30/08/2026
| जूनागढ़ की गलियों से दुनिया के मंच तक, Mir Haji Kasam ‘Haji Ramakdu’ ने अपनी ढोलक की ताल से गुजराती लोक संगीत को नई पहचान दी।
10 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका सफर छह दशकों से भी आगे बढ़ा। संगीत के साथ उन्होंने हजारों चैरिटी कार्यक्रम किए, जरूरतमंदों की मदद की और युवा कलाकारों को मुफ्त में संगीत सिखाया।
2026 में उनके इस अद्भुत योगदान को Padma Shri से सम्मानित किया गया।
एक कलाकार, जिसकी कला सिर्फ़ सुनी नहीं गई, लोगों की ज़िंदगी से जुड़ गई।