Epic Narration

Epic Narration हर किस्से के पीछे की कहानी...

23/05/2023

तिहाड़ जेल के जेलर रहे सुनील गुप्ता (Sunil Gupta) की कुछ समय पहले एक किताब लॉन्च हुई थी- ब्लैक वॉरेंट। इस किताब में उन्होंने तिहाड़ जेल के कुछ अनछिपे पहलुओं को उजागर करने की कोशिश की है। उसी किताब में से प्रस्तुत है ये टॉपिक, जिसे आपको जरूर जानना चाहिए।

20/05/2023

Hindu refugees from Pakistan bulldozed in Jaisalmer by DM Teena Dabi। Orderd by Teena Dabi, Know what is the matter?

30/04/2023

भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas kand) देश और दुनिया के लिए वह उदाहरण है जिससे सबब लिया जा सकता है कि लापरवाही मानवता के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है, इसकी कहानी अंदर तक झकझोर देगी...
नोट- वीडियो में कुछ ऐसे चित्र भी हैं जो दर्शक को विचलित कर सकते है
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29/04/2023

अस्सी के दशक में रंगा बिल्ला केस (Ranga Billa case) ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था, इस कांड से लोग इतने डर गए थे कि लोगों ने अपने बच्चों को बाहर भेजना तक बंद कर दिया था, गीता और संजय की अपराधियों ने जिस नृशंस तरीके से ह’त्या की थी, उसे दिल आज भी सहम जाता है। यह न केवल दिल्ली के बल्कि हिंदुस्तान के सबसे भयानक ह’त्याकांड में से एक था।
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23/04/2023

14 अप्रैल, 2008 की रात उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की रहने वाली Shabnam ने अपने प्रेमी Shalim के साथ मिलकर अपने परिवार के साथ लोगों को मार डाला। निचली अदालत ने शबनम को फांसी की सजा सुनाई। High Court और supreme Court ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
भूतपूर्व राष्ट्रपति Ramnath Kovind शबनम की दया याचिका को एक बार खारिज कर चुके हैं।
नोट- वीडियो में एक जगह ‘फांसी दी जा रही है’ कहा गया है। हालांकि अभी निश्चित नहीं है कि फांसी कब होगी। दर्शक उसे वाक्य को एक भूल के रूप में स्वीकारे।
धन्य वाद...

●ज़रूर पढ़ें न केवल महिलाएं, पुरुष भी...मुझे अभी भी याद है- बस में मेरी बगल वाली सीट पर एक आदमी बैठा था. धीरे-धीरे उसका हा...
24/09/2022

●ज़रूर पढ़ें न केवल महिलाएं, पुरुष भी...
मुझे अभी भी याद है- बस में मेरी बगल वाली सीट पर एक आदमी बैठा था. धीरे-धीरे उसका हाथ मेरे फ्रॉक की ओर खिसक रहा था. मैं उस वक्त थर्ड् क्लास में थी. निस्संदेह, मैं नहीं जानती थी कि ये सब क्या हो रहा है लेकिन मैं आज भी उस दौरान की असहजता को महसूस कर सकती हूं. साल गुजरते गए और फिर मुझे एहसास हुआ कि इस तरह की पीड़ा जीवन भर की चुनौती है.

-एक 32 वर्षीय कामकाजी महिला, दिल्ली.

SEXUAL HARASSMENT IN PUBLIC SPACES: मुझे अभी भी याद है- बस में मेरी बगल वाली सीट पर एक आदमी बैठा था. धीरे-धीरे उसका हाथ मेरे फ्रॉक की ओर खिसक

खैर, अभी भी वहां सब नॉर्मल था. लेकिन एक रोज कुछ रास्ते बंद कर दिए जाते हैं और कुछ मेट्रो स्टेशन भी. हालांकि, ये सब दो दि...
17/09/2022

खैर, अभी भी वहां सब नॉर्मल था. लेकिन एक रोज कुछ रास्ते बंद कर दिए जाते हैं और कुछ मेट्रो स्टेशन भी. हालांकि, ये सब दो दिनों बाद सामान्य हो जाता है लेकिन मुझे उस रूट से न जाने की सख्त हिदायत दी गई. कुछ समय बाद जाना शुरू किया तो सी.वी रमन मार्ग के अंतिम छोर पर डीटीसी बस की लॉअर फ्लोर बस फूंकी पड़ी थी थोड़ा आगे ओखला रोड़ चौराहे पर एक खाक हुई बाईक का ढांचा स्थिर खड़ा दिखा. बस ओखला एनएसआईसी की ओर मुड़ी. और पीछे देख रहीं सवारियों की गर्दनें भी. कुछ फुसफुसाहतें शुरू होने लगी और नेहरू प्लेस तक आते-आते ये कानाफूसी बड़ी पॉलिटिक्ल डिबेट में बदल गई. और चिराग दिल्ली तक आते-आते इस डिबेट ने दिल्ली चुनाव कौन जितेगा? का विषय अख्तियार कर लिया. खैर…

DELHI RIOTS: DELHI RIOTS: नागरिकता कानून, शाहीनबाग और दिल्ली दंगों की शुरुआत व अंत story of delhi riots what happen

शबनम! पढ़िए, और विचार करें...
20/02/2021

शबनम! पढ़िए, और विचार करें...

FULL CRIME STORY OF AMROHA'S SHABNAM: अपराध का सीधा अर्थ है कि अपराध कभी छिपता नहीं है और न ही वह कभी क्षम्य होता. किसी अपराधी को क्या सजा दे

बाकी ‘इब्न बतूता बगल में जूता’ का जिक्र नहीं करूंगा-क्योंकि इस पंक्ति का कॉपीराईट भले ही गुलजार या दयाल के पास है…लेकिन ...
13/02/2021

बाकी ‘इब्न बतूता बगल में जूता’ का जिक्र नहीं करूंगा-
क्योंकि इस पंक्ति का कॉपीराईट भले ही गुलजार या दयाल के पास है…
लेकिन इब्न बतूता का इतिहास केवल यात्रा वृतांत है

WHO WERE IBN BATTUTA: देश के इतिहास में गुलाम वंश का समय सन् 1320 से लेकर 1341 तक रहा है. और इसी गुलाम वंश के उत्तराधिकारियों और सुरू कर.....

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