25/06/2026
द्वापर युग में शिशुपाल का भाई दंतवक्त्र के द्वारा दतिया शहर में वनखण्डेश्वर महादेव की स्थापना की गई थी। जो कि आगे समयानुसार दतिया शहर बना। 1929 में स्वामी जी महाराज का आगमन दतिया शहर में हुआ। 1935 में श्री पीतांबरा माई की स्थापना इस स्थान पर की गई।1962 में चीन युद्ध के समय महाराज जी द्वारा एक तांत्रिक हवन के द्वारा आयोजन किया जिसमें भगवती धूमावती का आहवान किया गया था। 1978 ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी में भगवती धूमावती की स्थापना पीठ परिसर में की गए और विश्व में अकेली स्थापना हैं। 1979 ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी के दिन स्वामी जी महाराज जी ने समाधि ली।
22 जून स्वामी जी महाराज जी की पुण्यतिथि और रात्रि में भगवती का स्थापना दिवस उनके अभिषेक के साथ मनाया जाता है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे दर्शन प्राप्त हुए ।
जय माई की 🙏