मार्गों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए:

सहस्त्रधारा बायपास से बगलाधोरण मोटर मार्ग

क्यारा-धनौल्टी मार्ग

छमरौली से डोमकोट मोटर मार्ग

बाटाघाट-पुरकुल-मालसी-सरोना-बोंठा मोटर मार्ग

मानसून पूर्व सुरक्षा कार्य: मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आगामी बरसात के सीजन को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा पुश्तों और आवश्यक मरम्मत कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले ही प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लिया जाए।

कामाख्या मंदिर क्षेत्र में नया ब्रिज: इसके साथ ही कामाख्या मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित पुल (ब्रिज) निर्माण कार्य को भी शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी।

इस समीक्षा बैठक के अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (EE) राजेश कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पी.एल. नौटियाल और सहायक अभियंता मोहन सिंह सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

💬 आपकी राय:

मसूरी विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नून नदी पर झील निर्माण और मानसून से पहले सड़कों के सुधारीकरण के इस प्रशासनिक प्रयास को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
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🚨 पत्रकार हेम भट्ट प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा निर्देश: पुलिस अधिकारियों को दिए निष्पक्ष और न्यायोचि...
28/05/2026

🚨 पत्रकार हेम भट्ट प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा निर्देश: पुलिस अधिकारियों को दिए निष्पक्ष और न्यायोचित कार्रवाई के हुक्म! 🚨

⚖️ वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट ने परिवार सहित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में की भेंट— सीएम धामी का स्पष्ट आश्वासन: "तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा न्याय"

देहरादून (28 मई 2026): वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट की पुलिसिया गिरफ्तारी का मामला अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच चुका है। बुधवार को पत्रकार हेम भट्ट ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने पूरे प्रकरण से जुड़े विभिन्न कानूनी और व्यावहारिक बिंदुओं से मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया।

👮 पुलिस महानिदेशक और अधिकारियों को निष्पक्षता के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार हेम भट्ट और उनके परिजनों की बात को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।

सीएम का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित उच्च पुलिस अधिकारियों को पूरे प्रकरण में पूरी तरह से निष्पक्ष और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

तथ्यों के आधार पर होगा फैसला: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले में केवल और केवल तथ्यों को आधार बनाकर उचित वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिससे वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट को पूर्ण न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जा सके।

🏛️ सूचना महानिदेशक भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान शासन के वरिष्ठ अधिकारी और सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस कड़े और स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद अब इस पूरे मामले की जांच की दिशा और दशा पूरी तरह बदल सकती है, जिससे पत्रकार जगत को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

💬 आपकी राय:

पत्रकार हेम भट्ट द्वारा खुद मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पुलिस को निष्पक्ष व न्यायोचित जांच के कड़े निर्देश देने के इस कदम को आप कितना सही मानते हैं?
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🚨 पेंशनरों के लिए धामी सरकार की बड़ी राहत: घर बैठे 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' से होगा जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन 🚨💻 Digit...
28/05/2026

🚨 पेंशनरों के लिए धामी सरकार की बड़ी राहत: घर बैठे 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' से होगा जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन 🚨

💻 Digital Governance: अब दफ्तरों के चक्कर और लंबी कतारों से मिली मुक्ति, 'आधार फेस आरडी' तकनीक से बुजुर्गों का काम हुआ आसान।

देहरादून (28 मई 2026): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष पहल पर प्रदेश के बुजुर्ग पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का ऑनलाइन सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी हो गया है। अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना सत्यापन कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों की भागदौड़ से बड़ी राहत मिली है।

📱 'जीवन प्रमाण' ऐप और 'फेस आरडी' तकनीक का कमाल

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जिनमें से अकेले देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर बिना किसी परेशानी के अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

🏛️ पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में 1.84 लाख से अधिक सत्यापन

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में एक विशेष 'पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल' स्थापित किया गया है:

सफलता के आंकड़े: 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र के माध्यम से 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

प्रशिक्षण और सहायता: यहाँ आने वाले बुजुर्गों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रणाली का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अन्य जनपदों के पेंशनर जो वर्तमान में देहरादून में रह रहे हैं, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश: देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालते ही कोषागार का निरीक्षण कर अधिक से अधिक बुजुर्गों को इस डिजिटल सुविधा से जोड़ने के कड़े निर्देश दिए हैं।

