10/01/2026
रूबी और सुनीता, मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव की निवासी थीं। दोनों मां बेटी थीं। रूबी अपनी मां सुनीता के साथ जंगल जा रही थीं। रास्ते में पारस राजपूत नामी शख्स ने रूबी को अगुवा करने की कोशिश की, रूबी की मां सुनीता ने इसका विरोध किया तो पारस ने सुनीता के सर पर गन्ना काटने कुल्हाड़ी से वार किया, सुनीता बेहोश हो गईं। और पारस अपने साथ रूबी को लेकर फरार हो गया। उधर सुनीता को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया जहां वो ज़िंदगी की जंग हार गई।
अब यहां से यूपी के मुख्यमंत्री के उस बयान की हक़ीक़त जानने की कोशिश कीजिए, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अगर महिला को छेड़ा तो अगले चौराहे पर यमराज खड़े मिलेंगे। सोचिए! इस दावे में कितनी सच्चाई है? एक दरिंदा दलित की बेटी को उठाकर ले गया, उसकी मां का कत्ल कर दिया लेकिन उस दरिंदों को ढूंढने में यमराज अभी तक लापता है।
अब दूसरा सवाल! आपने हिन्दुवादी संगठनों को बांग्लादेश की ‘सच्ची झूठी’ ख़बरों पर उबलते हुए, उग्र होते हुए देखा होगा। लेकिन अपने देश में होने वाली इन घटनाओं पर वो शायद ही आवाज़ उठा पाएं। चाहे उत्तराखंड की अंकिता का मामला हो या उन्नाव की पीड़ित को इंसाफ दिलाने का मामला! आप हर जगह से इन हिन्दुवादी संगठनों के लठैतों को नदारद ही पाओगे! कोई इनसे पूछे कि क्या ये बेटियां हिन्दू नहीं हैं? क्या ये इंसान नहीं हैं? या इनके एजेंडे से बाहर हैं?