21/05/2022
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो० रतनलाल जैसे मुखर और प्रगतिशील बुद्धिजीवी की गिरफ़्तारी अत्यंत निंदनीय है। जिस तरह निहायत सतही और निराधार आरोपो मे उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत मे लिया गया वह किसी लोकतांत्रिक समाज में संभव नहीं।
रतनलाल को अविलम्ब रिहा करो!