Vishwa Samvad Kendra-VHP

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25/06/2026

सवाल :- अगर मंदिर में दान चोरी के आरोप लग रहे हैं..तो क्या नैतिकता के आधार पर चंपत राय और अनिल मिश्रा को इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए ?

Vishva Hindu Parishad -VHP के संयुक्त महासचिव मा. Surendra Jain जी का जवाब :
..... हमने एक बार भी नहीं कहा कि यह आरोप पूर्ण रूप से झूठे हैं, पहला बयान मेरा ही था!
क्या चंपत राय पर व्यक्तिगत आरोप लगे हैं? फिर इस्तीफा क्यों? अगर व्यक्तिगत आरोप होता कि इन्होंने इतनी सम्पत्ति बनाई, इतने पैसे खाये तो जरूर इस्तीफा का सवाल होता!

25/06/2026

एंकर का सवाल :- जब सभी सामान सुरक्षित थे तो पहले सबको क्यों नहीं दिखाया?

विहिप के संयुक्त महासचिव मा. डॉ सुरेन्द्र जैन जी का डंके की चोट पर बहुत बड़ा बयान :- कौन देखना चाहता था? क्या पत्रकारों ने आग्रह किया कि हम देखना चाहते हैं? क्या अखिलेश यादव ने आग्रह किया हम देखना चाहते हैं?क्या देने वालों ने आग्रह किया हम देखना चाहते हैं?कोई अयोध्या नहीं गया, न अखिलेश गए न आरोप लगाने वाले गए! डॉ साहब ने कहा कि मैं समझता हूं कि यह केवल और केवल सस्ती लोकप्रियता पाने का माध्यम इन्होंने खोज लिया!

माननीय जैन साहब ने कहा क्या इनमें से कोई SIT के सामने जाकर साक्ष्य प्रस्तुत किया?हमने तो कहा सबकुछ SIT के सामने पारदर्शी है, आइये देख जाइये!शिकायत है तो SIT के सामने दर्ज कीजिये!एक भी व्यक्ति SIT के सामने नही गया!

डॉ जैन ने कहा हमने सबको कहा था देते समय कि यह मंदिर में काम आने वाली वस्तु नही है,कृपया मत दीजिये, मैंने स्वयं कहा था! फिर भी आग्रह को हमने सहर्ष स्वीकार किया और सुरक्षित रखा! "एक भी चीज गायब नहीं हुई है"
जैन साहब ने कहा कि आज भी किसी को शंका है तो SIT के समक्ष विषय रखें, दूध का दूध और पानी का पानी होगा!

🚨महत्वपूर्ण सूचना श्री मती अनिता_भारद्वाज जी द्वारा समर्पित काकभुशुण्डि जिसके विषय में मिडिया के माध्यम से एवं राजनीतिक ...
25/06/2026

🚨महत्वपूर्ण सूचना

श्री मती अनिता_भारद्वाज जी द्वारा समर्पित काकभुशुण्डि जिसके विषय में मिडिया के माध्यम से एवं राजनीतिक दलों के आरोपों के कारण शंका उत्पन्न कि गई थी मंदिर में संरक्षित एवं सुरक्षित है और नियमित रूप से पूजा जा रहा है

मिडिया में प्रसारित चांदी की ईंटें भी बैंक लॉकर में सुरक्षित है

भक्तों द्वारा समर्पित सभी वस्तुएं रजिस्टर में रिकॉर्ड कि गई थी

प्राण प्रतिष्ठा के उन दिनों इस प्रकार की अनेको वस्तुएं लोग लाइन लगा कर देने के लिए व्यग्र थे सम्मानीय चंपतराय जी बारंबार मना भी कर रहे थे लेकिन दानदाता किसी भी कीमत पर वस्तु देना ही चाहते थे और अपनी श्रधा एवं आस्था का वास्ता देकर चंपतजी को देकर गए यह सभी वस्तुएं रजिस्टर में रिकॉर्ड कि गई थी

राजनीति द्वेष के कारण फैलाऐ जा रहे भ्रम से कुछ भक्तों को शंका उत्पन्न हुई है, हम पुनः कहना चाहेंगे की सभी भक्तों की वस्तुएं सुरक्षित हैं एवं भगवान को समर्पित की गई हैं

अनिता_भारद्वाज जी के मन में शंका उत्पन्न हुई है हम कहना चाहेंगे की उनको श्री राम पर एवं अपनी श्रद्धा पर विश्वास रखना चाहिए और राम द्रोही इतिहास वाले दलों के बहकावे में नही आना चाहिए।

