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तु अंर्तयामी सबका स्वामी,तेरे चरणों में चारों धाम।
27/09/2025

तु अंर्तयामी सबका स्वामी,
तेरे चरणों में चारों धाम।

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02/09/2024

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सर्वोच्च कौन है भगवान, श्रीकृष्ण या कबीर भगवान?गीता का ज्ञान कौन दे गया, क्या कोई और ही श्रीकृष्ण में प्रवेश कर गया?"हरे...
24/08/2024

सर्वोच्च कौन है भगवान,
श्रीकृष्ण या कबीर भगवान?
गीता का ज्ञान कौन दे गया,
क्या कोई और ही श्रीकृष्ण में प्रवेश कर गया?
"हरे राम हरे कृष्ण" मंत्र का जाप,
क्या मिलता है इससे सच्चा लाभ?

The End of Sanatani Worship and Its Revival by Sant Rampal Ji Maharaj
24/08/2024

The End of Sanatani Worship and Its Revival by Sant Rampal Ji Maharaj

This article explores the decline of ancient worship practices, drawing on the Bhagavad Gita, Jain texts, and teachings of saints like Garibdas Ji, highlighting the deviation from Vedic methods and the revival of Sanatani worship.

सूक्ष्मवेद में कहा है कि:-गरीब, भूत जूनी तहाँ छूटत हैं, पिंड दान करंत।गरीबदास जिंदा कहै, नहीं मिले भगवंत।।अर्थात् संत गर...
13/08/2024

सूक्ष्मवेद में कहा है कि:-
गरीब, भूत जूनी तहाँ छूटत हैं, पिंड दान करंत।
गरीबदास जिंदा कहै, नहीं मिले भगवंत।।
अर्थात् संत गरीबदास जी ने कहा है कि पिण्ड दान करने से भूत योनि तो छूट जाती है। फिर वह जीव गधे की योनि में चला जाता है। क्या मुक्ति हुई? वेदों में इस कर्मकाण्ड को अविद्या यानि मूर्ख साधना कहा है।

कबीर, गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे ना सार रहे अज्ञानी।गुरू बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भूष छड़े मूढ़ किसाना।।अर...
12/08/2024

कबीर, गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझे ना सार रहे अज्ञानी।
गुरू बिन काहू न पाया ज्ञाना, ज्यों थोथा भूष छड़े मूढ़ किसाना।।
अर्थात् जो पूर्ण गुरू के बिना स्वयं वेदों को पढ़ता है, वह वेदों का सार ज्ञान नहीं समझ सकता, वह अज्ञानी ही रहता है।

बिना गुरू के किया गया नाम जाप व दिया गया दान निष्फल होता है।कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।गुरू बिन दोनों ...
02/08/2024

बिना गुरू के किया गया नाम जाप व दिया गया दान निष्फल होता है।
कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।
गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण।।
अर्थात् कबीर जी ने कहा है कि गुरू बिन नाम स्मरण करना व दान देना व्यर्थ है। अपने वेदों व पुराणों में पढ़ लो।

गरीब, वही मुहम्मद वही महादेव, वही आदम वही ब्रह्मा।गरीबदास दूसरा कोई नहीं, देख आपने घरमा।।अर्थात् संत गरीबदास जी ने कहा ह...
01/08/2024

गरीब, वही मुहम्मद वही महादेव, वही आदम वही ब्रह्मा।
गरीबदास दूसरा कोई नहीं, देख आपने घरमा।।
अर्थात् संत गरीबदास जी ने कहा है कि हजरत मुहम्मद जी शिव लोक से आई आत्मा थे। इसलिए मुसलमान धर्म का प्रवर्तक भी परमात्मा शिव की खास आत्मा है। बाबा आदम के विषय में कहा जाता है कि ये ब्रह्मा जी के लोक से नीचे आए थे। इसलिए ब्रह्मा जी व आदम जी का मूल निवास स्थान एक ही है। यदि मेरी बात पर विश्वास नहीं होता है तो अपने घर यानि शरीर रूपी महल में मेरी बताई साधना करके देखो, आपकी दिव्य दृष्टि खुल जाएगी। फिर आपको विश्वास हो जाएगा कि विश्व के सर्व मानव एक परम पिता की संतान हैं।

आदि सनातन पंथ हमारा। जानत नहीं इसे संसारा।।षट्दर्शन सब खट-पट होई। हमरा पंथ ना पावे कोई।।इन पंथों से वह पंथ अलहदा। पंथों ...
31/07/2024

आदि सनातन पंथ हमारा। जानत नहीं इसे संसारा।।
षट्दर्शन सब खट-पट होई। हमरा पंथ ना पावे कोई।।
इन पंथों से वह पंथ अलहदा। पंथों बीच सब ज्ञान है बहदा।।
अर्थात् हमारा आदि सनातन पंथ है जिसको संसार के व्यक्ति नहीं जानते। वह आदि सनातन पंथ सब पंथों से भिन्न है।

कबीर जी ने कहा है:-नहाहे धोए क्या भया, जे मन का मैल न जाय।मीन सदा जल में रहे, धोए बांस न नसाए।।शरीर की स्वच्छता के लिए स...
30/07/2024

कबीर जी ने कहा है:-
नहाहे धोए क्या भया, जे मन का मैल न जाय।
मीन सदा जल में रहे, धोए बांस न नसाए।।
शरीर की स्वच्छता के लिए स्नान करना अनिवार्य है। सो आप समय लगने पर स्नान करें। भक्तजन मंत्रों का जाप नित्य अवश्य करें। किन्हीं परिस्थितियों में तीनों समय की संध्या स्तुति न हो पाए तो कोई बात नहीं, परंतु मंत्रों के जाप को कभी न छोड़ें। जितना बन सके करें और भी अधिक करें। इस प्रकार अपना जीव धर्म समझकर भक्ति कर्म करके जीवन धन्य बनाऐं।

कर्म न यारी देत है, भसमागीर भस्मन्त।कर्म व्यर्थ है तास का, जे रीझै नहीं भगवन्त।।परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि यदि कोई ...
29/07/2024

कर्म न यारी देत है, भसमागीर भस्मन्त।
कर्म व्यर्थ है तास का, जे रीझै नहीं भगवन्त।।
परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि यदि कोई भक्ति करता है और मन में अभिमान भी रखता है तो उस पर परमेश्वर की कृपा वर्षा नहीं होती। जिस कारण से उसकी भक्ति नष्ट हो जाती है। भावार्थ है कि भक्ति कर्म भी करे और परमेश्वर का कृपा पात्र भी बना रहे तो जीव को लाभ मिलता है।

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