23/08/2026
त्योहार बाद आने वाली खाद्य जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, सैंपलिंग व्यवस्था की समयबद्धता पर प्रश्न
विकासनगर। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो जाता है। दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों में औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट अक्सर त्योहार बीत जाने के बाद सामने आती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामी पाई जाती है और उसकी रिपोर्ट समय पर उपलब्ध ही नहीं होती, तो त्योहार के दौरान लोगों को संभावित नुकसान से बचाने की कार्रवाई आखिर कैसे होगी?
त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, दूध से बने उत्पाद, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बाजारों में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाया जाता है। विभाग की यह कार्रवाई मिलावट पर अंकुश लगाने की दिशा में जरूरी कदम है, लेकिन सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में लगने वाला समय पूरी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान से लिया गया सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है और उसकी रिपोर्ट कई दिनों बाद आती है, तब तक वही खाद्य सामग्री बिक चुकी होती है और त्योहार भी समाप्त हो चुका होता है। यदि बाद में रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई तो हो सकती है, लेकिन तब तक संभावित नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को केवल सैंपल लेने तक सीमित रखने के बजाय रिपोर्ट और कार्रवाई को भी समयबद्ध नहीं किया जाना चाहिए? आधुनिक तकनीक के इस दौर में ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत महसूस की जा रही है, जिसमें संदिग्ध खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच जल्द हो सके और गंभीर गड़बड़ी मिलने पर तत्काल बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
लोगों का कहना है कि त्योहार से पहले जांच अभियान चलाने का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जांच के परिणाम भी समय रहते सामने आएं। केवल सैंपल लेकर रिपोर्ट त्योहार के बाद आने से व्यवस्था का निवारक प्रभाव कमजोर पड़ जाता है।
अब जरूरत इस बात की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग सैंपलिंग के साथ-साथ त्वरित जांच, समयबद्ध रिपोर्ट और तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत करे, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से खिलवाड़ की आशंका को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।