13/06/2025
डोर टूटा, तो लगा कि मैं निकल सकता हूं, दूसरी तरफ वाले सब मर गए'.... विश्वास कुमार ने बताई जिंदा बचने की कहानी
अहमदाबाद विमान हादसे में जिंदा बचे एक मात्र शख्स विश्वास कुमार का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। मामूली रूप से चोटिल विश्वास कुमार होश में हैं और बोलने की स्थिति में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्वास कुमार से बात की और उनका हाल जाना। विश्वास कुमार ने बताया कि जब विमान क्रैश हुआ, तब उनके पास वाला डोर खुल गया। उनके पास निकलने की जगह थी।उनके मुताबिक, विमान के दूसरी तरफ वाला हिस्सा बिल्डिंग से टकराया। उधर दीवार होने के कारण किसी को बचने का मौका नहीं मिला। मैं आंखों के सामने उस तरह वाले लोग जिंदा जल गए। आग की लपटें मेरी तरफ भी आई। मेरे हाथ का एक हिस्सा जल गया। मैंने कूदकर दूर भागने की कोशिश की। बचकर रोड़ तक गया और लोगों को बताया। फिर एंबुलेंस आई और मुझे ले गई।
क्रिकेट खेल रहे लड़के सबसे पहले पहुंचे
हादसे के समय एयरपोर्ट से सटे मैदान पर कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे। हादसे के बारे में सबसे पहले उनको पता चला और वो रेस्क्यू के लिए भागे। राहुल पटनी ने बताया कि वह गार्डन के पास था। हादसे के बाद सब तरह धुआं था। उसने क्रिकेट खेल रहे अपने दोस्तों को बुलाया और लोगों को बचाने की कोशिश की। इन लड़कों ने हॉस्टल के कैंटीन से 8 सिलेंडर अलग किए, जिनमें ब्लास्ट हो सकता था।
डीएनए सैंपलिंग के बाद सौंपे जाएंगे शव
मृत यात्रियों के परिजन के डीएनए सैंपलिंग के लिए बुलाया गया है। सैंपल के मिलान होने के आधार पर शव सौंपे जाएंगे। इस प्रक्रिया में 72 घंटे का समय लगेगा।