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23/02/2026

Indian Youth Congress NaMo Bharat

ओ ब्राह्मण ही तो है जिसने सनातन के ध्वजा को थाम रखा है वर्ना तलवार की नोक पर तब करोड़ो लोगो ने अपना धर्म बदला है....आप जा...
21/02/2026

ओ ब्राह्मण ही तो है जिसने सनातन के ध्वजा को थाम रखा है वर्ना तलवार की नोक पर तब करोड़ो लोगो ने अपना धर्म बदला है....

आप जानते है ? जब कोई पूछता है कि महाभारत के युद्ध में अभिमन्यु कैसे मारा गया तो अधिकांश लोगो के पास सिर्फ दो ही उत्तर होते है।

1) अर्जुन जब चक्र व्यूह को तोडने का भेद बता रहे थे तो उसकी गर्भवती माँ सो गई थी और गर्भ में पल रहे अभिमन्यू को चक्र व्यूह तोडने का पूरा भेद नही पता चल सका!

2) अभिमन्यु चक्र व्यूह के सात में से छः द्वार तोड चुका था लेकिन पांडव समय पर नही पहुंच पाये और निहत्थे अभिमन्यु को घेर कर कौरवों ने मार दिया।

लेकिन क्या आप अभिमन्यु की वीर गति का असली कारण जानते है ? महाभारत के युद्ध में कौरवों की वह कुटिल चाल जिसमें उन्होने अर्जुन को युद्ध भूमि से बहुत दूर ले गये,जिसकी वजह से अर्जुन के वापस लौटने में बहुत देर हो गई।

कल्पना किजिए कि अगर युद्ध भूमि में अर्जुन होता तो क्या अभिमन्यु को चक्र व्यूह भेदने की जरूरत पडती? अभिमन्यु चक्र व्यूह भेदने के दौरान वीर गति को प्राप्त होता ? महाभारत में अर्जुन अकेला योद्धा था,जो चक्र व्यूह को भेदना जानता था।

सनातन धर्म की सभी वर्णो में हमेशा सिर्फ ब्राह्मणों पर ही क्यों हमला होता आया है ? सनातन धर्म के दुश्मनों द्वारा सनातन धर्म से ब्राह्मणों को ही हमेशा पृथक करने का प्रयास क्यों होता है ? क्यों कि यही ब्राह्मण हमारे सनातन धर्म के अर्जुन है।

अर्जुन के नही होने पर महाभारत के युद्ध को आसानी से जीता जा सकता था। उसी तरह सनातन से ब्राह्मणों को अलग करके सनातन धर्म को आसानी से खत्म किया जा सकता है। ये ब्राह्मण ही है तो अर्जुन की तरह हमारे अस्तित्व के युद्ध में सनातन और सनातन के हर वर्ग की रक्षा करते आ रहे है।

आज इन्हे आरक्षण का कोई लाभ नही मिला है और ना मिलता है। संख्या में भी ये बस मुट्ठी भर है लेकिन सत्ता के शीर्ष पर आज ये बहुसंख्यक है। सरकार,संस्कार, प्रशासन,सेवा के साथ मिडिया,हर क्षेत्र में आगे है। इसका एक ही कारण है,इन्होने शिक्षा को अपना हथियार बनाया, सबसे ज्यादा शिक्षित वर्ग ब्राह्मण ही है।

ये चाणक्य बने,सदगुरू शंकराचार्य बने,ये बाजीराव बने लेकिन इन्होने कभी सत्ता को नही हथियाया,ना सत्ता का लालच दिखाया। सदैव सत्ता पर किसी और को बैठाकर सनातन और देश की सेवा ही करते रहे। देश और समाज को हमेशा सही मार्गदर्शन ही देते रहे।

बाहरी आक्रांताओ ने जब भारत माता को लज्जित करने का प्रयास किया तो यही ब्राह्मण देवता थे जो अपमान सह कर भी सनातन को जीवित रखा। जब तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया जा रहा था तो यही ब्राह्मण थे,जिन्होने सभी ग्रंथो के ज्ञान को कंठस्थ कर अपने मस्तिष्क में सहेज और संजो कर रखा था।

यही ब्राह्मण थे तो पंडित बन कर तब भी और आज भी पूजा पाठ हवन करके आप के घरों को पवित्र करते रहे है। पंचांग से भविष्य संवारते और यही पंडित समाज को जागरूक करने की अलख जगाये रखते थे। यही ब्राह्मण पंडित बन कर विद्यार्थियो को शिक्षित कर सनातन समाज की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते रहे। यही वैध बनकर गाँव घरों में अलग अलग रोगों का इलाज करते और मनुष्यता को जीवन देते। दार्शनिक बन समाज को जागरूक और एकजुट कर मार्गदर्शन करते थे।