🛠️ घर बैठे सत्यापन के लिए आवश्यक शर्तें और IFMS ऐप

यदि कोई पेंशनर घर बैठे ऑपरेटर आईडी बनाकर स्वयं सत्यापन करना चाहता है, तो निम्नलिखित बातें आवश्यक हैं:

लाभार्थी का आधार कार्ड पूरी तरह अपडेट होना चाहिए।

आधार नंबर का मोबाइल नंबर और संबंधित कोषागार (Treasury) से लिंक होना अनिवार्य है।

इसके अतिरिक्त, पेंशनर आईएफएमएस (IFMS) ऐप के जरिए अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और अपना पेंशन स्टेटमेंट भी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

📞 सहायता के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन और ईमेल

निदेशालय कोषागार द्वारा पेंशनरों के मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता के लिए आधिकारिक संपर्क सूत्र जारी किए गए हैं:

हेल्पलाइन नंबर: 8899890000

आधिकारिक ईमेल: [email protected]

🔐 मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी की महत्वपूर्ण अपील:

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान अपने मोबाइल पर आने वाला आधार ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बिल्कुल साझा न करें और केवल अधिकृत व विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

💬 आपकी राय: बुजुर्ग वरिष्ठ नागरिकों को दफ्तरों की कतारों से बचाने और घर बैठे ही 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' जमा करने की धामी सरकार की इस सुशासन पहल को आप कितना उपयोगी मानते हैं?
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28/05/2026

🚨 विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर विशेष कार्यक्रम: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बालिकाओं को किया जागरूक, स्वच्छता किट का किया वितरण 🚨

Nari Shakti: "माहवारी नारी की सृजन क्षमता का आधार, सामाजिक सोच में बदलाव लाना बेहद जरूरी" — महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री

देहरादून (28 मई 2026): विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने किशोरियों और महिलाओं के लिए आयोजित एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता किट भी वितरित की गईं।

🏛️ "ईश्वर का पवित्र आशीर्वाद है माहवारी" — कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी (IRDT) सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समाज को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया:

सृजन का आधार: उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में इस जैविक प्रक्रिया को पूरी तरह प्राकृतिक, वैज्ञानिक और नारी की सृजन क्षमता का आधार माना गया है। माहवारी महिलाओं को ईश्वर का वह पवित्र आशीर्वाद है, जो उन्हें इस समस्त सृष्टि का सृजनकर्ता बनाता है।

भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता: कैबिनेट मंत्री ने इस विषय पर समाज में फैली रूढ़िवादिता और भ्रांतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस संबंध में सामाजिक सोच को बदलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक खान-पान और इन दिनों में पूरी स्वच्छता व स्वास्थ्यवर्धक उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

💊 केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं

आधिकारिक आंकड़ों के साथ महिलाओं को जागरूक करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए लगातार धरातल पर काम कर रही है:

₹1 में सैनिटरी पैड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में संचालित हजारों जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से मात्र ₹1 में सुरक्षित सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

'मेरी सहेली' योजना: उत्तराखंड सरकार द्वारा 'मेरी सहेली नैपकिन वेंडिंग मशीन' और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की लाखों महिलाओं तक सुरक्षित स्वच्छता उपाय पहुंचाए जा रहे हैं।

🩺 विशेषज्ञ डॉक्टर ने दी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सलाह

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डॉ. निहारिका ने उपस्थित सभी किशोरियों और महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने माहवारी के वैज्ञानिक पहलुओं, इस दौरान होने वाली शारीरिक समस्याओं और उनके सही समाधान के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

इस महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक खजान दास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह और मोहित चौधरी सहित कई विभागीय अधिकारी और प्रतिभागी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

💬 आपकी राय:

समाज में माहवारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बालिकाओं के बीच स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के इन प्रयासों को आप कितना आवश्यक मानते हैं?
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🚨 आसन रिजर्व क्षेत्र में अवैध खनन पर वन विभाग का बड़ा एक्शन: 'कैलाश रिवर बेड मिनरल्स' को कारण बताओ नोटिस जारी 🚨🚫 Environ...
28/05/2026

🚨 आसन रिजर्व क्षेत्र में अवैध खनन पर वन विभाग का बड़ा एक्शन: 'कैलाश रिवर बेड मिनरल्स' को कारण बताओ नोटिस जारी 🚨

🚫 Environment Alert: आसन कंजर्वेशन रिजर्व के 10 किलोमीटर के संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) में नियमों की अनदेखी— 48 घंटे में जवाब न देने पर दर्ज होगी एफआईआर, आज पूरी हो रही है नोटिस की मियाद!

