08/09/2025
3 साल की मासूम संग दरिंदगी क़े बाद हत्या क़े मामले में 58 दिन क़े अंदर परिवार को मिला इंसाफ...कोर्ट ने वहशी को सुनाई फांसी की सजा
📍 स्थान: जिला बांदा, उत्तर प्रदेश
👧 पीड़िता: 3 वर्षीय मासूम बच्ची
👨⚖️ अदालत: फास्ट ट्रैक कोर्ट, बांदा
🕒 3 जून 2025 – घटना का दिन..
UP में बांदा के एक गांव में 3 वर्षीय बच्ची को आरोपी सुनील निषाद ने टॉफी का लालच देकर अगवा किया था। सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। फिर बच्ची को अचेत अवस्था में मछली रखने वाले आइस बॉक्स में बंद कर जंगल में फेंक दिया।
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🕒 4–10 जून 2025 – बच्ची ICU में जिंदगी से लड़ती रही। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, फिर कानपुर रेफर किया गया। 7 दिन तक वेंटिलेटर पर रही, लेकिन 10 जून को दम तोड़ दिया।
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🕒 11–15 जून 2025 – आरोपी की गिरफ्तारी और चार्जशीट...
ग्रामीणों को आरोपी के कपड़ों पर खून के निशान दिखे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सुनील निषाद को गिरफ्तार किया। 15 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई।
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🕒 3 सितंबर 2025 – बुलडोजर कार्रवाई
प्रशासन ने आरोपी के घर को गिरा दिया। घर ग्राम सभा की जमीन पर बना था। कार्रवाई 9 घंटे चली, सामान कुर्क किया गया।
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🕒 8 सितंबर 2025 – ऐतिहासिक फैसला
बांदा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 58 दिन की सुनवाई के बाद सुनील निषाद को फांसी की सजा सुनाई।
जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कलम की निब तोड़ दी—न्याय की कठोरता का प्रतीक।
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🕯️ परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
बच्ची के परिजनों ने कहा, “अब इंसाफ की शुरुआत हुई है, असली न्याय तब होगा जब दरिंदा फांसी पर लटकाया जाएगा।”
ग्रामीणों ने कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे समाज में सख्त संदेश जाएगा।