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17/10/2026

LIVE: मुख्य सेवक सदन, देहरादून में Devbhoomi Dialogue चैनल के साथ संवाद कार्यक्रम

*प्रेस विज्ञप्ति**दिनांक – 16 अक्टूबर 2026, देहरादून।**‘धर्म शक्ति दिवस’ पर आकाश मार्ग में पुष्पक विमान और लेज़र तकनीक स...
17/10/2026

*प्रेस विज्ञप्ति*

*दिनांक – 16 अक्टूबर 2026, देहरादून।*

*‘धर्म शक्ति दिवस’ पर आकाश मार्ग में पुष्पक विमान और लेज़र तकनीक से हुआ रावण–जटायु का महासंग्राम, डिजिटल लेज़र वॉल से बनी अद्भुत लक्ष्मण रेखा ने मोहा दर्शकों का मन!*

*‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ के छठे दिवस पर शूर्पणखा लीला और सीता हरण का भव्य मंचन, डिजिटल चिंगारियों और आधुनिक तकनीक ने रचा अलौकिक दृश्य संसार।*

देहरादून के रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजी.) द्वारा आयोजित उत्तराखंड की ऐतिहासिक भव्य रामलीला महोत्सव–2026 के छठे दिवस को ‘धर्म शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर शूर्पणखा लीला और सीता हरण का भव्य मंचन किया गया। आकाश मार्ग में पुष्पक विमान और आधुनिक लेज़र तकनीक के माध्यम से रावण–जटायु के महासंग्राम का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया। वहीं, डिजिटल लेज़र वॉल से बनी लक्ष्मण रेखा और उसे पार करने के प्रयास में रावण के स्पर्श से निकली डिजिटल चिंगारियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डिजिटल वन, कुटिया और पुष्पक विमान के प्रभावशाली संयोजन ने सीता हरण के प्रसंग को भव्य एवं जीवंत रूप प्रदान किया।

‘धर्म शक्ति दिवस’ पर श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून द्वारा सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख श्री श्री 108 महंत कृष्णगिरी महाराज जी तथा श्री गंगा सभा, हरकी पैड़ी, हरिद्वार के महामंत्री श्री तन्मय वशिष्ठ जी को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि CWC सदस्य श्री गुरदीप सिंह सप्पल जी ने कहा कि यह रामलीला धार्मिक सद्भाव एवं सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल है, जिसे वर्ष 2025 में 82 लाख से अधिक लोगों ने देखा और यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीला बनी। गुरु नानक मैदान में आयोजित होने वाली यह रामलीला सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के आपसी सम्मान एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

टपकेश्वर के महंत श्री श्री 108 कृष्णा गिरी जी महाराज ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं का संरक्षण आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक के साथ पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को भव्य रूप में प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है।

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला आज देहरादून में नई ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है। लेज़र और डिजिटल तकनीक के माध्यम से पारंपरिक प्रसंगों को नई पीढ़ी के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। ‘धर्म शक्ति दिवस’ का उद्देश्य सनातन संस्कृति, धार्मिक संस्थाओं और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान को और मजबूत करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि CWC सदस्य श्री गुरदीप सिंह सप्पल, टपकेश्वर के महंत श्री श्री 108 कृष्णा गिरी जी महाराज, श्री गंगा सभा, हरकी पैड़ी, हरिद्वार के महामंत्री श्री तन्मय वशिष्ठ, मधुबन ग्रुप ऑफ होटल्स के हेमंत कोच्चर, श्री हनुमान चालीसा समूह की अध्यक्षा सारिका चौधरी, सचिव रजनी वर्मा, शिवप्रसाद नौटियाल, हेमंत माटा, सौरभ शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून द्वारा पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को टिहरी बांध के कारण पुरानी टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित किया गया। वर्ष 2025 में इस रामलीला को डिजिटल माध्यमों पर 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा, जिसके चलते यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीला बनी। वर्ष 2026 में समिति ने डिजिटल माध्यमों से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा है।

भव्य रामलीला महोत्सव–2026 का आयोजन 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स, देहरादून में किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन और 21 अक्टूबर को श्रीराम राजतिलक का भव्य आयोजन किया जाएगा।

समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से सपरिवार महोत्सव में पहुँचकर रामलीला के दिव्य मंचन का आनंद लेने और उत्तराखंड की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनने की अपील की है।