ब्राह्मणों ने बुद्ध के नास्तिक विचारों को नेस्तनाबूद किया। अशोक जैसे कुकर्मी आततायी बौद्धों का आतंक झेला और अंत में उसके वंश को समाप्त किया। गयासुद्दीन बलबन से लेकर औरंगजेब और अंग्रेज तक को झेला। किन्तु तिलक, चोटी, जनेउ, गायत्री, गौ, गङ्गा सुरक्षित किए रखे। उन्ही ब्राह्मण देवताओ ने एक से एक बलवान राजाओं, विचारधाराओ को ब्राह्मणवाद के अंत का स्वप्न लेकर मरते देखा है पर ब्राह्मणवाद अजर, अमर, शास्वत की तरह रहा। ब्राह्मण सनातन धर्म की धुरी है।

दुनियाभर को विज्ञान का आधार देने वाले यही ब्राह्मण थे। विज्ञान की मूल व प्रथम सीख इन्होने दी। चिकित्सा शास्त्र के जन्म दाता यही ब्राह्मण है। ये सनातन का आधार है। आधार पर प्रहार कर हिलाने पर इमारत गिर जाती है। इसलिए भी सनातन के दुश्मन ब्राह्मणों पर प्रहार करते रहते है। याद रखों, महाभारत को जीतना है तो अर्जुन रूपी ब्राह्मण को युद्ध भूमि से दूर मत जाने दिजिए !

😊 जय हिंद 🇮🇳

जब दुनिया के किसी भी देश ने भारत को अत्याधुनिक Gallium Nitride सेमीकंडक्टर चिप तकनीक उपलब्ध नहीं कराई, क्योंकि इसे रणनीत...
05/02/2026

जब दुनिया के किसी भी देश ने भारत को अत्याधुनिक Gallium Nitride सेमीकंडक्टर चिप तकनीक उपलब्ध नहीं कराई, क्योंकि इसे रणनीतिक और संवेदनशील रक्षा तकनीक माना जाता है। ऐसे में DRDO की वैज्ञानिक मीना मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय वैज्ञानिकों ने पूरी तरह स्वदेशी GaN सेमीकंडक्टर चिप विकसित कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ले जाती है, जिनके पास हाई-पावर GaN तकनीक स्वयं की है।
इस बारे में मुख्य बातें:
*GaN चिप्स का उपयोग रडार, मिसाइल ट्रैकिंग, एयर डिफेंस और स्पेस सिस्टम में होता है
* ये चिप्स पारंपरिक सिलिकॉन चिप्स से ज्यादा पावरफुल और टिकाऊ होती हैं
*कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन और कम हीट जनरेशन
*तकनीक पूरी तरह स्वदेशी, वर्षों की रिसर्च और हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग का नतीजा
*विदेशी निर्भरता घटेगी, भारत के रक्षा सिस्टम और मजबूत होंगे
*आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा मील का पत्थर

20/01/2026

NSA Motivational speech
युवाओ को दिया सफलता का संदेश

 ्रांतिकारी   शरीर से मांस का एक-एक कतरा गल चुका था। पसलियां बाहर आ गई थीं। हिलने-डुलने तक की ताकत नहीं बची थी ।*जब अंग्...
19/01/2026

