21/06/2026
"गरीब औरत"
👉यह लो इसे बेचकर तुम अपने लिए और अपने परिवार के लिए भोजन खरीद लेना भिखारी ने जैसे ही सोने का हार देखो तो गरीब और से कहा-"यह मैं कैसे ले सकता हूं, मुझे तो सिर्फ एक वक्त का खाना खाने का पैसा दे दो गरीब औरत ने कहा- बाबा इसे ले लो मुझे इस सोने की हार की जरूरत नहीं है
एक छोटे से गाँव में एक गरीब औरत रहती थी। उसके पास ज्यादा धन-दौलत नहीं थी, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। वह खुद भूखी रहकर भी दूसरों की मदद करने में विश्वास रखती थी।
एक दिन वह रास्ते से गुजर रही थी, तभी उसने एक भिखारी को देखा। वह बहुत कमजोर था और कई दिनों से भूखा लग रहा था। गरीब औरत को उस पर दया आ गई।
उसने अपने पास रखा एक सुंदर सोने का हार निकाला और भिखारी से कहा—
"बाबा, यह हार ले लो। इसे बेचकर तुम अपने लिए और अपने परिवार के लिए भोजन खरीद लेना।"
भिखारी ने जैसे ही सोने का हार देखा, वह हैरान रह गया। उसने हाथ जोड़कर कहा—
"मां, मैं यह कैसे ले सकता हूं? मुझे तो बस इतना पैसा दे दो कि मैं एक वक्त का खाना खा सकूं। यह इतना कीमती हार मैं नहीं ले सकता।"
गरीब औरत मुस्कुराई और बोली—
"बाबा, मुझे इस सोने के हार की जरूरत नहीं है। अगर यह किसी भूखे के काम आ जाए, तो इससे बड़ा धन मेरे लिए कुछ नहीं।"
भिखारी की आंखों में आंसू आ गए। उसने कहा
"मां, आज तुमने मुझे सिर्फ भोजन नहीं दिया, बल्कि इंसानियत पर मेरा विश्वास भी वापस लौटा दिया।"
उस दिन के बाद गाँव के लोगों ने उस गरीब औरत की दयालुता की कहानी सबको सुनाई। सभी समझ गए कि असली अमीरी धन से नहीं, बल्कि दिल की अच्छाई और दूसरों की मदद करने की भावना से होती है।
सीख: दूसरों की मदद करने वाला इंसान हमेशा सबसे अमीर होता है। 🙏