11/11/2019
हम बोलें तो कहता है कि तू बोल कहा है,
दामन था मेरा चाक रफ़ू बोल रहा है !
चिंगारी जो उट्ठी है यहॉं इंक़लाब की,
ये तो नई नस्लों का लहू बोल रहा है !!
इतिहास को ये लम्हा सदा याद रहेगा
तो आबाद था आबाद रहेगा !!
एक बार फिर बुलंद कर रहा है अपने हक़ की आवाज़, ग़रीब परिवारों के बच्चे पढ न सकें इसलिये हॉस्टल की फीस सीधे 300 गुना से भी ज्यादा बढा दी गई, अब वहॉं के छात्र सडक पर हैं अपने हक़ के लिये !
हम सब भी साथ खडे हैं JNU के इस ऑंदोलन में