Uttarakhand News Update

Uttarakhand News Update उत्तराखंड की छोटी-बड़ी सभी खबरें

विकास की दौड़ में सुरक्षा का सवालपीपलकोटी टनल हादसे ने एक बार फिर उस मूल सवाल को सामने ला खड़ा किया है कि आखिर हिमालयी राज...
24/08/2026

विकास की दौड़ में सुरक्षा का सवाल

पीपलकोटी टनल हादसे ने एक बार फिर उस मूल सवाल को सामने ला खड़ा किया है कि आखिर हिमालयी राज्य उत्तराखंड में बन रहे बड़े बांध और सुरंग कितने सुरक्षित हैं? विकास की जरूरत और ऊर्जा उत्पादन की महत्वाकांक्षा के बीच क्या हिमालय की संवेदनशीलता को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है? यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यहां की पहाड़ी संरचना सामान्य मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक जटिल और नाजुक है। जलविद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। राज्य में कई बड़ी परियोजनाएं नदियों के प्रवाह और पहाड़ों के भीतर बनाई जा रही लंबी सुरंगों पर आधारित हैं। लेकिन हिमालय में सुरंग निर्माण केवल इंजीनियरिंग की चुनौती नहीं है, बल्कि यह प्रकृति की अनिश्चितताओं से लगातार मुकाबला भी है। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी सुरंगों में पानी का दबाव, कमजोर चट्टानें, भूगर्भीय दरारें और अचानक होने वाले भू-परिवर्तन बड़ी चुनौती बनते हैं।
उत्तराखंड में इससे पहले भी कई घटनाएं यह संकेत दे चुकी हैं कि पहाड़ों के भीतर बड़े निर्माण कार्यों में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है। वर्ष 2021 की ऋषिगंगा-धौलीगंगा आपदा में तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा था। ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने बांध और टनल क्षेत्र को प्रभावित किया था और बड़ी संख्या में श्रमिकों की जान चली गई थी। वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग हादसे ने भी देश को दिखाया कि हिमालयी भूगर्भ में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण है।
पीपलकोटी की घटना इसी चिंता को और गहरा करती है। विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में लंबी सुरंगों और भूमिगत संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। परियोजना से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों में भी हिमालयी क्षेत्रों में भूगर्भीय परिस्थितियों, पानी के दबाव और निर्माण संबंधी चुनौतियों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हर परियोजना में केवल निर्माण की गति नहीं, बल्कि सुरक्षा की गुणवत्ता सबसे बड़ा मानक हो। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या परियोजनाओं की सुरक्षा जांच केवल निर्माण शुरू होने से पहले की प्रक्रिया तक सीमित है या समय-समय पर वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर समीक्षा भी होती है? क्या पहाड़ के भीतर होने वाले छोटे बदलावों, पानी के रिसाव या चट्टानों की हलचल को गंभीर चेतावनी के रूप में लिया जाता है? यदि किसी स्थान पर खतरे के संकेत पहले से दिखाई दे रहे हों तो क्या तत्काल काम रोकने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था प्रभावी है? बांध और टनल की सुरक्षा केवल तकनीकी डिजाइन से तय नहीं होती। इसके लिए लगातार निगरानी, मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र, स्थानीय भूगर्भीय अध्ययन और श्रमिक सुरक्षा जरूरी है। केवल आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञों की मौजूदगी पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उत्तराखंड जैसे राज्य में जहां एक ओर जलविद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, वहीं दूसरी ओर हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी भी है। इसलिए विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए जो पहाड़ों की क्षमता और सीमाओं दोनों को समझे। बड़े बांध और सुरंगें राज्य की जरूरत हो सकती हैं, लेकिन इनके निर्माण में यदि सुरक्षा की अनदेखी होती है तो यही विकास भविष्य में विनाश का कारण बन सकता है। पीपलकोटी हादसे के बाद अब केवल जांच रिपोर्ट का इंतजार पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यकता इस बात की है कि राज्य की सभी निर्माणाधीन और संचालित जलविद्युत परियोजनाओं का स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। यह देखा जाए कि क्या वर्तमान सुरक्षा मानक हिमालय की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप हैं। क्योंकि सवाल केवल एक टनल या एक परियोजना का नहीं है, बल्कि उन हजारों श्रमिकों की जिंदगी का है जो पहाड़ों के भीतर राष्ट्र निर्माण के काम में लगे हैं। उत्तराखंड में विकास की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता। सड़कें, सुरंगें, जलविद्युत परियोजनाएं और आधारभूत ढांचा राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी हैं, लेकिन विकास की कीमत मानव जीवन नहीं हो सकती। हिमालय में विकास का रास्ता प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही तय करना होगा।
पीपलकोटी हादसा चेतावनी है कि पहाड़ों में बड़े प्रोजेक्ट केवल इंजीनियरिंग की परीक्षा नहीं होते, बल्कि वे सुरक्षा, पर्यावरण और मानवीय संवेदनशीलता की भी कसौटी होते हैं। अब समय आ गया है कि हर परियोजना की सुरक्षा समीक्षा केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर उसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, क्योंकि पहाड़ों में एक छोटी चूक भी कई परिवारों के जीवन में बड़ा अंधेरा ला सकती है। हिमालय उत्तराखंड की पहचान है, लेकिन यही हिमालय सबसे बड़ी चुनौती भी है। इसलिए यहां विकास की हर सुरंग और हर बांध को प्रकृति के साथ संतुलन और सुरक्षा की कसौटी पर खरा उतरना होगा।

युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बना रही धामी सरकार : विपुल मैंदोलीयुवा शक्ति के सामर्थ्य से आत्मनिर्...
24/08/2026

युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बना रही धामी सरकार : विपुल मैंदोली

युवा शक्ति के सामर्थ्य से आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव रख रही धामी सरकार

युवा आयोग से रोजगार तक, धामी सरकार ने युवाओं के लिए खोले अवसरों के नए द्वार

युवा आयोग से नीति निर्माण में और मजबूत होगी युवाओं की भागीदारी

युवा आयोग के जरिए युवा शक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी धामी सरकार

देहरादून। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने युवाओं को केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला और प्रदेश के विकास का भागीदार बनाने की दिशा में ठोस काम किया है। शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और खेल, हर क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसरों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहले युवा आयोग का गठन सरकार की युवा केंद्रित सोच का ऐतिहासिक प्रमाण है। पहली बार युवाओं की समस्याओं, सुझावों और आकांक्षाओं को संस्थागत मंच मिला है। यह युवा आयोग युवाओं की आवाज को नीति निर्माण से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा और क्षमता को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम करेगा।

मैंदोली ने कहा कि पलायन रोकने का स्थायी समाधान पहाड़ों में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी उद्देश्य से पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा में तीन नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और सामान्य परिवारों के मेधावी बच्चों के सपनों को आर्थिक संसाधनों की कमी बाधित न करे, इसके लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत 10 हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए ₹7 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह फैसला हजारों युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की नीति ‘नौकरी पाने’ से आगे बढ़कर ‘नौकरी देने’ वाली युवा शक्ति तैयार करने की है। 18 से 30 वर्ष के युवाओं को IIT-IIM जैसे संस्थानों से प्रशिक्षण और नया उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यानी विचार से लेकर प्रशिक्षण और पूंजी तक सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर भी धामी सरकार ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ‘अग्निवीर सेल’ और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के माध्यम से चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के अनुभव को प्रदेश निर्माण की शक्ति में बदलने का प्रयास है।

मैंदोली ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया और नियमित परीक्षा कैलेंडर के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से 35 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹1,389 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत कर करीब 64,966 स्थानीय रोजगार सृजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने खेल प्रतिभाओं को भी सम्मान और प्रोत्साहन दिया है। खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की पुरस्कार राशि में 30 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी के साथ उत्तराखंड ने 103 पदकों के साथ देश में सातवां स्थान हासिल कर अपनी खेल क्षमता का भी परिचय दिया है।

मैंदोली ने कहा कि धामी सरकार की युवा नीति का मूल मंत्र स्पष्ट है—शिक्षा में अवसर, कौशल में मजबूती, रोजगार में पारदर्शिता, उद्यमिता में सहयोग और प्रतिभा को सम्मान। युवा आयोग से लेकर औद्योगिक पार्क, निःशुल्क कोचिंग से लेकर उद्यमिता सब्सिडी और अग्निवीरों के लिए आरक्षण तक, सरकार के फैसले दिखाते हैं कि उत्तराखंड के भविष्य की नींव युवा शक्ति के सामर्थ्य पर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज का सशक्त युवा ही कल का आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएगा और धामी सरकार इसी संकल्प के साथ युवाओं को अवसर, प्रतिभा को मंच और मेहनत को सफलता की राह देने के लिए निरंतर काम कर रही है।

सुमित शर्मा ने 24वीं स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीते चार स्वर्ण पदकदेहरादून के तिलक रोड निवासी निशानेबाज सुमित शर्मा न...
11/08/2026

सुमित शर्मा ने 24वीं स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीते चार स्वर्ण पदक

