03/06/2026
ढकरानी के स्टोन क्रशर में नया नियम मेहनताना मांगो और मार खाओ! बकाया भुगतान मांगने पहुंचे ट्रैक्टर स्वामी से मारपीट का आरोप
विकासनगर के ढकरानी स्थित एक स्टोन क्रशर से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मेहनत की कमाई मांगना अब जुर्म हो गया है क्या आरोप है कि महीनों से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे एक ट्रैक्टर स्वामी ने जब अपने पैसे मांगे, तो उसे हिसाब-किताब की जगह कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट का सामना करना पड़ा। अगर आरोप सही हैं, तो लगता है कुछ लोगों ने भुगतान का नया फार्मूला तैयार कर लिया है—"पैसे मांगोगे, तो परेशानी पाओगे।"
जानकारी के मुताबिक ट्रैक्टर स्वामी लंबे समय से ढकरानी के एक स्टोन क्रशर में कार्य कर रहा था। आरोप है कि उसका भुगतान लंबे समय से लंबित था। कई बार याद दिलाने और अनुरोध करने के बाद भी जब मेहनत की कमाई नहीं मिली, तो वह खुद अपने पैसे मांगने क्रशर पहुंच गया।
लेकिन यहां कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि मेहनताना मांगने वाला ही कटघरे में खड़ा नजर आने लगा। पीड़ित का आरोप है कि बात इतनी बढ़ गई कि उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। सवाल यह है कि अगर भुगतान देना ही था, तो हिसाब की कॉपी खुलती या फिर हाथ?
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि किसी भी आर्थिक विवाद का समाधान बातचीत और कानून के दायरे में होना चाहिए, लेकिन यदि बकाया मांगने वालों को डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो जाए, तो यह बेहद चिंताजनक है।
पीड़ित पक्ष अब पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन आरोपों ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
मेहनत मजदूर करे, गाड़ी ट्रैक्टर स्वामी चलाए, काम समय पर हो जाए, लेकिन जब भुगतान की बारी आए तो हिसाब की जगह हिसाब मांगने वाले की पिटाई हो जाए—तो सवाल उठना लाजिमी है। अब देखना यह होगा कि कानून का पलड़ा भारी पड़ता है या फिर बकाया मांगने वालों की आवाज इसी तरह दबाने की कोशिश की जाती रहेगी।