देहरादून/विकासनगर (28 मई 2026): उत्तराखंड के प्रसिद्ध आसन कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास नदियों के सीने को चीरकर किए जा रहे अवैध खनन पर वन विभाग ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने इको सेंसिटिव जोन (ESZ) के नियमों का उल्लंघन करने और बिना अनुमति भारी मशीनों का उपयोग करने के गंभीर आरोपों में खनन कंपनी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। वन विभाग के इस सख्त कदम से क्षेत्र के खनन व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

⚖️ बिना NBWL अनुमति के खनन और परिवहन का आरोप

वन विभाग द्वारा जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिस में कई गंभीर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है:

इको सेंसिटिव जोन का उल्लंघन: आरोप है कि आसन कंजर्वेशन रिजर्व के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इको सेंसिटिव जोन (ESZ) के भीतर बिना राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की अनिवार्य अनुमति के अवैध रूप से खनन कार्य का संचालन किया जा रहा था।

मशीनों का अवैध उपयोग: वन विभाग की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पाया गया कि नावघाट पुल के पास यमुना नदी क्षेत्र में नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर जेसीबी (JCB) और पोकलेन जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था, जो कि नियमों के सख्त खिलाफ है।

⏳ 48 घंटे का अल्टीमेटम, आज समाप्त हो रही है मियाद

वन विभाग ने इस पूरे मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए 'कैलाश रिवर बेड मिनरल्स लिमिटेड' को कारण बताओ नोटिस थमाया है:

कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: कंपनी को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए केवल 48 घंटे का समय दिया गया था। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी, भारी जुर्माना लगाया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

आज खत्म हो रहा है समय: इस कड़े नोटिस की मियाद आज पूरी होने जा रही है, जिससे संबंधित खनन पट्टा धारकों और व्यवसायियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

💼 खनन व्यवसाय पर पड़ेगा बड़ा असर

विकासनगर और पच्छादून क्षेत्र में वन विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के बाद से यमुना नदी क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारों का कहना है कि यदि इस मामले में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है और संबंधित खनन पट्टे पूरी तरह बंद किए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की आपूर्ति और पूरे खनन व्यवसाय पर इसका व्यापक असर पड़ना तय है।

💬 आपकी राय:

पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आसन कंजर्वेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों (ESZ) में भारी मशीनों से हो रहे खनन पर वन विभाग के इस कड़े एक्शन और नोटिस को आप कितना सही मानते हैं?
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🚨 सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पु...
28/05/2026

🚨 सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन 🚨

🔋 Green Energy: मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में दर्ज की 10 गुना वृद्धि— 'पीएम सूर्य घर योजना' के क्रियान्वयन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड!

देहरादून (28 मई 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का आधिकारिक विमोचन किया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तिका केवल एक संकलन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर और हरित (ग्रीन) भविष्य के निर्माण की दिशा में एक सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

📈 दो वर्षों में दर्ज की 10 गुना रिकॉर्ड वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य की ऊर्जा उपलब्धियों के महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए:

क्षमता में बड़ी उछाल: वर्ष 2024 से अब तक, यानी मात्र दो वर्षों के भीतर उत्तराखंड ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।

रेजिडेंशियल रूफटॉप: राज्य वर्तमान में लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहा है, जो आत्मनिर्भरता की ओर एक ऐतिहासिक कदम है।

🥇 'पीएम सूर्य घर योजना' में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही 'पीएम सूर्य घर योजना' के अंतर्गत उत्तराखंड ने देश के सामने एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है:

समय से पहले लक्ष्य प्राप्ति: राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लिया है।

95% कार्य पूर्ण: वर्तमान में निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य धरातल पर पूरा किया जा चुका है, जिससे उत्तराखंड इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया है।

🤝 'टीम उत्तराखंड' और CEEW के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस बड़ी सफलता के लिए यूपीसीएल (UPCL), उरेडा (UREDA), क्षेत्रीय अधिकारियों और CEEW की टीम के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित 'सौर कौथिग' जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटकों और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के प्रति एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इस स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का भागीदार बनाना है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी और पर्यावरण को भी सुरक्षा मिलेगी।

इस गरिमापूर्ण विमोचन कार्यक्रम के अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष सहित पिटकुल और यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

💬 आपकी राय:

पर्यावरण संरक्षण और बिजली बिलों में कटौती के उद्देश्य से उत्तराखंड को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के इन प्रयासों और 'पीएम सूर्य घर योजना' की प्रगति को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?