जय श्री राम 🚩

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1. आरोप: सोमेश, गोपाल राव के भतीजे हैं।प्रतिवाद: यह आरोप पूर्णतः गलत है। संबंधित व्यक्ति का नाम “गोपाल” है, “गोपाल राव” ...
24/06/2026

1. आरोप: सोमेश, गोपाल राव के भतीजे हैं।

प्रतिवाद: यह आरोप पूर्णतः गलत है। संबंधित व्यक्ति का नाम “गोपाल” है, “गोपाल राव” नहीं। परिवार के अभिलेखों से स्पष्ट है कि उनका उपनाम “नगरकट्टे” है। अतः यह पूर्णतः स्पष्ट है कि न तो सोमेश, गोपाल जी के भतीजे हैं और न ही उनका नाम गोपाल राव है।

2. आरोप: सोमेश 50 बार कर्नाटक गए हैं।

प्रतिवाद: यह बिना किसी प्रमाण एवं साक्ष्य के लगाया गया निराधार आरोप है। वास्तविकता यह है कि उन्होंने 5 से अधिक बार कर्नाटक की यात्रा नहीं की है, जिसके यात्रा अभिलेख भी उपलब्ध हैं।

3. आरोप: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंदिर दौरे के दौरान चंपत राय जी को किनारे रखा गया।

प्रतिवाद: यह पूरी तरह गलत एवं भ्रामक जानकारी है। जिला मजिस्ट्रेट के पत्र में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। पत्र में केवल उनके दौरे के दौरान एक प्रतिनिधि नियुक्त करने का अनुरोध किया गया था, जो एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसका मीडिया द्वारा लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है।

4. आरोप: एसआईटी ने ट्रस्टियों को अयोध्या छोड़ने से मना कर दिया है।

प्रतिवाद: यह आरोप असत्य है। ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है जो ट्रस्टियों को अयोध्या छोड़ने से प्रतिबंधित करता हो। तथ्य यह है कि गोपाल जी ने अपनी पूर्व-निर्धारित यात्रा योजना के संबंध में एसआईटी के सभी सदस्यों को पूर्व सूचना दी थी। अतः एसआईटी द्वारा उनकी आवाजाही पर रोक लगाने की बात पूरी तरह भ्रामक है।

5. आरोप: चंदन राय, चंपत जी के भतीजे हैं।

प्रतिवाद: यह तथ्यात्मक रूप से गलत एवं निराधार दावा है। चंपत जी के परिवार के सदस्यों ने इस कथित रिश्ते का खंडन किया है। साथ ही, चंपत जी के भाई द्वारा भी मीडिया को पत्र लिखकर इस संबंध से स्पष्ट रूप से इनकार किया गया है, किंतु आज तक उस पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।

6.आरोप: तीर्थ क्षेत्र भवन के स्वामित्व को लेकर।

प्रतिवाद: यह तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक जानकारी है। यह उल्लेखनीय है कि तीर्थ क्षेत्र भवन का स्वामित्व श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास है। गोपाल जी, अन्य कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की भाँति, केवल वहां निवास करते हैं और उक्त संपत्ति के स्वामी नहीं हैं।

चंपत जी भाईसाहब से मेरा सम्बन्ध 4 दशक पुराना हैं। मैंने उन्हें सदैव अभावों में रहते देखा हैं । वह आर के पुरम दिल्ली कार्...
23/06/2026

चंपत जी भाईसाहब से मेरा सम्बन्ध 4 दशक पुराना हैं।
मैंने उन्हें सदैव अभावों में रहते देखा हैं । वह आर के पुरम दिल्ली कार्यालय के सबसे ऊपर वाले तल के कक्ष में रहते हैं जहां गर्मियों में तापमान 35 -38 डिग्री रहता होगा मुझ जैसे सामान्य मनुष्य के लिए निद्रा उड़ा देने वाली उष्णता लेकिन वर्षों बिना वातानकूलित और कूलर के बिना सादगी युक्त जीवन बिताया। इच्छाओं का अन्तिम संस्कार कर सिर्फ एक ही जीवन का ध्येय प्रभु श्रीराम का मंदिर अयोध्या में निर्माण हो। कभी कोई राजनीतिक अभिलाषा उनके मन को स्पर्श भी नही कर पायी।

