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सचिन का 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चयन पर पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद का ब...
07/06/2026

सचिन का 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चयन पर पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद का बड़ा आशीर्वाद!
बिहार के समस्तीपुर के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट के शिखर की ओर कदम बढ़ाने वाले 15 वर्षीय क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया है। आईपीएल 2026 में रनों का अंबार लगाने और 5 बड़े खिताब जीतने के बाद वैभव को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए सीनियर भारतीय टी-20 टीम (Team India) में चुन लिया गया है। इसके साथ ही वे क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर भारत के इतिहास में सबसे कम उम्र में चयनित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव की इस ऐतिहासिक और अकल्पनीय सफलता पर पटना साहिब के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन्हें विशेष रूप से बधाई देते हुए अपना बड़ा आशीर्वाद दिया है। रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि—"आपकी यह अद्वितीय उपलब्धि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने संजोते हैं। बिहार की माटी से निकलकर यहाँ तक पहुँचने का यह सफर सिद्ध करता है कि प्रतिभा उम्र और परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती。 हमें पूर्ण विश्वास है कि आप अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे और तिरंगे का मान विश्व पटल पर बढ़ाएँगे।" राजनीतिक और खेल विश्लेषकों का मानना है कि वैभव की यह कामयाबी बयां करती है कि बिहार के सुदूर देहातों में हुनर कूट-कूट कर भरा है, और अब बीसीसीआई (BCCI) व देश के बड़े नेता भी इस 15 साल के 'वंडर बॉय' के कायल हो चुके हैं।

सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़कर महज़ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने जा रहे हमारे समस्तीपुर के शेर वैभव सूर्यवंशी को आप किस तरह बधाई देना चाहेंगे? पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा वैभव के संघर्ष को देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताने पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपने इस चहेते खिलाड़ी के लिए प्यार और आशीर्वाद जरूर लिखें और इस गर्व के क्षण को हर बिहारी तक शेयर करके पहुँचाएं!

पवन सिंह जी को MLC उम्मीदवार बनाए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! 💐लेकिन एक गंभीर राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर मुझे ल...
06/06/2026

पवन सिंह जी को MLC उम्मीदवार बनाए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! 💐
लेकिन एक गंभीर राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर मुझे लगता है कि बिहार विधान परिषद (सदन) उनके कद और प्रभाव के सामने छोटा पड़ जाएगा। पवन सिंह का असली स्थान 'दिल्ली का सदन' (संसद) होना चाहिए था। इसके पीछे कुछ बेहद ठोस और व्यावहारिक कारण हैं: राजनीतिक योगदान: बिहार में वर्तमान सरकार के गठन में जितना योगदान '10 हजारी' फैक्टर का रहा है, उतना ही बड़ा और निर्णायक योगदान पवन सिंह का भी रहा है। इसे कोई नकार नहीं सकता।समकालीन कद: भोजपुरी इंडस्ट्री के उनके तमाम समकालीन साथी—चाहे मनोज तिवारी हों या रवि किशन—सब दिल्ली के बड़े सदन में बैठते हैं। पवन सिंह की लोकप्रियता और जनसमर्थन भी इसी स्तर का नहीं बल्कि इससे कहीं ज्यादा ऊपर है। आलोचकों और सवाल उठाने वालों के लिए दो टूक जवाब: पहला आरोप (कलाकार होने पर): जो लोग उन्हें 'कलाकार' कहकर कम आंकते हैं, वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों का इतिहास पढ़ लें। जया बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, मनोज तिवारी और रवि किशन लंबे समय से संसद की शोभा बढ़ा रहे हैं। कम से कम पवन सिंह सदन में बैठकर 'समोसे के रेट' जैसी बचकानी बातें तो नहीं करेंगे, और मीडिया में बैठ कर चार चार टीवी एंकर से अपनी पतलून गीली करवा के बिहार का मजाक तो नहीं ही बनवाएंगे। दूसरा आरोप (निजी जीवन पर): यदि किसी के निजी जीवन से उसकी राजनीतिक योग्यता तय करनी है, तो देश-दुनिया के बड़े-बड़े राजनेताओं और अभिनेताओं के पारिवारिक इतिहास को देख लीजिए। कई बड़े नेताओं के पारिवारिक विवाद जगजाहिर हैं, वहां लोग इसे 'पर्सनल चॉइस' या 'कूल' कह देते हैं, तो पवन सिंह के मामले में दोहरा मापदंड क्यों? आमिर खान जैसे लोग तीसरी शादी की तैयारी में हैं, तब कोई सवाल नहीं उठाता।

लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी मालिक होती है। पवन सिंह के लिए जनता की दीवानगी सिर्फ रैलियों की भीड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इस भीड़ को 'वोट बैंक' में बदलकर खुद को साबित किया है। अब उनके पीछे पड़ना बंद कीजिए। अगर हिम्मत है, तो अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछिए, एक कर्मठ जननेता पर बेवजह उंगली उठाना बंद करें।

आस्था का विरोध वही कर रहे जिनके मां बहनों के साथ अभद्र किए जाने पर मजा लेते है, बाकी सभी समाज के बुद्धिजीवी लोग आस्था के...
03/06/2026

आस्था का विरोध वही कर रहे जिनके मां बहनों के साथ अभद्र किए जाने पर मजा लेते है, बाकी सभी समाज के बुद्धिजीवी लोग आस्था के समर्थन में है।
बैंक कर्मचारी आस्था सिंह के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक वाहन) में सफर के दौरान हुई छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला इंटरनेट पर भारी आक्रोश का कारण बन गया है। कुछ असामाजिक तत्वों और ट्रोल्स द्वारा इस गंभीर घटना को दबाने और केवल 'मुस्लिम युवक का नाम लेकर फेमस होने का पब्लिसिटी स्टंट' बताने की लगातार कोशिश की जा रही थी, लेकिन आस्था सिंह द्वारा जारी किए गए ताजा वीडियो ने इन सभी झूठे दावों की पोल खोलकर रख दी है। आस्था सिंह के वीडियो के बिल्कुल अंत में वह आरोपी मुस्लिम युवक साफ तौर पर कैमरे में कैद दिखाई दे रहा है, जो उनकी जांघ पर हाथ रखने जैसी घिनौनी और कायरतापूर्ण हरकत के बाद खुद को छुपाने की कोशिश कर रहा था। यह अकाट्य वीडियो साक्ष्य साफ करता है कि इस पूरी घटना में उस युवक की सौ प्रतिशत गलती थी और आस्था का विरोध पूरी तरह से जायज और साहसिक था। सोशल मीडिया पर अब प्रबुद्ध वर्ग और युवा पूरी ताकत से आस्था सिंह के फुल सपोर्ट (Full Support) में आ गए हैं, और मांग कर रहे हैं कि ऐसे संवेदनशील मामलों में मजहब का चश्मा पहनकर पीड़ित लड़की को ही बदनाम करने (Victim Blaming) का यह गंदा खेल तुरंत बंद होना चाहिए।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में वीडियो साक्ष्य के साथ आरोपी के साफ दिखने के बावजूद, आस्था सिंह पर सवाल उठाने वाले और इसे पब्लिसिटी स्टंट बताने वाले लोगों की इस बीमार मानसिकता पर आप क्या कहेंगे? क्या आपको लगता है कि सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं से ऐसी ओछी हरकत करने वाले मनचलों को बिना किसी धार्मिक या सामाजिक रियायत के सरेआम ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय हमें जरूर बताएं और आस्था के समर्थन में इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

खान सर vs रौशन आनंद: पटना कोचिंग वॉर में 'ज्ञान बिंदु' के डायरेक्टर गिरफ्तार, बोले—"सिपाही भर्ती रिजल्ट को लेकर फंसाया ज...
03/06/2026

खान सर vs रौशन आनंद: पटना कोचिंग वॉर में 'ज्ञान बिंदु' के डायरेक्टर गिरफ्तार, बोले—"सिपाही भर्ती रिजल्ट को लेकर फंसाया जा रहा है
पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर हुए हमले और पत्थरबाजी के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिद्वंदी 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को उनके दो सहयोगियों (अभिषेक और गौरव) के साथ गिरफ्तार कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कदमकुआं और मुसल्लहपुर थाने की पुलिस ने यह एक्शन लिया है और आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. हालांकि, कोर्ट ले जाए जाने के दौरान रौशन आनंद ने मीडिया के सामने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि—"यह सब मुझे फंसाने और ज्ञान बिंदु को बर्बाद करने की एक सोची-समझी साजिश है. हाल ही में आए बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा के नतीजों में हमारे संस्थान को मिली भारी सफलता से परेशान होकर खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक मिलकर हमें निशाना बना रहे हैं." जहाँ कल रात इस घटना को अंधाधुंध फायरिंग बताया जा रहा था, वहीं पटना पुलिस ने साफ़ किया है कि सीसीटीवी में केवल पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की पुष्टि हुई है, गोलीबारी का कोई सबूत नहीं मिला है. राजधानी के मुख्य एजुकेशनल हब में छिड़ी इस 'कोचिंग वॉर' और दो बड़े दिग्गज शिक्षकों के आमने-सामने आने से पटना की छात्र राजनीति और कानून-व्यवस्था का माहौल पूरी तरह गरमा गया है