*जय श्री राम!*

खबर का असर माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रयोग शाला सहायक कार्यालय सहायकों का शासन से बजट हुआ पास कार्मिकों में हुई खुशीजीत...
16/10/2026

खबर का असर माध्यमिक शिक्षा विभाग में
प्रयोग शाला सहायक कार्यालय सहायकों का शासन से बजट हुआ पास
कार्मिकों में हुई खुशी
जीत राम पौंथियाल
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
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प्रेस विज्ञप्तिदिनांक – 15 अक्टूबर 2026, देहरादून। *हिमालय संरक्षण दिवस के रूप में मनाया गया ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’...
16/10/2026

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक – 15 अक्टूबर 2026, देहरादून।

*हिमालय संरक्षण दिवस के रूप में मनाया गया ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का पंचम दिवस, केवट लीला और राम–भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर!*

*लोकगायक रोहित चौहान की भावुक प्रस्तुति - " ऐ विधाता मेरी पितरों की बसाई, टिहरी ..." ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया !*

देहरादून के रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित उत्तराखंड की ऐतिहासिक ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का पंचम दिवस ‘हिमालय संरक्षण दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री श्री मदन कौशिक जी, देहरादून के महापौर श्री सौरभ थपलियाल जी एवं पूर्व विधायक राजकुमार जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रसिद्ध गढ़वाली लोकगायक श्री रोहित चौहान जी ने अपने भावुक गढ़वाली गीत की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक भावविभोर हो गए ।

रामलीला के मंचन में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की वनयात्रा के दौरान केवट प्रसंग को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। मंच पर नाव के अद्भुत दृश्य, सरयू नदी की पृष्ठभूमि और आधुनिक तकनीकी प्रभावों ने दर्शकों को ऐसा अनुभव कराया, मानो वे स्वयं उस प्रसंग के साक्षी हों। इसके साथ ही राम–भरत मिलाप के मार्मिक मंचन ने पूरे पंडाल को भावविभोर कर दिया। भाई के प्रति भरत जी का प्रेम, त्याग और समर्पण दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।

समिति के अध्यक्ष श्री अभिनव थापर ने कहा कि हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, जीवनरेखा और सांस्कृतिक विरासत है। हिमालय का संरक्षण, वनों को बचाना, अधिक से अधिक पौधे लगाना और अपनी लोकसंस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन जनमानस को आस्था के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाने का सशक्त माध्यम हैं।

पंचायती राज मंत्री श्री मदन कौशिक जी ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन हमारी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

देहरादून के महापौर श्री सौरभ थपलियाल जी ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना समय की आवश्यकता है और हिमालय की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

पूर्व विधायक राजकुमार जी ने कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को देहरादून में जीवंत रखना उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का सराहनीय प्रयास है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1952 में पुरानी टिहरी से प्रारंभ हुई ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित कर आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2025 में इस रामलीला को विभिन्न माध्यमों से 85 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुँचने का गौरव मिला था, जिससे यह उत्तराखंड की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली रामलीला बनी। वर्ष 2026 में डिजिटल प्रसारण के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री चंदन सिंह नेगी जी द्वारा स्थापित ग्रीन बैंक के माध्यम से लोगों की सहभागिता से लाखों पौधे उपलब्ध कराकर पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण को जन-अभियान बनाने के प्रयासों की सराहना की गई। वहीं, श्री रोहित चौहान जी गढ़वाली लोकगायन के माध्यम से उत्तराखंड की भाषा, लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, उन्होंने पुरानी टिहरी के डूबने के दर्द का गीत - " ऐ विधाता मेरी पितरों की बसाई, टिहरी ..." । इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री राजकुमार जी, शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष गौरव कुमार, पूर्व निदेशक UCOST डॉ. राजेंद्र डोभाल जी, कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार सचिव श्री वैभव वालिया जी, ग्रीन बैंक के संस्थापक श्री चंदन सिंह नेगी जी, प्रसिद्ध लोकगायक श्री रोहित चौहान जी, राज्य आंदोलनकारी श्री मोहन सिंह खत्री जी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

उल्लेखनीय है कि श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजीकृत) द्वारा आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का आयोजन 8 से 25 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का दहन और 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम का राजतिलक होगा।

जय सिया राम!