्रांतिकारी
शरीर से मांस का एक-एक कतरा गल चुका था। पसलियां बाहर आ गई थीं। हिलने-डुलने तक की ताकत नहीं बची थी ।
*जब अंग्रेजों ने देखा कि यह 25 साल का लड़का टूट नहीं रहा, तो उन्होंने जबरदस्ती नाक में नली ठूंसकर दूध पिलाने की कोशिश की। वह नली खाने की नली की जगह फेफड़ों में चली गई ।
*दूध फेफड़ों में भर गया। वो तड़पते रहे, खून की उल्टियां करते रहे, लेकिन अनशन नहीं तोड़ा ।
*13 सितंबर 1929 को लाहौर जेल में एक क्रांतिकारी ने अपने प्राण त्याग दिए। 63 दिन... जी हाँ, 63 दिन तक बिना अन्न का एक दाना खाए।
*इतिहास के पन्नों में अक्सर हम भगत सिंह की फांसी की बात करते हैं, लेकिन उस साथी को भूल जाते हैं जिसने भगत सिंह की बाहों में दम तोड़ा था।
*आज हम बात कर रहे हैं 'यतींद्र नाथ दास' की, जिन्हें दुनिया 'जतिन दा' के नाम से जानती थी।
*पेशे से वो बम बनाने में माहिर थे, लेकिन उनका हथियार बना उनका अपना शरीर।
*वो चाहते तो माफी मांग सकते थे, खाना खा सकते थे। लेकिन मांग सिर्फ एक थी - "भारतीय राजनीतिक कैदियों के साथ जानवरों जैसा सलूक बंद करो।"
*अंग्रेजों को लगा कि भूख इसे तोड़ देगी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह शरीर मिट्टी का नहीं, फौलाद का बना है।
*जब जतिन दा की हालत बिगड़ने लगी, तो अंग्रेजों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। जेल के डॉक्टर और सिपाहियों ने उन्हें दबोच लिया। नाक से नली डाली। दर्द से वो चीखते रहे, लेकिन उनका संकल्प नहीं डिगा।
*उनकी शहादत की खबर जब बाहर आई, तो पूरा देश रो पड़ा था।
*कहा जाता है कि जब उनका शव लाहौर से कलकत्ता ले जाया जा रहा था, तो हर स्टेशन पर हजारों लोग फूल लेकर खड़े थे। कलकत्ता में उनकी अंतिम यात्रा में 6 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।
*सुभाष चंद्र बोस ने खुद उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया था।
*लेकिन आज? आज कितने लोग उस 63 दिन की तपस्या को याद करते हैं?
*मरते वक्त जतिन दा ने कहा था, "मैं कोई साधु नहीं हूँ, मैं बस एक साधारण इंसान हूँ जो अपने देश की गरिमा के लिए मरना चाहता है।"
*आजादी चरखे से आई या बिना खड्ग-ढाल के, यह बहस का विषय हो सकता है। लेकिन यह सच है कि आजादी की नींव में जतिन दा जैसे नौजवानों की गल चुकी हड्डियां गड़ी हैं।
*हमें यह आजादी खैरात में नहीं मिली, इसके लिए किसी ने अपनी जवानी के 63 दिन भूखे रहकर कुर्बान किए हैं।
*हर भारतीय का कर्तव्य है कि वो जाने कि जिस हवा में वो सांस ले रहा है, उसकी कीमत क्या थी।
*इस जानकारी को साझा करें ताकि आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि असली 'हीरो' कौन थे

दुनिया जिस लीडर का लोहा मानती है PM Modiसबसे बेहतर सबसे कर्मठ देश हित को ऊपर रखकर काम करने वाला भारत का सबसे लोकप्रिय प्...
20/12/2025

दुनिया जिस लीडर का लोहा मानती है PM Modi
सबसे बेहतर सबसे कर्मठ देश हित को ऊपर रखकर काम करने वाला भारत का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री जिसे दुनिया के 29 देशों ने अपना सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान दिया

13/09/2025

श्री सी पी राधाकृष्णन बने भारत के नये उपराष्ट्रपति
New Vice president of India CP Radhakrishnan ​ ​

11/09/2025

🇮🇳
सबसे पहले तो नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से भारत की तुलना करना निहायत ही घटिया और ओछी सोच है । दूसरी बात नेपाल में 10 साल में 7 प्रधानमंत्री बने और हटे | वहा सत्ता और विपक्ष दोनों के नेताओ से जनता नाराज थी उनके भ्रष्ट नीति के कारण । लेकिन भारत पूरी मजबूती के साथ दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन कर लगातार अपने जनता के लिए काम कर रहा है । भारत की जनता पिछले 11 सालों से अपने प्रिय प्रधानमंत्री के साथ पूरी ताकत के साथ खड़ी है । इसलिए जिनके मन में ये घटिया सपना आ रहा है कि भारत में भी अराजकता फैल जाये ओ नजदीक के किसी नाले में डूबकर मर जाये मुझे खुशी होगी । 🇮🇳 जय हिंद 🇮🇳 🚩🚩🚩🚩

27/08/2025

BSF HC- RO/HC RM New Vacancy 2025 | BSF Vacancy 1121 Post Form Fill Up ||

15/08/2025

Highlights speech on 2025
PMO India We With You Nitish Kumar President Donald J. Trump Nirmala Sitharaman Nitin Gadkari PMO, INDIA

10/08/2025

How to change NPS Fund Manager?
NPS में फण्ड मैनेजर को कैसे बदले? PMO India

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