करोड़ों छात्रों के आदर्श माने जाने वाले खान सर और रौशन आनंद जैसे बड़े शिक्षकों के बीच इस तरह की 'कोचिंग राइवलरी' और गिरफ्तारी के मामले को आप शिक्षा जगत के लिए कितना सही मानते हैं? क्या आपको लगता है कि बिहार सिपाही भर्ती के रिजल्ट के बाद वाकई यह कोई सोची-समझी व्यावसायिक साजिश है, या फिर अपराधियों पर नकेल कसने की पुलिस की यह कार्रवाई बिल्कुल सही है? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय हमें जरूर बताएं और इस बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

⏱️ लेट आए तो कटेगी सैलरी: बिहार के सरकारी कर्मचारियों पर सम्राट सरकार का बड़ा हंटर, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य!बिहार की...
03/06/2026

⏱️ लेट आए तो कटेगी सैलरी: बिहार के सरकारी कर्मचारियों पर सम्राट सरकार का बड़ा हंटर, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य!बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने और दफ्तरों में बाबूगीरी व लेट-लतीफी को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक और बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सरकार द्वारा जारी नए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब बिहार के पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक (Biometric) हाजिरी लगाना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दफ्तर में देर से आता है या गायब रहता है, तो कंप्यूटर सीधे उसकी सैलरी काटने का आदेश जारी कर देगा और इसमें किसी भी प्रकार की मैन्युअल पैरवी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी इस कड़े प्रशासनिक हंटर के जरिए आम जनता को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि 'सुशासन' सिर्फ बातों में नहीं बल्कि धरातल पर काम की रफ्तार से दिखेगा। जहाँ पहले आम जनता सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक जाती थी और बाबू नदारद रहते थे, वहीं इस नए नियम से नौकरशाही पर लगाम लगेगी और सरकारी काम समय पर पूरे होंगे।

बिहार के सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी रोकने और कामचोर कर्मचारियों की सैलरी काटने के सम्राट सरकार के इस नए बायोमेट्रिक नियम को आप कितना सही मानते हैं? क्या इससे बिहार की लचर सरकारी कार्यप्रणाली में कोई बड़ा और वास्तविक सुधार आएगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमें जरूर बताएं और इस महत्वपूर्ण खबर को शेयर करना न भूलें!

🏠 'यह राजशाही नहीं, लोकतंत्र है': राबड़ी आवास विवाद पर सीएम सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर सीधा और बड़ा हमला!पूर्व मुख्य...
03/06/2026

🏠 'यह राजशाही नहीं, लोकतंत्र है': राबड़ी आवास विवाद पर सीएम सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर सीधा और बड़ा हमला!पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को खाली कराने के नोटिस पर मचे भारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है और लालू परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शेखपुरा में आयोजित 'सहयोग शिविर' में जनता को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने बिना नाम लिए तंज कसा और कहा कि—"बिहार में अब राजशाही नहीं है, बल्कि लोकतंत्र है। यहाँ कोई राजा-रानी का राज नहीं चल रहा कि माँ को एक बंगला चाहिए और बेटे को दूसरा सरकारी बंगला चाहिए। सरकारी आवास किसी की बपौती या वंशानुगत संपत्ति नहीं होते हैं, वे नियमों के तहत आवंटित किए जाते हैं।" मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान से साफ हो गया है कि वे लालू परिवार के 'विक्टिम कार्ड' के आगे झुकने वाले नहीं हैं, बल्कि वे कानून के राज का हवाला देकर इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश दे रहे हैं कि उनके शासनकाल में वीआईपी रसूख और रानियों वाला दौर खत्म हो चुका है, जिससे राजद (RJD) और भाजपा (BJP) के बीच की यह लड़ाई अब और ज्यादा व्यक्तिगत और आक्रामक होने वाली है।
क्या आपको लगता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह बयान सही है कि सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं होते, या फिर आरजेडी का यह आरोप सही है कि भाजपा जानबूझकर लालू परिवार को टारगेट कर रही है? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय हमें जरूर बताएं और इस तीखे राजनीतिक विश्लेषण को शेयर करना न भूलें!

