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Untold Story Of Piyush Mishra: 90 के दशक में बॉलीवुड फिल्में अपने शवाब पर थीं. एक्शन की बयार कमजोर होने लगी थी और रोमांस...
28/10/2023

Untold Story Of Piyush Mishra: 90 के दशक में बॉलीवुड फिल्में अपने शवाब पर थीं. एक्शन की बयार कमजोर होने लगी थी और रोमांस ने रफ्तार पकड़ ली थी. शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे हैंडसम हीरोज ने पर्दे पर रोमांस की लहर ला दी थी. इसी दौर में साल 1996 में एक सिनेमा का धाकड़ कलाकार दिल्ली में एक शो चलाता था. थियेटर में चलने वाले शो में अपनी लेखनी से लेकर अभिनय और कलाकारी का दिलचस्प मुजस्समा पेश करने वाला ये कलाकार था तो बेहद जहीन, लेकिन बुरी आदतों ने सारी कलाकारी को जकड़ रखा था. सिनेमा और अभिनय का ये सितारा अपनी समानान्तर दुनिया में खोया खूब कहानियां बुनता और रात होते ही शराब की बोतल खुल जाती. रात भर शराब और सिगरेट चलती और लड़खड़ाते घर पहुंच जाते. अगली सुबह फिर वही शुरुआत और पलक झपकते 10 साल बीत गए. उम्र ढलने लगी और जवानी भी अलविदा कहने की कगार पर आ गई, फिर जन्म हुआ एक जिम्मेदार फैमिलीमैन का. जब ये कलाकार फैमिलीमैन के किरदार में आया तो पूरी कायनात पलट गई. इनके लिखे गानों ने युवाओं में जोश की लहर भर दी और इनके अभिनय ने बड़े-बड़ों के कान काट लिए. आज ये सिनेमा का सितारा किसी सुपरस्टार से कम नहीं है. इनकी एक झलक पाने के लिए ही फैन्स तरसते रहते हैं. भर्राती आवाज, गोल सा चेहरा, छोटा कद और मुंहफट अंदाज आज इनकी पर्सनालिटी पर चार लगाता है. हम बात कर रहे हैं. एक्टिंग के किंग और कला के महरथी पीयूष मिश्रा की
इनकी कहानी किसी फिल्मी हीरो से कम नहीं रही. 13 जनवरी 1963 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक समृद्ध परिवार में जन्मे पियूष मिश्रा बचपन से ही तीक्ष्ण बुद्धि के इंसान रहे हैं. साहित्य से लगाव और कला में दिलचस्पी ने बचपन में ही पियूष मिश्रा को स्कूल की भीड़ से जुदा कर दिया. 15 साल के पियूष मिश्रा को अपनी शिक्षक से ही प्यार हो गया था. उम्र बड़ी, अनुभवों ने पैर पसारे और जिंदगी की गाड़ी आगे बढ़ गई. स्कूल खत्म हुआ और ग्रेजुएशन में दाखिला लिया. इसके बाद 1983 में 'नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा' (National School of Drama) का रुख कर लिया. होशियार थे तो स्कूल में दाखिला हो गया और असल जिंदगी की फिल्मी कहानी ने रफ्तार पकड़ ली.
3 साल में खूब अभिनय सीखा और कलम को धार दी. फिर साल आया 1986 का और डिग्री पूरी हो गई. लेकिन अभिनय का कीड़ा काटता रहा. इन्ही दिनों कम्यूनिज्म विचारधार ने खूब प्रभावित किया और क्रांति की जिद पकड़ ली. स्वभाव से जिद्दी और जहन से कलाकार ऊपर से क्रांति की जिद, इन तीनों कॉम्बिनेशन ने जन्म दिया एक ऐसे कलाकार को जिसकी जिंदगी की डोर सीधा ऊपर वाला संभाल रहा था. 80 के दशक का भारत और भुखमरी गरीबी और अनन्या की खबरों से रंगे अखबरों ने पियूष मिश्रा की नींद उड़ा दी. दिनभर क्रांति जहन में लिए थियेटर में खूब काम करते और रात में शराब का सहारा लेते. दिन बीते, महीने बीते और साल बीतने लगे लेकिन रुटीन नहीं बदला
साल 1989 में किस्मत ने दरवाजा खटखटाया लेकिन ये कलाकार अपनी धुन में मस्त रहा. डायरेक्टर सूरज बड़जात्या अपनी फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लिए हीरो की तलाश में थे और पियूष मिश्रा को कास्ट करना चाहते थे. लेकिन अपनी समानान्तर दुनिया में खोये कम्यूनिस्ट पियूष मिश्रा ने इस ऑफर पर कोई ध्यान नहीं दिया. बाद में इस फिल्म में सलमान खान ने लीड रोल किया और सुपरस्टार बन गए. पियूष मिश्रा की जिंदगी भी थियेटर में बीतने लगी और साल आया 1996 का. इस साल पियूष मिश्रा ने एक शो बनाया और नाम दिया 'एन ईवनिंग विथ पियूष मिश्रा' (An Evening With Piyush Mishra). इस शो की दीवानगी मुंबई तक डायरेक्टर्स के कानों में पड़ने लगी. पियूष मिश्रा ने भी मुंबई का रुख किया और यहीं रहने लगे. यहां फिल्मों में छोटे-छोटे रोल करने लगे और लेखनी का काम संभालने लगे. साल 2003 में डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की फिल्म मकबूल (Maqbool) में पियूष मिश्रा को एक अहम किरदार निभाने का मौका मिला. लेकिन अभी भी पियूष मिश्रा की तपस्या पूरी नहीं हुई थी.
संघर्ष का समय बाकी था और जिंदगी के जोरदार अनुभवों का आना बाकी था. कई छोटी-छोटी फिल्में जैसे 'सुपर' (Super 2005), '1971', 'झूम बराबर झूम' (Jhum Barabar Jhum) में छोटे-मोटे किरदार कर काम चलता रहा. फिर साल आया 2009 का और समय ने करवट बदली. फिल्म गुलाल (Gulal) बनने का समय आया. इस फिल्म को अनुराग कश्यप डायरेक्ट कर रहे थे. अनुराग कश्यप ने पियूष मिश्रा को फिल्म के गाने लिखने और बनाने का ऑफर दिया. पियूष मिश्रा ने फिल्म के गाने लिखे और कंपोज भी कर डाले. इसके बाद जब फिल्म आई तो कमाल हो गया. पियूष मिश्रा की जिंदगी रातों-रात बदल गई. थियेटर का ये कलाकार अपनी कला की साधना में सफल हुआ और सुपरस्टार बन गया.
गुलाल फिल्म का गाना 'आरम्भ है प्रचंड' सदी का सबसे प्रचिलित गाना बन गया. नई पीढ़ी ने इनके विचारों को हाथों-हाथ लिया और आज इनकी एक झलक के लिए फैन्स बेताब रहते हैं. 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' (Gangs of wasepur) में पियूष मिश्रा के किरदार को खूब सराहना मिली. अब तक पियूष मिश्रा 50 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं. साथ ही अपना बैंड 'बल्लीमारन' चलाते हैं. जिसके शोज की टिकट हाथों-हाथ बिकती है. पियूष मिश्रा एक अल्हड़ कलाकार आज भी युवाओं के दिल में बसते हैं. (फोटो साभार- Piyush Mishra )

"दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा - 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया ...
01/03/2023

"दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा - 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया - हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है। कौन -!!!!! बिल गेट्स ने बताया: एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था.. वहां सुबह सुबह अखबार देख कर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा,पर मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखा, तो मैंने खुदरा पैसे/सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा - यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ.. बात आई-गई हो गई.. कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे।उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया...... 19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया। मैंने पूछा - क्या तुम मुझे पहचानते हो ? लड़का - हां, आप मि. बिल गेट्स हैं. गेट्स - तुम्हे याद है, कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे ? लड़का - जी हां, बिल्कुल.. ऐसा दो बार हुआ था.. गेट्स- मैं तुम्हारे उस किये हुए की कीमत अदा करना चाहता हूँ.. तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ चाहते हो, बताओ, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा.. लड़का - सर, लेकिन क्या आप को नहीं लगता कि, ऐसा कर के आप मेरे काम की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे.. गेट्स - क्यूं ..!!! लड़का - मैंने जब आपकी मदद की थी, मैं एक गरीब लड़का था, जो अखबार बेचता था.. आप मेरी मदद तब कर रहे हैं, जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं.. फिर, आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे...!!! बिल गेट्स की नजर में, वह व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था, क्योंकि--- "किसी की मदद करने के लिए, उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था ".... अमीरी पैसे से नहीं दिल से होती है दोस्तों किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का होना भी बहुत जरूरी है..

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