02/09/2025
भारी बारिश से चमोली में बढ़ा संकट, नाग कांडा और क्वींठी गाँव में भूस्खलन से लोग पलायन को मजबूर
रुद्रप्रयाग/चमोली।
पहाड़ की जमीं लगातार दरक रही है और गाँवों का वजूद खतरे में है। रुद्रप्रयाग जनपद से सटे चमोली जिले के ग्रामसभा नाग कांडा और ग्रामसभा क्वींठी में बीते दिनों से हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद चिंताजनक बना दिए हैं। पहाड़ी दरकने और लगातार भूस्खलन व भू-धंसाव की वजह से ग्रामीणों के घर, खेत और गौशालाएँ असुरक्षित हो चुकी हैं।
मजबूर हुए अस्थायी पलायन पर
गाँव के कई परिवार अपने घरों को छोड़कर अस्थायी रूप से रिश्तेदारों और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। जिन आँगनों में कभी बच्चे खेलते थे, वहाँ अब दरारें हैं जिसने ग्रामीणों का चैन छीन लिया है।
ग्रामीणों की पुकार
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर रोज़ बारिश के साथ ज़मीन खिसक रही है। "आज हमारे घर खतरे में हैं, कल शायद गाँव का नाम तक मिट जाए," – ग्रामीणों का दर्द इस बात से झलकता है। लोग प्रशासन और सरकार से सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
ज़रूरी है वैज्ञानिक अध्ययन
चमोली ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के तमाम जिलों में गाँवों में हो रहे भूधंसाव और भूस्खलन को लेकर अब गहन और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है। भूवैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य की योजनाएँ बन सकती हैं। अन्यथा बार-बार की बारिश और भूस्खलन से न सिर्फ़ गाँव, बल्कि पूरे क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।