🚨 फायरिंग के बाद बड़ा फैसला: खान सर का कोचिंग संस्थान अगले आदेश तक बंद, सड़कों पर उतरे हजारों छात्र!पटना के मुसल्लहपुर ह...
03/06/2026

🚨 फायरिंग के बाद बड़ा फैसला: खान सर का कोचिंग संस्थान अगले आदेश तक बंद, सड़कों पर उतरे हजारों छात्र!

पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में मंगलवार देर रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और तोड़फोड़ की सनसनीखेज वारदात के बाद प्रशासन और प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए खान सर के कोचिंग संस्थान को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। इस हिंसक हमले में संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड के गंभीर रूप से घायल होने और कोचिंग में की गई तोड़फोड़ के विरोध में आज बुधवार सुबह हजारों छात्र इंसाफ और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए है! खान सर के कोचिंग के बाहर छात्रों के भारी प्रदर्शन के कारण इलाके में चक्काजाम की स्थिति बन गई है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस पूरे मामले पर खुद खान सर ने एक बड़ा बयान देते हुए प्रतिद्वंदी कोचिंग संस्थानों (Rival Institutes) पर गंभीर आरोप लगाए हैं; उनका कहना है कि उनकी बेहद कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के मॉडल से परेशान होकर सोची-समझी साजिश के तहत यह कायरतापूर्ण हमला करवाया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी है, लेकिन राजधानी के मुख्य एजुकेशनल हब में हुए इस बवाल ने सम्राट सरकार की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं!
गरीब बच्चों को कम फीस में पढ़ाने की वजह से खान सर की कोचिंग पर हुए इस हमले और संस्थान को अगले आदेश तक बंद किए जाने के फैसले को आप किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि पटना का 'कोचिंग सिंडिकेट' और माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे सरेआम गोलीबारी कर शिक्षा के माहौल को खराब कर रहे हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय हमें जरूर बताएं और खान सर के समर्थन में इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

👑 घर लौटा बिहार का 'बेबी बॉस': IPL में तहलका मचाने के बाद अपनों के बीच पहुंचे वैभव सूर्यवंशी, समस्तीपुर में जोरदार स्वाग...
03/06/2026

👑 घर लौटा बिहार का 'बेबी बॉस': IPL में तहलका मचाने के बाद अपनों के बीच पहुंचे वैभव सूर्यवंशी, समस्तीपुर में जोरदार स्वागत!आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से पूरी दुनिया को दीवाना बनाने और अकेले दम पर 5-5 बड़े अवार्ड्स जीतकर इतिहास रचने के बाद बिहार का शेर वैभव सूर्यवंशी आखिरकार अपने घर समस्तीपुर लौट आया है। गृह जिले में कदम रखते ही अपनों ने अपने इस लाडले का पलक-पावड़े बिछाकर ऐतिहासिक स्वागत किया। महज़ 15 साल की उम्र में रनों का अंबार लगाकर ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) बनने वाले वैभव की इस तस्वीर को लोग सोशल मीडिया पर खूब पसंद कर रहे हैं। राजनीतिक और खेल विश्लेषकों का मानना है कि वैभव की यह सादगी और इतनी बड़ी सफलता के बाद भी अपने जमीनी लोगों से जुड़े रहना, उन्हें आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का एक बहुत बड़ा और जिम्मेदार सितारा बनाएगी। समस्तीपुर के इस लाल ने यह साबित कर दिया है कि जब आपके पास हुनर और अपनों का आशीर्वाद हो, तो दुनिया का कोई भी मुकाम छोटा पड़ जाता है।
क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचाकर देश भर में बिहार का नाम रोशन करने वाले हमारे 15 वर्षीय 'बेबी बॉस' वैभव सूर्यवंशी के इस सादगी भरे अंदाज पर आप क्या कहेंगे? क्या आपको भी लगता है कि वैभव की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद अब बिहार में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए सरकार को तुरंत बड़ा कदम उठाना चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपने चहेते खिलाड़ी को बधाई संदेश दें और इस गर्व के पल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

