Hans Katha Masik

Hans Katha Masik देश की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली साहित्यिक पत्रिका
(4)

“मुशायरों में जो शा’इरी बशीर बद्र सुनाते थे वो कोई ख़राब या कमज़ोर शा’इरी क़त्तई न थी। उसमें अपने सामे से जुड़ने की ताक़त थी...
08/07/2026

“मुशायरों में जो शा’इरी बशीर बद्र सुनाते थे वो कोई ख़राब या कमज़ोर शा’इरी क़त्तई न थी। उसमें अपने सामे से जुड़ने की ताक़त थी, लेकिन मुशायरा के भी अपने तक़ाज़े होते हैं जिसको इग्नोर कर पाना नामुमकिन होता है। ये आपको अपने रंग में रंग ही लेता है। बशीर बद्र भी इससे अछूते न रहे।”
-महेंद्र कुमार सानी

• ‘हंस’ जुलाई 2026 अंक में प्रकाशित

• जुलाई 2026 अंक यहां से प्राप्त करें: https://shorturl.at/rmrYy

सदस्यता यहां से प्राप्त करें :
🔹 मुद्रित सदस्यता: https://shorturl.at/MFcea
🔹 PDF सदस्यता: https://shorturl.at/O6yuR

मुझे याद है कि मेरा लिखना मेरे ऊपर कितना हावी रहता था. मेरे घर वाले तक यह कहने लगे थे कि तुम्हें या तो अपने लेखन से मतलब...
08/07/2026

मुझे याद है कि मेरा लिखना मेरे ऊपर कितना हावी रहता था. मेरे घर वाले तक यह कहने लगे थे कि तुम्हें या तो अपने लेखन से मतलब या लेखकों से. तुम्हारे लिए दुनिया में कोई और जैसे है ही नहीं. मैं उन्हें कैसे समझाता कि सारी दुनिया ही इस लेखन में समाई है. हम सब रिश्तों को साहित्य से ही पहचानते हैं. पहले हम पहचानते नहीं थे, जीते थे. वह भी अज्ञानता के साथ. पत्नी का साथ, बच्चों का प्यार, मां-बाप का वात्सल्य, मित्रों की लाग-डाट और याराना, इन्सान का टुच्चापन और महानता-सब कुछ साहित्य में एक विस्तृत परिप्रेक्ष्य में रहता है, अपने में संपूर्ण.
• गिरिराज किशोर • जयंती विशेष

(पूरा पढ़ने के लिए कॉमेंट में दिए गए लिंक पर जाएं)

'हंस' जुलाई 2026 अंक में प्रकाशित 'अपना मोर्चा' में मुसाफिर बैठा के पत्र से एक अंश‘बीच बहस में’ छपा फ़रज़ाना महदी का हस्तक...
07/07/2026

'हंस' जुलाई 2026 अंक में प्रकाशित 'अपना मोर्चा' में मुसाफिर बैठा के पत्र से एक अंश

‘बीच बहस में’ छपा फ़रज़ाना महदी का हस्तक्षेप ‘पार्टनर, हम जानते हैं तुम्हारी पाॅलिटिक्स क्या है’ लाजवाब करने वाला आलेख है। इसके जरिए तसलीमा नसरीन के ‘हंस’ में छपे कुछ आलेखों के दृष्टांत लेते हुए तसलीमा की ‘हिंदुत्व सेवक’ राजनीति की पोल-खोल है’ में उसकी अच्छी खबर ली है।
-मुसाफिर बैठा

• जुलाई 2026 अंक यहां से प्राप्त करें: https://shorturl.at/rmrYy

सदस्यता यहां से प्राप्त करें :

🔹 मुद्रित सदस्यता: https://shorturl.at/MFcea
🔹 PDF सदस्यता: https://shorturl.at/O6yuR

केदारनाथ सिंह की जयंती पर सादर नमन
07/07/2026

केदारनाथ सिंह की जयंती पर सादर नमन

06/07/2026

आइए ! जानते हैं, हंस जुलाई 2026 अंक में प्रकाशित कहानियों के बारे में

प्रस्तुतिः नाज़रीन

इन कहानियों को पढ़िए और हमें ईमेल पर भेजिए अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रियाएं। आपकी पाठकीय टिप्पणी हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है।

आशा है यह वीडियो आपको जरूर पसंद आया होगा

संपर्क करें :
व्हाट्‌सएप नंबर- 9560685114
ईमेल - [email protected]

