30/05/2026
भद्रवाह में 6 जून से शुरू होगा ‘लैवेंडर फेस्टिवल 2026’
“Lavender Goes Global” थीम के साथ होगी पर्पल रिवोल्यूशन की सफलता का उत्सव
केंद्रीय प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री एवं सीएसआईआर के उपाध्यक्ष Dr Jitendra Singh 6 और 7 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह स्थित गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (GDC) में आयोजित होने वाले चौथे “लैवेंडर फेस्टिवल 2026” का उद्घाटन करेंगे। इस महोत्सव का आयोजन CSIR-Indian Institute of Integrative Medicine द्वारा किया जा रहा है।
Dr Zabeer Ahmed ने संस्थान परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष फेस्टिवल की थीम “Lavender Goes Global” रखी गई है, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में “पर्पल रिवोल्यूशन” और लैवेंडर आधारित ग्रामीण उद्यमिता की निरंतर सफलता का उत्सव मनाना है।
उन्होंने बताया कि CSIR के “अरोमा मिशन” के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। यह मिशन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से 5,000 से अधिक किसानों और युवा उद्यमियों को लैवेंडर की खेती, गुणवत्ता युक्त पौध सामग्री, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में सहायता प्रदान की गई है।
डॉ. अहमद ने बताया कि मिशन के तीन चरणों के दौरान जम्मू-कश्मीर में 50 से अधिक स्थायी और मोबाइल डिस्टिलेशन यूनिट्स स्थापित की गईं, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर लैवेंडर प्रोसेसिंग की सुविधा मिली और उनकी आय में वृद्धि हुई।
उन्होंने कहा कि भद्रवाह आज “पर्पल रिवोल्यूशन” का प्रमुख केंद्र बन चुका है और लैवेंडर फेस्टिवल राष्ट्रीय स्तर का ऐसा मंच बन गया है, जहां हिमालयी क्षेत्रों में विज्ञान आधारित कृषि और ग्रामीण उद्यमिता के सफल मॉडल को प्रस्तुत किया जाता है।
फेस्टिवल में देशभर से वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स, अरोमा एवं फ्रेगरेंस उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, उद्यमी, नीति-निर्माता, कृषि व्यवसाय विशेषज्ञ, विद्यार्थी और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम में स्टार्टअप प्रदर्शनी, लाइव डेमो, बायर-सेलर मीट, तकनीकी सत्र, किसान-उद्योग नेटवर्किंग और लैवेंडर आधारित वैल्यू एडेड उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
डॉ. अहमद ने बताया कि CSIR-IIIM ने जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी लैवेंडर खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके परिणामस्वरूप हजारों किसान और युवा उद्यमी लाभान्वित हुए हैं, जबकि महिलाओं द्वारा संचालित कई नए स्टार्टअप भी सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मुंबई स्थित सीएसआईआर इनोवेशन कॉम्प्लेक्स में आयोजित अरोमा बायर-सेलर मीट में देश की प्रमुख परफ्यूम और अरोमा कंपनियों ने जम्मू-कश्मीर के किसानों और उद्यमियों से सीधे संवाद किया। इससे क्षेत्र में अरोमा आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद मिली है।
लैवेंडर फेस्टिवल 2026 के दौरान आवश्यक तेल, हर्बल वेलनेस, फ्लोरीकल्चर, ऑर्गेनिक उत्पाद, कॉस्मेटिक्स और अरोमा टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही लैवेंडर खेती, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, एसेंशियल ऑयल एक्सट्रैक्शन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात संभावनाओं पर विशेष तकनीकी चर्चाएं भी आयोजित होंगी।
डॉ. ज़बीर अहमद ने किसानों, छात्रों, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और मीडिया से बड़ी संख्या में फेस्टिवल में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल लैवेंडर खेती का उत्सव नहीं, बल्कि हिमालयी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विज्ञान आधारित कृषि और उद्यमिता के माध्यम से बदलने का एक बड़ा आंदोलन है।