21/05/2026
कालनेमि पार्ट : 61 ( मंत्री जी की ब्रांडेड चप्पल चोरी )
—————————-
कालनेमि समाज में ठीक वैसे ही घुले-मिले हैं, जैसे सरकारी दफ्तर में “फाइल अभी प्रोसेस में है” वाला जवाब। हर जगह मौजूद। दोनों के बिना सिस्टम अधूरा-अधूरा सा लगता है।
अब देखिए… माहौल था शोक का। मंत्री जी अंतिम दर्शन करने पहुंचे। चेहरा गंभीर, चाल धीमी, आंखों में संवेदना। लेकिन, कालनेमियों की आत्मा उस समय भी “ऑपरेशन चप्पल” पर केंद्रित थी।
जैसे ही मंत्री जी वापस लौटने लगे… पता चला चप्पल गायब! बहुत खोजा लेकिन नहीं मिली ।
अब चप्पल कोई हवाई चप्पल नहीं थी कि “चलो भाई, दूसरी ले लेंगे।” मामला पूरे 18 हजार वाली ब्रांडेड चप्पल का था। मंत्री जी समझ गए कि किसी पारखी की नजर इनायत हो गई । शांत स्वभाव के मंत्री जी वैसे भी कुछ नहीं बोलते, तो यहाँ क्या बोलते ।
दुख इस बात का कम था कि चप्पल गई… चिंता इस बात की ज्यादा थी कि अब मंत्री जी लौटेंगे कैसे?
कहते हैं स्टाफ में उस वक्त ऐसा सन्नाटा पसरा जैसे कैबिनेट बैठक में किसी ने पूछ लिया हो — “सर, चुनावी वादा पूरा कब होगा ?”
फिर आनन-फानन में स्टाफ ने अपने मौजे जेब में रख जूते उतारकर मंत्री जी को पहनाए और काफिला रवाना हुआ ।
अब सोचिए… नेता लोग भी मौके देखकर राजनीति करते हैं। आसपास का माहौल भांपते हैं, फिर बयान देते हैं। लेकिन ये वाले कालनेमि तो नेताओं के भी बाप निकले। शोकसभा में भी इनके अंदर का “ब्रांड प्रेमी चोर ” जाग गया।
मतलब आदमी दुख में रो रहा है… और कालनेमि सोच रहा है —“वाह! चप्पल तो बढ़िया है… और ब्रांड भी ओरिजिनल लग रहा है!”
एक बार एक नेता जी का कुत्ता चोरी हो गया था । खोजबीन के बाद कुत्ता 🐕 वापस तो लौटा दिया गया । लेकिन नेता जी का दिल ❤️ टूट गया था । वापस उसी को लौटा दिया , जिसकी नियत ख़राब हो गई थी । मुझे उम्मीद है ये कालनेमि भी चप्पल वापस कर सकता है । मैं उसको कालनेमि का ये पार्ट समर्पित कर एक मौका दे रहा हूँ । बोले - मंत्री जी गलती से पहन ली थी । मैं तो खोज ही रहा था कि किसकी चप्पल होगी 😝
सच कहें तो देश में दो चीजें कभी खत्म नहीं होंगी —
एक पॉलिटिक्स…और दूसरी मौका देखकर चप्पल सरकाने वाली प्रतिभा। इनके साथ आपको जीना सीखना ही होगा ।