22/09/2026
जब जनता के असली मुद्दे टीवी और राजनीति से ग़ायब हो जाएं!
बड़े-बड़े दावों और नोटिसों के बीच आम आदमी का हक और उसकी आवाज़ दबकर रह जाती है। कब तक जनता को सिर्फ़ तमाशबीन बनाकर रखा जाएगा?
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