देहरादून के तिलक रोड निवासी निशानेबाज सुमित शर्मा ने उत्तराखंड राज्य राइफल संघ द्वारा आयोजित 24वीं स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रैप और डबल ट्रैप स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उनकी इस उपलब्धि से देहरादून जिले के साथ-साथ उत्तराखंड का भी गौरव बढ़ा है।

सुमित शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के निरंतर सहयोग और अपने कोच सुभाष राणा के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रोत्साहन और कोच के निर्देशन ने उन्हें निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।

सुमित शर्मा पिछले कई वर्षों से ट्रैप और डबल ट्रैप स्पर्धाओं में स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इसके अलावा, वह कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।

अब सुमित शर्मा का लक्ष्य आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश और राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। इसके लिए वह पूरी लगन और समर्पण के साथ पटियाला और दिल्ली में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए वह अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

सुमित की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, खेलप्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

शहीद के सम्मान के साथ विकास की नई इबारत : एमडीडीए की योजनाओं से बदलेगी मसूरी विधानसभा की तस्वीरमुख्यमंत्री धामी ने एमडीड...
04/08/2026

शहीद के सम्मान के साथ विकास की नई इबारत : एमडीडीए की योजनाओं से बदलेगी मसूरी विधानसभा की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी ने एमडीडीए की 17.80 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

पुरकुल में शहीद दीपक पुण्डीर स्मृति सामुदायिक भवन राष्ट्रसेवा को नमन, सड़क, नाली और सामुदायिक भवनों से क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मसूरी विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों को मंगलवार को नई गति मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरकुल में एमडीडीए की लगभग 17 करोड़ 80 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें शहीद दीपक पुण्डीर की स्मृति में निर्मित आधुनिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और एमडीडीए मिलकर केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार ही नहीं कर रहे, बल्कि जनभावनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का नया मॉडल तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरकुल में शहीद दीपक पुण्डीर की स्मृति में लगभग 3.36 करोड़ रुपये की लागत से एमडीडीए द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही प्राधिकरण की चार महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इनमें सालावाला में लगभग 86 लाख रुपये की लागत से सड़क एवं पुस्ता निर्माण, डोभालवाला में 1.32 करोड़ रुपये की लागत से सड़क एवं नाली निर्माण, विजय कॉलोनी में 1.32 करोड़ रुपये की लागत से सड़क एवं नाली निर्माण तथा सालावाला में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से नए सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थानीय नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी।

एमडीडीए के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं को मिल रही नई मजबूती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार और एमडीडीए के समन्वित प्रयासों से सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शहरी सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मसूरी जैसे पर्यटन क्षेत्र का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। इसी सोच के साथ पुरकुल में सैन्य धाम का निर्माण, मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किलोमीटर सड़क का उच्चीकरण तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।

सड़क, सुरक्षा और पर्यटन विकास पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मालदेवता लाल पुल से सिल्ला-मोलधार होते हुए सुआखोली तक सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। सहस्त्रधारा क्षेत्र में बाल्दी नदी के किनारों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य तथा न्यू कैंट रोड क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी परियोजनाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य मसूरी विधानसभा क्षेत्र को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाना है।

'बिना रुके, बिना थके' विकास के संकल्प पर सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए हर वादे को बिना रुके और बिना थके पूरा कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सुशासन और पारदर्शिता को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, होमस्टे और मेड इन उत्तराखंड जैसी योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं।

गणेश जोशी बोले— एमडीडीए के कार्यों से जनता को मिलेगा सीधा लाभ
कैबिनेट मंत्री एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एमडीडीए द्वारा मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मसूरी विधानसभा का संतुलित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित होगा।

योजनाबद्ध विकास से बदलेगी मसूरी विधानसभा की तस्वीर
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। सड़क, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं स्थानीय नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाएंगी। एमडीडीए का उद्देश्य प्रत्येक विकास कार्य को गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कर क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास को सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में शहीद दीपक पुण्डीर के परिजन, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकों के साथ एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया, एस0 डी0एम0 मुसूरी राहुल आनंद , अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अवर अभियंता सचिन तोमर, दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुण्डीर एवं लक्ष्मण सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदमचारधाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी भक्तों की संख्या बढ़ीजागेश्वर व...
03/08/2026

उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम

चारधाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी भक्तों की संख्या बढ़ी

जागेश्वर व त्रियुगीनारायण में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना

धारी देवी में दोगुना और पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना बढ़े श्रद्धालु