🚨 पटना में बड़ी दुस्साहस: खान सर की कोचिंग के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, राजधानी में पुलिस को खुली चुनौती!बिहार की राजधानी प...
02/06/2026

🚨 पटना में बड़ी दुस्साहस: खान सर की कोचिंग के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, राजधानी में पुलिस को खुली चुनौती!बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। देश के बेहद चर्चित और लोकप्रिय शिक्षक 'खान सर' की कोचिंग के ठीक बाहर अज्ञात बदमाशों द्वारा 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग करने की प्राथमिक सूचना मिली है। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुसल्लहपुर थाने की पुलिस दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच चुकी है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है और आसपास के दुकानदारों व प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ कर रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर इस घटना को सम्राट चौधरी की 'सख्त कानून-व्यवस्था' वाली नीति के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि पटना के इतने व्यस्त और छात्र बहुल इलाके (Educational Hub) में खान सर जैसे बड़े चेहरे के संस्थान के बाहर ऐसी गोलीबारी होना, अपराधियों के बढ़े हुए मनोबल को दर्शाता है, जिस पर पुलिस को तुरंत कड़ा शिकंजा कसने की जरूरत है।

पटना के मुसल्लहपुर जैसे व्यस्त इलाके में और खान सर की कोचिंग के बाहर इस तरह की अंधाधुंध फायरिंग की घटना को आप बिहार की कानून व्यवस्था के लिए कितना बड़ा खतरा मानते हैं? क्या आपको लगता है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है और इस पर सरकार को क्या एक्शन लेना चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमें जरूर बताएं और इस बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

साधु यादव का तेजस्वी को तीखा ज्ञान: 'लफंगों की भीड़ से दूर रहो, वर्ना सत्ता का सपना भूल जाओ!'बिहार की राजनीति में लालू प...
02/06/2026

साधु यादव का तेजस्वी को तीखा ज्ञान: 'लफंगों की भीड़ से दूर रहो, वर्ना सत्ता का सपना भूल जाओ!'बिहार की राजनीति में लालू परिवार के भीतर की अंदरूनी कलह एक बार फिर सरेआम चौराहे पर आ गई है। तेजस्वी यादव के सगे मामा और पूर्व सांसद साधु यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर एक बेहद विवादित और तीखा बयान दे दिया है, जिसने आरजेडी (RJD) खेमे में हड़कंप मचा दिया है। साधु यादव ने तेजस्वी को दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि अगर उन्हें बिहार की सत्ता में वापसी करनी है और मुख्यमंत्री बनना है, तो उन्हें अपने इर्द-गिर्द रहने वाली 'लफंगों और चाटुकारों की भीड़' को तुरंत बाहर का रास्ता दिखाना होगा और अपनी राजनीतिक आदतों में सुधार करना होगा। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन जैसे चेहरों की वजह से ही अतीत में आरजेडी बदनाम हुई थी और आज भी पार्टी उसी ढर्रे पर चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि साधु यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेजस्वी यादव बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल करने और अपनी नई 'ए टू जेड' वाली फ्लॉप रणनीति को छोड़कर वापस पुराने 'माय' (MY) समीकरण पर लौटने का मन बना रहे हैं। ऐसे नाजुक मोड़ पर सगे मामा द्वारा सार्वजनिक रूप से तेजस्वी की लीडरशिप और उनके आस-पास के कैडर पर सवाल उठाना, विपक्ष के भीतर की कमजोरियों को उजागर करता है जिसका सीधा फायदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए (NDA) गठबंधन को मिलना तय है।

क्या आपको भी लगता है कि साधु यादव द्वारा तेजस्वी यादव को दी गई यह नसीहत बिल्कुल सही है और आरजेडी को अपने आस-पास के कैडर को बदलने की जरूरत है? या फिर यह सिर्फ परिवार की आपसी खुंदक है जो चुनाव से पहले जानबूझकर तेजस्वी की छवि खराब करने के लिए निकाली जा रही है? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय हमें जरूर बताएं और इस तीखे राजनीतिक विश्लेषण को शेयर करना न भूलें!

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