07/02/2020
💥 #बन्द_करों_ये_जाति_धर्म_का_गंदा_खेल✍
#सीकर के #कावंट गांव में जाट समाज के एक गरीब परिवार की मासूम बेटी को एक दरिंदे द्वारा नोचने के बाद 8 वें दिन जयपुर के जेके लोन हॉस्पीटल में दम तोड़ दिया..😔
** घटना के चार दिन तक थोई थानाधिकारी #संगीता_मीणा नाम की एक पागल मैणी ने मुकदमा दर्ज नही किया व उसके गरीब माँ-बापों को टरकाती रही, क्योकि दरिंदा #बसंत_मीणा उसी की जाति का था। ज्यादा हो हल्ला होने के बाद उसे गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन उस गंडक इंसान को पुनः छोड दिया। सर्व समाज व सभी पदाधिकारियों से मेरा निवेदन है कि इस घटना के विरोध में अपनी अपनें जीवित होने का सबूत दो और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग रखो।
** कुछ भटकते बेवकूफ़ो के मुंह से मीणा समाज में जन्मे एक ढकोली लाल मैणा किसी झूठे जननायक जी की बहुंत जयकारे सुनती रहती हूँ। मैंने सुना है कि ऐसी घटनाओं पर वो बहुंत ही धरना-प्रदर्शन व तोड़ फोड़ करता व अपने फ़ालतू लोगों से करवाता फिरता बताया। आखिरकार वह ढोंगी राजनीति कुछ घटनाओं पर मोन धारण क्यो कर लेता है। कही ऐसा तो नही की वो सिर्फ अपने फायदे की चीज़ों को ही छाटकर खाता है 🤔
** थोड़ी सी तो सरम करों! किसी पीड़ित इंसान का ना तो कोई धर्म होता और ना ही उसका मजहब व जाति। वह हर किसी सामने वाले के आगे मदद की भीख मांगने के लिए अपने हाथ फैला देता है जी। इसी तरहा किसी गंदे दरिंदे कूकरा इंसान का भी कोई धर्म, मजहब व जाति नही होती। शायद मेरी इस पोस्ट से कुछ बेवकूफ मैणाओ के शरीर में आग लग गई होगी। लेकिन दोष मेरी लेखनी का नही, दोष है उनके अन्दर भरी पड़ी बेहूदी इंसान का। आप लोग अपनी समझ को खूब लेकर बैठे रहो, मुझें तो मेरा काम करना है। क्योकि हम इस श्रृष्टि के आखिर तक किसी समाज़, धर्म व इस शरीर के साथ एक ही स्थान पर चिपके तो नही रह पाएंगे जी। एक ना एक दिन यह तेरा मेरा, सब छोड़ हमें अपनी जगह बदलकर चले जाना है। जो भी हुआ है! किसी ने भी किया है! किसी के भी साथ हुआ है! इस मानव समाज के नाम एक कलंक ही है।