22/03/2026
एक माँ की ममतामयी पुकार देवभूमि के दानी हाथों से अपील
"शायद मेरी प्रार्थनाएं ईश्वर तक देर से पहुँच रही हैं, पर क्या आपकी इंसानियत मुझ तक पहुँच पाएगी?
श्रीमती प्रेमा देवी, जो आज देहरादून के एक किराए के कमरे में अपनी किस्मत और अपने बेटे की सांसों के बीच की जंग लड़ रही हूँ। उनका बेटा, रजत देवली (मोनू), जो कभी उनकी लाठी बनने का सपना देखता था, आज बिस्तर पर बेबस पड़ा है। 20 जुलाई 2024 की उस काली तारीख ने एक भीषण कार दुर्घटना के रूप में एक परिवार के सपने ही उजाड़ दिये।
बीते डेढ़ साल से उनकी मां प्रेमा देवी जी मे अपने सामर्थ्य से बढ़कर रजत के इलाज में अपना सब कुछ झोंक दिया। माँ हैं, हार कैसे मान लेती? लेकिन अब हिम्मत जवाब दे रही है। महंत इन्द्रेश अस्पताल में चल रहे उपचार का खर्च प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपये है। एक तरफ बेटे की आँखों में जीने की तड़प है, और दूसरी तरफ मां की खाली जेब। रजत अब धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, डॉक्टर कहते हैं कि इलाज जारी रहा तो वह फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो पाएगा। पर क्या पैसों के अभाव में एक माँ अपने बेटे को फिर से चलने का अवसर नहीं दे पाएगी?
हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना:
आपकी एक छोटी सी मदद इस घर का घायल लड़के को फिर से अपने पैरो से चलवा सकती है। आपका दिया हुआ थोड़ा सा अंश इस बेटे के लिए दवा और दुआ दोनों बन सकता है। क्या देवभूमि की जनता एक बेबस माँ को उसके बेटे का जीवन लौटाने में साथ देगी?
सहयोग हेतु विवरण:
बैंक का नाम: बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)
खाता संख्या: 58940100000027
Google Pay (मोबाइल नंबर): 9837540657
> "किसी के काम जो आए, उसे इंसान कहते हैं... पर जो माँ के आँसू पोंछ दे, उसे फरिश्ता कहते हैं।"
आपसे निवेदन है कि इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें और यथाशक्ति मदद करें। आपका छोटा सा सहयोग रजत को नई जिंदगी दे सकता है। 🙏