अभी हाल ही में एक पत्रकार ने पूछा चंपत जी अब आपकी क्या इच्छा हैं? ( पत्रकार मेरे मित्र भी हैं)
चंपत जी ने कहा कि वाह इस उम्र के पड़ाव में कोई इच्छा रह जाएगी जो इच्छा थी वो प्रभु राम ने पूरी कर दी । अब तो बस प्रभु राम से यहीं इच्छा की जब तक शरीर में प्राण वायु हैं उनके चरणों की सेवा में रहूं । ऐसे तपस्वी , निर्मोही संत से आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं।

अंगद की तरह अडिग रहकर कुशल अधिवक्तओं के समायोजन में दशकों तक एकमात्र महानायक की तरह न्यायपालिका में केस की पैरवी करते रहे और हिन्दू समाज के वैभव के लिए अपना सर्वस्व जीवन समर्पित कर दिया ।
मैं यह अटल विश्वास के साथ कह सकता हूं कि न उन्हें कल किसी दायित्व की इच्छा थी न उन्हें आज किसी दायित्व की इच्छा हैं वे प्रभु राम के अन्नय भक्त हैं वो पिता के वचन के लिए वनवास गए थे । वे इस ध्येय के लिए वनवासरत जीवन जी कर आए हैं नहीं तो अपना जीवन कहीं भी सुविधायुक्त जी रहे होते।

उन्हें ट्रस्ट के इस दायित्व से लेशमात्र भी मोह नहीं हैं । उन्हें यदि अहसास हैं तो किसी षङयंत्र जो वहां से हटाकर अपने स्वार्थ पूरे करना चाहते हैं और इस बात का अहसास शीर्षतम निर्णायक लोगों को भी हैं इसलिए वे भी चंपत जी को इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के निर्वहन के लिए बाध्य किए हैं।

समय समय पर भगवान को भी वनवास जाना पड़ा इसलिए यह वनवास रूपी परीक्षा भी शीघ्र ही समाप्त हो जाएगी ।

इस परीक्षा की घड़ी में निश्चित ही चंपत जी कनक की तरह निखर कर आएंगे ।

अनिल अग्रवाल
प्रबंधक विश्व संवाद केन्द्
विहिप मीडिया सेन्टर

23/06/2026

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट: आरोप लगते ही स्वयं SIT गठित करने की मांग की और खुद को जांच दल के समक्ष प्रस्तुत किया

आरोप लगाने वाले विपक्षी नेता: सैफाई महोत्सव, नैशनल हेराल्ड, जीप घोटाले, बोफोर्स घोटाले , चारा घोटाला व शराब घोटाले जैसे अनगिनत घोटालों के आरोपियों ने कभी खुद पर लगे आरोपों की जांच की मांग नही करी

अंतर साफ है

कॉन्ग्रेस की रैली के कारण जाम में फँसी 3 छात्राएँ नहीं दे पाई NEET की परीक्षा परिक्षार्थियों की सहूलियत के लिए 45 मिनट त...
22/06/2026

कॉन्ग्रेस की रैली के कारण जाम में फँसी 3 छात्राएँ नहीं दे पाई NEET की परीक्षा

परिक्षार्थियों की सहूलियत के लिए 45 मिनट तक दिल्ली एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे PM मोदी

21/06/2026

सभी अफवाहों और दुष्प्रचार के बाद भी श्री राम मंदिर में भक्तों का जन प्रवाह

21/06/2026

"मालेगांव ब्लास्ट में संतों और देश के सैनिकों को बदनाम करके 'हिंदू आतंकवाद' की थ्योरी गढ़ने का प्रयास किया गया था।

वैसे ही अब श्री राम मंदिर और राम भक्तों को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है।

लेकिन जीत तब भी सत्य की हुई थी और अब भी सत्य की होगी।"

19/06/2026

SIT की जांच में 15 दिन में सच सामने आ जाएगा तब तक प्रतीक्षा करें

षड्यंत्रकारियों के षड्यंत्र में ना फंसे अफवाहों पर विश्वास ना करें, किसी पर अनर्गल आरोप ना लगाएं अगर कुछ प्रमाण हैं तो SIT को दें लेकिन अनावश्यक टिप्पणी ना करें वरना नोटिस मिलेगा तब समस्या होगी

षड्यंत्रकारियों के षड्यंत्र में ना आयें रामभक्तों पर गोली चलाने वाले, राम मंदिर के विरोध में कोर्ट जाने वाले लोग रामभक्त नही हो सकते वो कालनेमी है ।

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Delhi
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