30/08/2026
अंसार गंज में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का शानदार जलसा, हजारों अकीदतमंदों ने की शिरकत
करारी (कौशांबी), 27 अगस्त।
करारी क्षेत्र के अंसारगंज में 26–27 अगस्त की दरम्यानी रात जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर एक भव्य व रूहानी जलसे का आयोजन किया गया। इस मुबारक अवसर पर करारी सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। पूरी रात तक नात-ए-पाक, तक़रीर और दुआओं का सिलसिला चलता रहा, जिससे माहौल इश्क़-ए-रसूल ﷺ और रूहानियत से सराबोर रहा।
जलसे के मुख्य वक्ता मुफ्ती किताबुद्दीन साहब ने अपने बयान में इस्लाम की तारीख़, सीरत-ए-तैय्यबा और हुज़ूर-ए-अकरम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की मुक़द्दस ज़िंदगी पर तफ़सील से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि नबी-ए-करीम ﷺ की ज़िंदगी पूरी इंसानियत के लिए रहमत, सच्चाई, ईमानदारी, सब्र, इंसाफ़ और अच्छे अख़लाक़ का बेहतरीन नमूना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी ज़िंदगी कुरआन और सुन्नत की तालीमात के मुताबिक गुज़ारें और हर हाल में इंसानियत व मोहब्बत को अपनाएं।
मुफ्ती साहब ने अपने ख़िताब में मुल्क-ए-हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हमारा वतन हिंदुस्तान अनेक धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का खूबसूरत गुलदस्ता है, जहाँ आपसी भाईचारा, मोहब्बत और एकता ही सबसे बड़ी ताक़त है। उन्होंने सभी नागरिकों से संविधान, देश की एकता और आपसी सौहार्द का सम्मान करने तथा मिल-जुलकर अमन और तरक़्क़ी का माहौल कायम रखने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम कभी नफ़रत नहीं, बल्कि शांति, भाईचारा और इंसाफ़ का पैग़ाम देता है। गरीबों, यतीमों, पड़ोसियों और ज़रूरतमंदों के हक़ अदा करना ही असली दीनदारी है। नौजवानों को उन्होंने शिक्षा, अच्छे किरदार और समाज की भलाई के कामों में आगे आने की नसीहत की।
जलसे के अंत में मुल्क-ए-हिंदुस्तान की सलामती, तरक़्क़ी, आपसी भाईचारे और पूरी इंसानियत के लिए ख़ुसूसी दुआ कराई गई