सभी मीडिया बन्धुओं का स्वागत एवं अभिनन्दन हैसमय - 12:00 बजे स्थान - दून यूनिवर्सिटी
16/10/2026

सभी मीडिया बन्धुओं का स्वागत एवं अभिनन्दन है

समय - 12:00 बजे
स्थान - दून यूनिवर्सिटी

15/10/2026

मध्य विद्यालय विद्यालय में प्रयोग शाला सहायक सहायक कार्यालय सहायक को नहीं मिला दो माह से वेतन
जीत राम पौंथियाल
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जी से खास बातचीत हुई l
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15/10/2026

LIVE: देहरादून में आयोजित पं० दीन दयाल उपाध्याय उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण कार्यक्रम

15/10/2026

देवप्रयाग में दर्दनाक हादसा: कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी, 5 सवार—2 की मौत, 3 सुरक्षित; पुलिस-एसडीएम-एसडीआरएफ मौके पर, रेस्क्यू जारी 😭😭

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12/10/2026

LIVE: हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता

प्रेस विज्ञप्तिदिनांक – 11 अक्टूबर 2026, देहरादून।‘ *लोक संस्कृति दिवस’ के रूप में मनाया गया ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’...
12/10/2026

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक – 11 अक्टूबर 2026, देहरादून।

‘ *लोक संस्कृति दिवस’ के रूप में मनाया गया ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का प्रथम दिवस, पंचतत्वा बैंड की शानदार प्रस्तुति ने बांधा समां* !

*उत्तराखंड की लोक संस्कृति, युवा प्रतिभाओं और पुरानी टिहरी की 1952 की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा को समर्पित रहा शुभारंभ समारोह*

देहरादून। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजी.) द्वारा आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का प्रथम दिवस ‘लोक संस्कृति दिवस’ के रूप में मनाया गया। श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देने की थीम पर आयोजित समारोह में उत्तरकाशी की माटी से जुड़े युवा कलाकारों के ‘पंचतत्वा बैंड’ ने शानदार संगीतमय प्रस्तुति देकर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य लेजर एंड साउंड शो ने आयोजन की भव्यता बढ़ाई। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और स्थानीय युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली एवं प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी उपस्थित रहे। प्रथम दिवस कैलाश लीला एवं श्रीराम-सीता जन्म का भव्य मंचन भी किया गया।

महोत्सव के प्रथम दिवस उत्तराखंड की माटी से जुड़े उत्तरकाशी के युवा कलाकारों के ‘पंचतत्वा बैंड’ की शानदार संगीतमय प्रस्तुति ने हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बैंड के कलाकारों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति और मधुर धुनों से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, भव्य लेजर एंड साउंड शो ने आयोजन की भव्यता को और आकर्षक बनाया।

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित कर उसकी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के इतिहास, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष महोत्सव के प्रथम दिवस को ‘लोक संस्कृति दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया, ताकि उत्तराखंड के युवा कलाकारों और लोक संगीत को व्यापक मंच मिल सके।

अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव’ को लोगों के अपार स्नेह और आशीर्वाद से विभिन्न माध्यमों के जरिए 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा, जिसके परिणामस्वरूप यह उत्तराखंड की सबसे अधिक देखी जाने वाली रामलीला बनी। उन्होंने कहा कि दर्शकों के इसी प्यार और विश्वास से प्रेरित होकर इस वर्ष रामलीला को और भव्य स्वरूप दिया गया है। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक प्रस्तुतियों और आधुनिक लेजर एंड साउंड शो के अद्भुत संगम के साथ डिजिटल लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस वर्ष एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक विरासत, गढ़वाल के गौरवशाली इतिहास और सनातन धर्म की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाना है।

मुख्य अतिथि मंत्री खजान दास ने कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला का देहरादून में पुनर्जीवन उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। लोक संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से प्रदेश की पारंपरिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी।

मुख्य अतिथि विधायक विनोद चमोली ने ऐतिहासिक रामलीला के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महोत्सव के अंतर्गत 8 से 25 अक्टूबर तक भव्य मेले एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का भव्य दहन तथा 21 अक्टूबर को श्रीराम के राजतिलक का आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी पुरानी टिहरी की वर्ष 1952 से चली आ रही रामलीला को देहरादून में जीवंत रखने के उद्देश्य से श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 द्वारा इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर, मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पंचतत्वा बैंड के संस्थापक अनुराग नौटियाल, अरविन्द चौहान, प्रदीप पंचोला व अन्य कलाकारों सहित समिति के पदाधिकारियों, पार्षद वीरेंद्र बिष्ट, जावेद आलम, राज्य आंदोलनकारी शाहिद, कलाकारों एवं दर्शकों ने सहभागिता की।

जय सिया राम!

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