26/04/2026
"वो तो हमारे माँ-बाप के दिए संस्कार हैं महोदय जी, वरना जवाब तो हम ऐसा देते कि अगली पीढ़ी भी याद रखती।" 🦁💯
शराफत की सीमा:
"इज़्ज़त हम सबकी करते हैं, पर इसका मतलब ये नहीं कि हम कुछ समझते नहीं। बस लहजा शराफत का है, तेवर तो आज भी वही हैं।" 😈🔥
खून और खौफ:
"खून तो आज भी वही खौलता है, बस माँ-बाप की दी हुई तहजीब हमें रोक लेती है।" ⚡👑
Short & Classy:
"तहजीब में रहो तो ही फायदा है, वरना हमारा गुस्सा झेलने की तुम्हारी औकात नहीं।" 😎🔥
DesiSwag
Personality
Aukat