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🚨 चारधाम और आदि कैलाश यात्रा मार्गों के लिए नई एसओपी जारी: घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर लागू हुए कड़े नियम 🚨📜 Animal Welfa...
28/05/2026

🚨 चारधाम और आदि कैलाश यात्रा मार्गों के लिए नई एसओपी जारी: घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर लागू हुए कड़े नियम 🚨

📜 Animal Welfare: उच्च न्यायालय और एनजीटी के निर्देशों के तहत तय हुई पशुओं की संख्या, नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर दर्ज होगी एफआईआर।

देहरादून (28 मई 2026): उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने तथा यात्रा मार्गों पर अश्ववंशीय पशुओं (घोड़ा-खच्चर आदि) के कल्याण और संरक्षण के लिए एक नवीन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। अपर सचिव संतोष बडोनी द्वारा निदेशक पशुपालन को भेजे गए इस शासनादेश के तहत नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

📊 यात्रा मार्गों पर तय की गई पशुओं की अधिकतम संख्या

माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण और वहन क्षमता को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन संचालित होने वाले पशुओं की संख्या सीमित कर दी गई है:

केदारनाथ मार्ग: अधिकतम 5,000 अश्ववंशीय पशु।

हेमकुण्ड साहिब मार्ग: लगभग 1,050 पशु।

यमुनोत्री मार्ग: लगभग 595 पशु।

🔍 अनिवार्य पंजीकरण और स्वास्थ्य परीक्षण के नियम

अनिवार्य डिजिटल ट्रैकिंग: यात्रा मार्गों पर संचालित होने वाले सभी पशुओं का जिला पंचायत और जिला प्रशासन द्वारा वार्षिक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण से पहले स्वास्थ्य परीक्षण, ग्लैंडर्स जांच, ईयर टैगिंग और माइक्रोचिपिंग की जाएगी।

प्रमाणपत्र की समय-सीमा: पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की वैधता केवल 45 दिनों की होगी, जिसके बाद दोबारा परीक्षण कराना आवश्यक होगा। अपंजीकृत पशुओं के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

☀️ संचालन का समय और मौसम संबंधी पाबंदियां

समय का निर्धारण: सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पशुओं का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। संचालन के लिए टोकन केवल सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही जारी किए जाएंगे।

मौसम का प्रभाव: खराब मौसम, भारी वर्षा, ओलावृष्टि अथवा बर्फबारी की स्थिति में पशुओं के संचालन को तुरंत रोक दिया जाएगा।

सीमाएं: प्रत्येक पशुस्वामी अधिकतम दो पशुओं का संचालन कर सकेगा और प्रतिदिन केवल एक ही टोकन जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान पशु के साथ हॉकर (संचालक) का होना अनिवार्य है।

🏥 पशु कल्याण और चिकित्सा सुविधाएं

खान-पान की व्यवस्था: पशु स्वामियों को प्रत्येक एक किलोमीटर पर स्वच्छ व गुनगुने पानी, चारे और इलेक्ट्रोलाइट की व्यवस्था करनी होगी। शारीरिक क्षति से बचाने के लिए हल्की और वाटरप्रूफ काठियों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।

24x7 चिकित्सालय: यात्रा मार्गों पर स्थायी व अस्थायी पशु चिकित्सालय स्थापित होंगे। बीमार या घायल पशुओं के लिए 24 घंटे इन्फर्मरी (उपचार केंद्र) सुविधा रहेगी। मृत पशुओं के शवों का वैज्ञानिक निस्तारण होगा और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

⚖️ क्रूरता बरतने पर निरस्त होगा लाइसेंस, दर्ज होगी FIR

नई एसओपी में पशुओं पर क्षमता से अधिक भार लादने, बीमार पशुओं से काम लेने, उन्हें पीटने, तेज दौड़ाने या ईयर टैग से छेड़छाड़ करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषी पाए जाने पर संबंधित पशुस्वामी का लाइसेंस निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक स्वतंत्र 24x7 हेल्पलाइन भी स्थापित की जाएगी।

💬 आपकी राय:

चारधाम यात्रा मार्गों पर पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने, सुरक्षा बढ़ाने और उनकी संख्या निर्धारित करने के सरकार के इस कदम को आप व्यवस्था सुधार के लिहाज से कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
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🚨 केदारनाथ धाम वीआईपी बिल प्रकरण: बीकेटीसी अध्यक्ष ने गठित की जांच समिति, तीन सप्ताह में मांगी रिपोर्ट 🚨 Temple Fund: सो...
28/05/2026

🚨 केदारनाथ धाम वीआईपी बिल प्रकरण: बीकेटीसी अध्यक्ष ने गठित की जांच समिति, तीन सप्ताह में मांगी रिपोर्ट 🚨

Temple Fund: सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का मंदिर समिति ने लिया संज्ञान, चार सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम करेगी मामले की निष्पक्ष जांच।

ऋषिकेश/देहरादून (28 मई 2026): श्री केदारनाथ धाम में विशिष्ट अतिथियों (VIPs) के आवास और भोजन आदि के बिलों का भुगतान मंदिर समिति के माध्यम से किए जाने के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने गंभीरता से लिया है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की सत्यता सामने लाने के लिए एक विभागीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है।

🏛️ दान के पैसों का नहीं होगा दुरुपयोग: बीकेटीसी अध्यक्ष

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की संवेदनशीलता पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर समिति पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करती है।

निष्पक्ष जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय विभागीय जांच समिति बनाई गई है, ताकि पूरी निष्पक्षता के साथ सच सामने आ सके।

दोषियों पर होगी कार्रवाई: उन्होंने साफ कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान के पैसों का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

📋 मुख्य कार्याधिकारी ने जारी किए आदेश, ये अधिकारी करेंगे जांच

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ द्वारा जांच समिति के गठन के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस उच्चस्तरीय समिति में विभाग के निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:

हेम कांडपाल (वित्त नियंत्रक)

विपिन तिवारी (अधिशासी अभियंता)

एस.एस. बर्त्वाल (विधि अधिकारी)

राजन नैथानी (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी)

⏳ तीन सप्ताह में सौंपनी होगी रिपोर्ट

गठित जांच समिति को पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करने के लिए तीन सप्ताह (21 दिन) का समय दिया गया है। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जांच आख्या (रिपोर्ट) प्रशासन को सौंपनी होगी। बीकेटीसी अध्यक्ष ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

💬 आपकी राय:

धार्मिक स्थलों के प्रबंधन और मंदिर परिसंपत्तियों की पारदर्शिता को मजबूत बनाए रखने के लिए मंदिर समिति द्वारा त्वरित जांच समिति गठित करने के इस निर्णय को आप कितना सही मानते हैं?
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27/05/2026

🚨 देहरादून में महंगाई पर कांग्रेस का महा-आक्रोश: सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, पेट्रोल पंप पर कड़क प्रदर्शन! 🚨

🛑 घंटाघर और एस्लेहॉल चौक पर सरकार के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी— कांग्रेस उपाध्यक्ष बोले: "बेरोजगारी के बीच महंगे पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस ने बिगाड़ा जनता के घर का बजट!"

देहरादून (27 मई 2026): देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती जा रही महंगाई के खिलाफ आज उत्तराखंड कांग्रेस ने राजधानी देहरादून की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में इकट्ठा हुए भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेसियों ने शहर के मुख्य चौराहों से होते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में जमकर हुंकार भरी।

🏃 घंटाघर से यूनिवर्सल पेट्रोल पंप तक कड़क मार्च

हाथों में तख्तियां और सरकार विरोधी बैनर लिए कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून के दिल घंटाघर पर एकत्र हुए:

रास्ते में गूंजे नारे: कार्यकर्ता घंटाघर से मार्च करते हुए एस्लेहॉल चौक पहुंचे और वहां से आगे बढ़ते हुए यूनिवर्सल पेट्रोल पंप पर जाकर धरने पर बैठ गए।

जामकर हुआ प्रदर्शन: इस दौरान पूरी रैली में कार्यकर्ताओं ने बढ़ती कीमतों के विरोध में सरकार के खिलाफ कड़क नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।

🔥 "महंगाई की मार से त्रस्त है आम जनता" — सूर्यकांत धस्माना

पेट्रोल पंप पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के फायरब्रांड नेता सूर्यकांत धस्माना ने सरकार को आड़े हाथों लिया:

