27/09/2026
वक़्त-वक़्त की बात है!
जो लड़का कभी वानखेड़े के मैदान पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाता था, जिसके नाम पर कल तक तालियां गूंजती थीं। जो कभी सचिन से भी बीस माना गया था। वो रंगीन सा क्रिकेटर आज पूरी तरह टूटा हुआ और बदरंग हो गया है।
आज उस विनोद कांबली को एक केयर होम (वृद्धाश्रम) में देखना कलेजा छलनी कर गया। कमजोर शरीर, लड़खड़ाती आवाज, चेहरे पर वही पुरानी मुस्कान बिखेरने की नाकाम कोशिश। सचिन तेंदुलकर के साथ रनों का पहाड़ खड़ा करने वाला यह सुपरस्टार आज दूसरों के सहारे पर टिका है।
कांबली का यह हाल देखकर यही सबक मिलता है कि भाई, लाइफ में चाहे कितने भी बड़े बन जाओ। पर कभी घमंड मत करना। वक्त कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता।
पैसा, शोहरत, ताकत... सब यहीं धरे रह जाते हैं जब वक्त का पहिया घूमता है। मुम्बई की एक चौल की गरीबी से निकला लड़का ... स्टार बनता है। खूब नाम और पैसा रुतबा बनाता है। लेकिन वही बात। कदर नहीं की जो मिला, व्यवहार अच्छा नहीं बनाया। शराब लड़की और अय्याशी। समय से पहले से कैरियर खत्म कर लिया। कामयाबी पचाना भी हर किसी के बस की बात नहीं।
आज जब वक़्त हिसाब लेने पर आया है तब निपट अकेला है । ना पत्नी साथ है ना नाते रिश्तेदार। ना दोस्त।
वक़्त रह-रह कर अट्टाहास कर रहा है। जैसे बतला रहा हो कि मैं ही सबसे अधिक बलवान हूँ !!