15/01/2026
मुझे तो ये समझ मे नहीं आ रहा कि इस महिला का इतना विरोध हो ही क्यों रहा है। क्या इसलिए कि ये समाज के नियम और उम्र के बंधनों को तोड़कर स्वच्छंद जीवन को चुन रही है या इसलिए कि इन उम्र में भी इसकी कामुकता समाज डायजेस्ट नहीं कर पा रहा।
कामसूत्र में रेखा के किरदारों को आज भी लोग याद करते हैं तो यदि यथार्थ जीवन में कोई महिला कामसूत्र की रेखा वाला क़िरदार जी रही तब क्यों समस्या होने लगी।
असल मे स्त्री का बेबाकपन समाज को पसंद नहीं है,
खासकर यदि कोई स्त्री इस उम्र में ऐसा करे
तब तो घोड़े खुल जाते हैं भाई साहब.....
जैसे समाज ने तय कर रखा है कि किस उम्र में ध्यान
भजन करना है और किस उम्र तक कामुक रहना है।
जितना इस महिला के बारे में जाना है मुझे तो लगता है इसका का कुछ अलग करना परेशानी की जड़ नहीं है
परेशानी कुछ और ही है...
महिलाएं इसलिए विरोध कर रही कि
बुढ़ापे में ये इतनी फिट और चिकनी कैसे है!!
और आदमियों को तो कोई दिक्कत है ही नहीं वो बस हर एक पोस्ट पर इसकी एक ही चबूतरे पर बैठे बैठे खींची गई फोटो देखकर बोर हो चुके हैं कुंठित अलग से कि उनकी बुड्ढी ऐसी क्यों नहीं है.
सीमा आनंद काम क्रीड़ाओ पर खुलकर बात करती है
लोगों की मानसिकता पर अपने अनुभव शेयर करती है। जबकि सेक्सुअल लाइफ को आज भी समाज मे
शर्म, चुप्पी और व.र्ज.ना से जोड़ा जाता है,
वहाँ तान्या मित्तल की कॉन्डम फेक्ट्री और सीमा आनंद के अनुभव कैसे डायजेस्ट किये जा सकते हैं जहाँ अब तक तो सैनेटरी नेपकीन तक काली थैली में बांधकर दिए जाते हैं जैसे कोई घिनोनी और छुपाई जाने वाली वस्तु हो।
वो बिना डर के खुलकर बात करती हैं।
रिश्तों, इच्छा और शरीर को गंदगी या हेय की दृष्टि नहीं देती बल्कि उसे स्वीकार करने की बात करती है। जिन विषयों पर समाज सवाल पूछने से डरता है, वहीं सीमा आनंद उत्तर देने के साहस का नाम बन चुकी है।