16/07/2026
🙏🏻 जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏🏻
🚩 पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा: तीन विशाल रथ और उनकी अनोखी पहचान 🚩
ओडिशा के पुरी में हर वर्ष आषाढ़ महीने में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन होता है। इस पावन यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीन अलग-अलग विशाल रथों में विराजमान होकर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। लाखों श्रद्धालु इन पवित्र रथों की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ कमाते हैं।
आइए जानते हैं इन तीनों दिव्य रथों की अनूठी विशेषताओं के बारे में:
1. भगवान जगन्नाथ का रथ — 'नंदीघोष'
रंग: लाल और पीला (पीला रंग भगवान जगन्नाथ की पहचान है)
पहिए: 16
ध्वज (झंडा): त्रिलोच्यमोहिनी
प्रतीक: हनुमान जी
विशेष बात: यह तीनों रथों में सबसे बड़ा और ऊंचा होता है।
2. भगवान बलभद्र का रथ — 'तालध्वज'
रंग: लाल और हरा (हरा रंग भाई बलभद्र की पहचान है)
पहिए: 14
ध्वज (झंडा): उनानी
प्रतीक: ताड़ का पेड़ (पाम ट्री)
विशेष बात: आकार में यह जगन्नाथ जी के रथ से थोड़ा छोटा होता है।
3. बहन सुभद्रा का रथ — 'दर्पदलन' (या पद्मध्वज)
रंग: लाल और काला (काला रंग बहन सुभद्रा की पहचान है)
पहिए: 12
ध्वज (झंडा): नंदिबिका
प्रतीक: कमल का फूल
विशेष बात: यह रथ तीनों रथों में सबसे छोटा होता है।
✨ महत्वपूर्ण संदेश: यह रथ यात्रा केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि भक्ति, एकता और अटूट आस्था का महान प्रतीक है, जहाँ भगवान स्वयं अपने गर्भगृह से निकलकर भक्तों के बीच आते हैं।
🙏🏻 जय जगन्नाथ महाप्रभु 🚩 🙏🏻
#जगन्नाथ #रथ #यात्रा