कल की शाम साहित्य, संवाद और विचारों के नाम रही।म्यूज़ियो कैमरा एवं 'हंस' पत्रिका के सहयोग से आयोजित "बुकर से पहले और बाद...
06/07/2026

कल की शाम साहित्य, संवाद और विचारों के नाम रही।

म्यूज़ियो कैमरा एवं 'हंस' पत्रिका के सहयोग से आयोजित "बुकर से पहले और बाद: गीतांजलि श्री की कहानी" सत्र में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखिका गीतांजलि श्री ने वरिष्ठ लेखिका एवं पत्रकार सीमा चिश्ती के साथ हुए संवाद में अपने नए उपन्यास 'सह-सा' पर विस्तार से बातचीत करते हुए अपनी लेखन-यात्रा, रचनात्मक प्रक्रिया और साहित्य के बदलते परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।

इस आत्मीय संवाद ने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को गीतांजलि श्री के सृजन-संसार, उनकी लेखकीय दृष्टि और समकालीन हिंदी साहित्य के अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया। चर्चा के दौरान लेखन की प्रक्रिया, भाषा की संवेदनशीलता, कथा-रचना के विविध आयामों तथा साहित्य की सामाजिक भूमिका जैसे विषयों पर सार्थक और विचारोत्तेजक बातचीत हुई।

इस प्रेरणादायक एवं यादगार आयोजन का हिस्सा बनने वाले सभी साहित्यप्रेमियों, पाठकों और प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद। आपकी उपस्थिति, जिज्ञासा और सक्रिय सहभागिता ने इस संध्या को और भी विशेष बना दिया।

साहित्य, संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ऐसे ही सार्थक आयोजनों के माध्यम से आपसे आगे भी जुड़ते रहने की आशा है।

05/07/2026
आइए ! आपकी प्रतीक्षा है
05/07/2026

आइए ! आपकी प्रतीक्षा है

सुविख्यात पंडवानी लोक गीत-नाट्य कलाकार तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि।
05/07/2026

सुविख्यात पंडवानी लोक गीत-नाट्य कलाकार तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि।

आज शाम 5 बजे, म्यूज़ियो कैमरा, गुरूग्राम में___________________________________📚 ‘म्यूज़ियो कैमरा’ एवं 'हंस' पत्रिका के ...
05/07/2026

आज शाम 5 बजे, म्यूज़ियो कैमरा, गुरूग्राम में
___________________________________

📚 ‘म्यूज़ियो कैमरा’ एवं 'हंस' पत्रिका के सहयोग से प्रस्तुत मासिक शृंखला “कहानी-वहानी” के अंतर्गत अगला कार्यक्रम — “बुकर से पहले और बाद : गीतांजलि श्री की कहानी”।

क्या किसी लेखक की पहचान केवल पुरस्कारों से बनती है, या उसके पीछे छिपी होती है वर्षों की रचनात्मक साधना, संघर्ष और संवेदनाओं की एक लंबी यात्रा?

आइए, अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित उपन्यासकार गीतांजलि श्री की लेखन-यात्रा और उनके चर्चित उपन्यास ‘सह-सा’ पर एक विशेष बातचीत में शामिल हों।
उनसे संवाद करेंगी लेखिका एवं पत्रकार सीमा चिश्ती।

📅 05 जुलाई 2026 (रविवार)
🕔 शाम 5:00 बजे से 6:30 बजे तक
📍 म्यूज़ियो कैमरा, गुरुग्राम
🚇 निकटतम मेट्रो स्टेशन: इफको चौक

🎟️ प्रवेश निःशुल्क

#कहानीवहानी #हंस #गीतांजलिश्री #सीमाचिश्ती #हिंदीसाहित्य #साहित्यसंवाद #रेतसमाधि #बुकरपुरस्कार

Address

Akshar Prakashan, Pvt. Ltd. , 4229/1, Ansari Road, Daryaganj
Delhi
110002

Opening Hours

Monday 11am - 5:30pm
Tuesday 11am - 5:30pm
Wednesday 11am - 5:30pm
Thursday 11am - 5:30pm
Friday 11am - 5:30pm
Saturday 11am - 5:30pm

Telephone

011-41050047

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hans Katha Masik posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Hans Katha Masik:

Shortcuts

Share

Category