03/09/2026
मंगलौर- हरिद्वार Highway: करोड़ों की भूमि किसकी?
• रजिस्ट्री, दाखिल खारिज.. या चकबंदी कागज वाले की ?
• आमने-सामने दो पक्ष,धक्कामुक्की के बाद तीन हिरासत में
रुड़की के मंगलौर-हरिद्वार हाईवे पर करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। दोनों ही पक्ष विवादित भूमि पर अपना-अपना हक जता रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज पुलिस के साथ तहसील प्रशासन और चकबंदी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भूमि से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की
अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंचते उससे पहले ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लेकर सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचाया।
वहीं उत्तर प्रदेश में यूपीसीएल के पूर्व अधिशासी अभियंता ऋषिपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी करोड़ों रुपये की जमीन पर कुछ लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2012 से जमीन पर उनका कब्जा है और उनके पास इससे संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं।
ऋषिपाल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अब तक तहसील या चकबंदी विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला और अधिकारी एक पक्ष का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने मामले की शिकायत जिले के आला अधिकारियों से करने की बात कही है। विवाद की जांच के लिए पुलिस के साथ तहसील प्रशासन और चकबंदी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू की।
इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर ही धक्कामुक्की शुरू हो गई और दोनों पक्ष मारपीट पर उतारू हो गए। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। ऋषिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक तहसील या चकबंदी विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है।फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है जबकि करोड़ों की इस जमीन का असली हकदार कौन है इसका फैसला प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही साफ होगा।
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