16/02/2026
विशेष रिपोर्ट..
दरार और खिसलन के चलते मंदिर बंद, फिर भी श्रद्धालु पहुंचने को उतावले
महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाली में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं थे। पहाड़ी क्षेत्र में दरारें और खिसलन आने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मंदिर को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से सहयोग की अपील करती रही। स्पष्ट किया गया कि पहाड़ों में आई दरार और फिसलन की वजह से ऊपर जाना जानलेवा साबित हो सकता है। बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु जोखिम उठाकर वहां तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए।
कई लोग बैरिकेडिंग पार करने और वैकल्पिक ऊबड़-खाबड़ रास्तों से ऊपर चढ़ने का प्रयास करते देखे गए। यह स्थिति न केवल उनके लिए खतरनाक थी, बल्कि बचाव और सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के लिए भी चुनौती बन गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ऐसे लोगों को रोका, समझाया और सुरक्षित स्थान की ओर भेजा।
एक ओर शासन-प्रशासन पूरी गंभीरता से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा रहा, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों की जल्दबाजी और आस्था में अति-उत्साह ने खतरे को और बढ़ा दिया।
इस दौरान एक अस्वस्थ पुलिस अधिकारी भी ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात रहे। स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कर्तव्यनिष्ठा की श्रद्धालुओं ने भी सराहना की। यह पूरा घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—आस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन उससे भी अधिक अनमोल है। प्रशासन द्वारा लिए गए सुरक्षा निर्णयों का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और सभी सुरक्षित रहें।