देहरादून। उत्तराखण्ड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश में चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस वर्ष की पहली छमाही में ही जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा) और त्रियुगीनारायण मंदिर (रुद्रप्रयाग) में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है। वहीं पूर्णागिरि धाम (चंपावत) में लगभग डेढ़ गुना और धारी देवी (श्रीनगर) में करीब दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड मंदिरमाला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक मंदिरों के विकास, तीर्थस्थलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के निर्माण तथा परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

धामी सरकार की दूरदर्शी सोच और प्रभावी प्रयासों का परिणाम है कि चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। अब तक 105 दिनों में 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।

उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग की वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) की रिपोर्ट के अनुसार, जागेश्वर धाम में इस वर्ष 1,74,119 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 67,875 थी।

पूर्णागिरि धाम में इस वर्ष जून तक 20,91,788 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसी प्रकार धारी देवी मंदिर में इस वर्ष 5,42,626 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 2,83,275 थी। रुद्रप्रयाग स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर में भी इस वर्ष पहली छमाही में 3,40,385 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1,36,120 थी।

टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक यहां 15,97,439 पर्यटक पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 13,62,600 थी। इसके अतिरिक्त कार्तिक स्वामी मंदिर (रुद्रप्रयाग) और सुरकंडा देवी मंदिर (टिहरी) में भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड

उत्तरकाशी जनपद स्थित यमुनोत्री धाम की यात्रा कठिन होने के बावजूद इस वर्ष यहां श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 2 अगस्त तक 6,54,958 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

इससे पूर्व वर्ष 2025 में 6,44,637, वर्ष 2024 में 5,15,067, वर्ष 2023 में 5,60,918, वर्ष 2022 में 6,21,504 तथा वर्ष 2021 में 33,331 श्रद्धालु यहां पहुंचे थे।

बद्रीनाथ यात्रा बनाएगी नया कीर्तिमान

बद्रीनाथ यात्रा ने 31 जुलाई को 100 दिन पूरे कर लिए। इस अवधि में 15,52,021 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 12,40,408 थी। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 3,11,613 अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं।

आदि कैलाश में रिकॉर्ड बढ़ी आस्था

पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। मात्र दो माह में 52,441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मानसून के कारण 1 जुलाई से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2023 के दौरे के बाद आदि कैलाश यात्रा को नई पहचान मिली। वर्ष 2022 से पहले यहां आने वाले यात्रियों की संख्या 2,000 से भी कम थी। वर्ष 2023 में 10,025, वर्ष 2024 में 29,352, वर्ष 2025 में 36,526 और वर्ष 2026 में मात्र दो माह में ही 52,441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

नैनीताल जनपद स्थित कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वर्ष जनवरी से जून तक 24,34,507 श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे। इनमें केवल जून माह में ही 8.66 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के प्रमुख एवं प्राचीन मंदिरों का विकास किया जा रहा है तथा तीर्थस्थलों में आधुनिक और बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध, योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा:...
03/08/2026

अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध, योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के स्थान पर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तराखंड ने रचा इतिहास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है तथा यही विश्वास जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की ऐसी कार्यसंस्कृति स्थापित हुई है, जिसमें योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानती है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को मजबूत करती है तथा राज्य के सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय वृद्धि, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अन्य पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से प्राप्त लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अनेक लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुरांशखंडा में किसानों को निःशुल्क बीज वितरित किए, सेब-कीवी बागानों और पॉलीहाउस को बढ़ावा देने ...
03/08/2026

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुरांशखंडा में किसानों को निःशुल्क बीज वितरित किए, सेब-कीवी बागानों और पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

देहरादून, 03 अगस्त। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के बुरांशखंडा पहुंचकर उद्यान विभाग द्वारा संचालित बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क मटर बीज एवं अन्य सब्जियों के बीज वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से संवाद कर उन्हें सरकार की विभिन्न कृषि एवं बागवानी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी पिचकर पैलेस में उद्यान विभाग द्वारा वर्षाकालीन निःशुल्क पौध तथा सब्जियों के बीज भी वितरण किया।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में बागवानी मिशन के अंतर्गत सेब एवं कीवी के अधिक से अधिक बागान स्थापित किए जाएं। साथ ही नाबार्ड के सहयोग से किसानों को पॉलीहाउस स्थापना के लिए प्रोत्साहित कर अधिकाधिक लाभान्वित किया जाए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि बुरांशखंडा में शीघ्र ही सचल दल केंद्र का निर्माण कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को तकनीकी सहायता और कृषि संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि आधुनिक खेती एवं बागवानी तकनीकों को अपनाकर उनकी आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को सुवाखोली में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने तथा पात्र किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक बागवानी, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पॉलीहाउस, सिंचाई, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान पूनम देवी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुशाल राणा अनुज कौशल, संजय राणा, श्याम सिंह मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 # # # राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने की समीक्षा बै...
03/08/2026

# # # राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने की समीक्षा बैठक

**देहरादून, 3 अगस्त।** प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री **सुबोध उनियाल** ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक (एमडी) के साथ बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री **सुबोध उनियाल** ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एनएचएम के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानव संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जनोन्मुखी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मंत्री **सुबोध उनियाल** ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

एमडीडीए में आयोजित हुआ 'समाधान दिवस', आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए गए निर्देशमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ...
03/08/2026

एमडीडीए में आयोजित हुआ 'समाधान दिवस', आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए गए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आमजन की शिकायतों एवं सुझावों के प्रभावी और त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को आयोजित किए जाने वाले 'समाधान दिवस' के क्रम में सोमवार, 03 अगस्त 2026 को प्राधिकरण मुख्यालय में समाधान दिवस आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 15 नागरिकों ने अपनी शिकायतें, आपत्तियां एवं सुझाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। प्राप्त शिकायतों में अवैध निर्माण, भवन मानचित्र, विकास कार्यों, सड़क, जल निकासी, भूमि संबंधी मामलों तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विषय शामिल रहे। सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।

समाधान दिवस के दौरान सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता तथा अवर अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना और कई मामलों में तत्काल समाधान की प्रक्रिया भी प्रारंभ कराई।

उपाध्यक्ष, एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप शासन-प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जा रहा है। समाधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों को एक ही मंच पर अपनी समस्याएं रखने का अवसर उपलब्ध कराना तथा उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। आमजन की संतुष्टि और सुशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने दिया जाएगा।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि समाधान दिवस के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत और सुझाव का विधिसम्मत एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायतकर्ताओं से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें, जिससे आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।

भाजपा NGO प्रकोष्ठ द्वारा NGO'S समन्वय एवं विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन- प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने किया सम्मेलन का ...
02/08/2026

भाजपा NGO प्रकोष्ठ द्वारा NGO'S समन्वय एवं विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन

- प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने किया सम्मेलन का शुभारम्भ, उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं को किया सम्मानित

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखण्ड के NGO प्रकोष्ठ द्वारा देहरादून के टाउन हॉल में रविवार को “NGO समन्वय एवं विकास सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का प्रेरक संदेश “बदलाव की शुरुआत आपके एक कदम से” रखा गया। सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं को संगठित, सशक्त और प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेन्द्र भट्ट ने भारत माता, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर श्री महेन्द्र भट्ट ने प्रदेशभर से आई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने समाजसेवा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, पशु-पक्षी सेवा, रक्तदान, गौसेवा तथा जनकल्याण के अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं सरकार और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करती हैं। जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं के अनुभव और सहयोग से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।

सम्मेलन संयोजक डॉ. सन्देश यादव ने कहा कि सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखण्ड के सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, उनके अनुभवों एवं उपलब्धियों को साझा करने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान और प्रोत्साहन देना है।

सम्मेलन के प्रारम्भिक सत्र में देहरादून के महापौर श्री सौरभ थपलियाल ने स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को और अधिक ऊर्जा, समर्पण तथा सामूहिक भावना के साथ जनहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

भाजपा के प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक श्री कौस्तुभानंद जोशी ने सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों, उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं समाज के विकास और जरूरतमंद लोगों की सहायता में अग्रणी भूमिका निभाती हैं। भाजपा NGO प्रकोष्ठ समय-समय पर संस्थाओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करता रहेगा।

सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रकोष्ठ के सह-संयोजक श्री सचिन अग्रवाल, भाजपा NGO प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री सुशील बहुगुणा, प्रदेश सह-संयोजक श्रीमती मधु जैन, श्री विनीत कुमार, देहरादून महानगर जिला संयोजक श्रीमती नलिनी त्रिखा तनेजा, देहरादून ग्रामीण जिला संयोजक श्रीमती गीता मौर्या, श्री हरभजन सिंह चुघ, श्री मनोज कुमार तथा उत्तराखण्ड NGO अलायंस की श्रीमती पायल यादव सहित प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, जनसेवियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उत्तराखण्ड में सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
- सम्मेलन संयोजक डॉ. सन्देश यादव बोले—स्वयंसेवी संस्थाओं को समन्वय, संवाद और सम्मान देने का प्रभावी मंच बनेगा NGO प्रकोष्ठ

Address

18 Darshni Gate Near Railway Station Dehradun
Dehra Dun
248001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Uttarakhand News Update posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Uttarakhand News Update:

Shortcuts

Share