सूर्यकांत धस्माना का कड़क बयान: "आज देश और प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के घरों में रसोई गैस (LPG) नहीं मिल पा रही है। आम जनता इस कमरतोड़ महंगाई की मार से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है, लेकिन सत्ता में बैठी सरकार कोई भी ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है।"

📉 चरम पर बेरोजगारी, बजट पूरी तरह फेल

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि देश में पहले से ही बेरोजगारी अपने चरम स्तर पर पहुंच चुकी है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है। ऐसे दौर में पेट्रोल-डीजल और घरेलू आजीविका से जुड़ी चीजों के दाम बढ़ने से आम जनता के घर का बजट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि आज देश में जो आर्थिक बदहाली और आमजन के सामने संकट की स्थिति पैदा हुई है, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

इस बड़े राजनैतिक प्रदर्शन के दौरान महानगर कांग्रेस के तमाम बड़े पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।

💬 जनता की अदालत:

पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस के इस कड़क सड़क प्रदर्शन और प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के आरोपों पर आपकी क्या राय है?
क्या आपको भी लगता है कि महंगाई से आम जनता के घर का बजट बिगड़ गया है? कमेंट बॉक्स में अपनी कड़क और निष्पक्ष राय जरूर दर्ज करें।

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Suryakant Dhasmana

🚨 बागेश्वर में मानवाधिकार आयोग की कड़क अदालत: 28 और 29 मई को होगी महा-जनसुनवाई, कलेक्ट्रेट और विभागों में हड़कंप! 🚨🛑 विक...
27/05/2026

🚨 बागेश्वर में मानवाधिकार आयोग की कड़क अदालत: 28 और 29 मई को होगी महा-जनसुनवाई, कलेक्ट्रेट और विभागों में हड़कंप! 🚨

🛑 विकास भवन सभागार में दो दिनों तक दर्ज वादों पर सीधे होगी सुनवाई— आयोग के अनु सचिव का कड़ा निर्देश: "तय समय पर अधिकारी और पक्षकार रहें मौजूद, लापरवाही पर होगा कड़ा एक्शन!"

बागेश्वर (27 मई 2026): आम जनता के अधिकारों की रक्षा और विभिन्न विभागों के खिलाफ लंबित मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के ऑन-द-स्पॉट निस्तारण के लिए उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की पीठ इस बार बागेश्वर में कैंप करने जा रही है। आगामी 28 और 29 मई 2026 को जनपद बागेश्वर के ‘‘विकास भवन सभागार’’ में आयोग की दो दिवसीय बेहद महत्वपूर्ण बैठक और जनसुनवाई का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मानवाधिकारों के हनन से जुड़े दर्जनों गंभीर वादों पर सीधे लाइव सुनवाई होगी।

⚖️ वादों का होगा समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण

उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के अनु सचिव राजेंद्र झिंक्वाण ने इस संबंध में आधिकारिक और कड़क जानकारी साझा की है:

अधिकारियों को सख्त हुक्म: आयोग द्वारा इस जनसुनवाई से जुड़े सभी संबंधित पक्षकारों (शिकायतकर्ताओं) और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित तिथि और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

मौके पर होगा फैसला: इस दो दिवसीय कैंप का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकार से संबंधित लंबित पड़े मामलों पर गहन विचार-विमर्श करना और वादों का बेहद प्रभावी व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि जनता को न्याय के लिए राजधानी देहरादून के चक्कर न काटने पड़ें।

👮 प्रशासन और पुलिस कप्तान को कड़े इंतजामों के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग के अनु सचिव राजेंद्र झिंक्वाण ने जिलाधिकारी (DM) बागेश्वर और पुलिस अधीक्षक (SP) बागेश्वर को इस दो दिवसीय वीआईपी जनसुनवाई और बैठक के संबंध में सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं कड़क सुरक्षा व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। आयोग के इस कदम के बाद से ही जिले के उन सरकारी महकमों में खलबली मच गई है, जिनके खिलाफ मानवाधिकार हनन की शिकायतें लंबित चल रही हैं।

💬 जनता की अदालत:

जनता की शिकायतों को सुनने और उनका तत्काल निस्तारण करने के लिए मानवाधिकार आयोग की पीठ द्वारा खुद बागेश्वर (पहाड़) आकर 'समीक्षा बैठक और जनसुनवाई' करने के इस फैसले को आप कितना कड़क और सही मानते हैं?

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