26/03/2026
भारत में हाल के समय में एक चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आ रही है, जहाँ कुछ लोग देश में रहकर अन्य देशों के लिए धन एकत्र कर रहे हैं। यह स्थिति स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े करती है। जो लोग भारत में रहते हैं, यहाँ की सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, सरकारी योजनाओं का फायदा लेते हैं—उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि उनकी प्राथमिक निष्ठा भारत के प्रति हो।
ऐसे में जब कुछ लोग ईरान जैसे देशों के लिए धन इकट्ठा करते हैं, तो यह चिंता और भी बढ़ जाती है। आज यदि यह गतिविधि ईरान के लिए हो रही है, तो भविष्य में यही लोग पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल जैसे अन्य देशों के लिए भी ऐसा कर सकते हैं। विशेष रूप से तब, जब इन देशों के साथ भारत के संबंध कई बार संवेदनशील या तनावपूर्ण रहे हैं, यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के दृष्टिकोण से गंभीर बन जाता है।
हालांकि, मानवीय आधार पर किसी भी देश की सहायता करना गलत नहीं है, लेकिन यह कार्य पूरी पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए।
इस परिस्थिति में भारत सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे मामलों पर नजर रखे, आवश्यक जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि कोई भी गतिविधि देश के कानून या सुरक्षा के खिलाफ न हो। साथ ही, किसी भी देश को सहायता देने का निर्णय व्यक्तिगत नहीं होना चाहिए।
#कांग्रेस Manoj Tiwari 'Mridul' Mahant Balaknath Yogi